मोहम्मद हामिद अंसारी

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मोहम्मद हामिद अंसारी (जन्म १ अप्रैल १९३४), भारत के उपराष्ट्रपति थे। वे भारतीय अल्पसंख्यक आयोग के भूतपूर्व अध्यक्ष भी हैं।[1] वे एक शिक्षाविद, तथा प्रमुख राजनेता हैं, एवं अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उपकुलपति भी रह चुके हैं। वे 10 अगस्त 2007 को भारत के 13वें उपराष्ट्रपति चुने गये।

प्रारंभिक जीवन एवं कैरियर[संपादित करें]

श्री अंसारी का जन्म पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 1 अप्रैल 1937 को हुआ था। उनकी शिक्षा-दीक्षा सेंट एडवर्डस हाई-स्कूल शिमला, सेंट जेवियर्स महाविद्यालय कोलकाता और अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हुई।

श्री अंसारी ने अपने कैरियर की शुरुआत भारतीय विदेश सेवा के एक नौकरशाह के रूप में 1961 में की थी जब उन्हें संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया था। वे आस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त भी रहे। बाद में उन्होंने अफगानिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, तथा ईरान में भारत के राजदूत के तौर पर भी काम किय। 1984 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।[2]. वे मई सन 2000 से मार्च 2004 तक अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उपकुलपति भी रहे। उन्हें सन गुजरत दंगों के पीड़ितों को मुआवजा दिलाने और सदभाव्ना के लिए उनकी भूमिका के लिए भी सराहा जाता है।[3]

अल्पसंख्यक आयोग में उनका कार्य[संपादित करें]

नहीं बल्कि दूसरे अल्पसंख्यक जैसे इसाई, सिख, पारसी आदि के लिए भी सक्रिय रहे। उन्होंने पारम्परिक धार्मिक शिक्षा के स्थान पर आधुनिक शिक्षा पर ज़ोर दिया। वे आधुनिकरन और उदारवाद के समर्थक रहे।

2007 के उपराष्ट्रपति चुनाव[संपादित करें]

2007 के उपराष्ट्रपति चुनाव में मोहम्मद हामिद अंसारी को जीत हासिल हुई। 2012 में उनके कार्यकाल को पाँच साल के बढ़ा दिया गया। 2017 के अगस्त माह की 10 तारीख को उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है तथा यह दायित्व के लिए उनकी जगह श्री मान एम. वेंकैया नायडू संभालेंगे।

उक्तियाँ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]