2002 की गुजरात हिंसा

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2002 गुजरात हिंसा
Ahmedabad riots1.jpg
फ़रवरी और मार्च 2002 में घरों और दुकानों को सांप्रदायिक भीड़ूँ की लगाई आग के धुओं से भरा अहमदाबाद का आसमान
तिथी 27 फ़रवरी 2002 (2002-02-27)
Mid-June 2002
जगह गुजरात, भारत
कारण गोधरा ट्रेन हमला
आहत
790 मुस्लिम[1] 254 हिंदू[1]

2002 की गुजरात हिंसा भारत के गुजरात राज्य में फ़रवरी और मार्च 2002 में होने वाले सांप्रदायिक हत्याकांड तब शुरू हुआ जब 27 फ़रवरी 2002 को गोधरा स्टेशन पर साबरमती ट्रेन में आग से अयुध्या से लौट रहे हिन्दुत्व से जुड़े 59 हिंदु मारे गए। यह घटना स्टेशन पर किसी मुसलमान रहने वाले के साथ कारसेवकों के झगड़े के बाद घटी बताई जाती है। कहा जाता है कि मुसलमान एक ग्रुप ने ट्रेन के विषेश डिब्बे को निशाना बनाकर आग लगाई।[2][3][4][5] यह गुजरात में मुसलमानों के ख़िलाफ़ एकतरफ़ा हिंसा का माहौल बन गया। इसमें लगभग 790 मुसलमानों एवं 254 हिन्दुओं की बेरहमी से हत्या की गई या ज़िन्दा जला दिया गया। बहुत सी मुसलमान औरतों के साथ ज़बर ज़िनाह किया गया। हज़ारों मुसलमान बेघर और बेरोज़गार हुए।

इन कत्ल और साड़फूक को रोकने लिए पुलिस ने दरशक की भूमिका इख्तियार कर ली थी। इस समय गुजरात के मुख्य मंत्री नरेन्द्र मोदी थे और केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में चल रही सरकार के प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे।

संदर्भ[संपादित करें]

  1. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; 790_254_humans नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  2. India Godhra train blaze verdict: 31 convicted BBC News, 22 February 2011.
  3. [1] The Hindu — March 6, 2011
  4. The Godhra conspiracy as Justice Nanavati saw it The Times of India, 28 September 2008. Archived 21 February 2012.
  5. Godhra case: 31 guilty; court confirms conspiracy rediff.com, 22 February 2011 19:26 IST. Sheela Bhatt, Ahmedabad.