कौशी अनुक्रम

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(a) कौशी अनुक्रम का आरेख (x_n), जहाँ x_n बनाम n है और नीले रंग में प्रदर्शित किया गया है।
(b) एक अनुक्रम जो कौशी नहीं है। अनुक्रम के अयवय अनुक्रम के अनुसार एक दूसरे के संवृत आने में अक्षम हैं।

गणित में कौशी अनुक्रम जिसे ऑगस्टिन लुइस कौशी के नाम सम्मान में नामित किया गया एक अनुक्रम है जिसके अवयव एक अनुक्रम प्रक्रिया के रूप में एक दूसरे के यादृच्छिक संवृत वर्ग में होते हैं।

वास्तविक संख्याओं में[संपादित करें]

वास्तविक संख्याओं का एक अनुक्रम

x_1, x_2, x_3, \ldots

कौशी अनुक्रम कहलाता है, यदि प्रत्येक धनात्मक वास्तविक संख्या ε के लिए, यहाँ एक धनात्मक पूर्णांक N इस तरह है कि सभी प्राकृतिक संख्याओं m, n > N के लिए

|x_m - x_n| < \varepsilon,

जहाँ ऊर्ध्व रेखाएं इसके निरपेक्ष मान निरुपित करती हैं। इसी प्रकार परिमेय व सम्मिश्र संख्याओं का कौशी अनुक्रम परिभाषित किया जा सकता है। कौशी द्वारा सूत्रिकृत किया गया कि सभी अनन्त m, n के प्रत्येक युग्म के लिए x_m - x_n अत्यणु (शून्य की और) अग्रषर हो।

दूरीक समष्टि में[संपादित करें]

किसी दूरीक समष्टि X में कौशी अनुक्रम परिभाषित करने के लिए निरपेक्ष मान |x_m - x_n| को x_m और x_n के मध्य दूरी d(x_m, x_n) द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है (जहाँ d : X × XR कुछ विशिष्ट गुणधर्मों सहित, देखें दूरीक)।

सामन्यतः दूरीक समष्‍टि (X, d) अनुक्रम

x_1, x_2, x_3, \ldots

एक कौशी अनुक्रम है यदि प्रत्येक धन वास्तविक संख्या ε > 0 के लिए एक धनात्मक पूर्णांक N इस प्रकार है कि सभी धन पूर्णांकों m,n > N के लिए दूरी निम्न है

d(x_m, x_n) < \varepsilon.

सन्दर्भ[संपादित करें]