कौशी समाकल सूत्र

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गणित में, कौशी समाकल सूत्र (cauchy's Integral formula) सम्मिश्र विश्‍लेषण में महत्वपूर्ण सूत्र है। इसका नाम ऑगस्टिन लुइस कौशी के नाम पर किया गया है।

इसके अनुसार किसी चकती पर परिभषित होलोमार्फिक फलन को चकती की सीमा पर इसके मान से पूर्णतया ज्ञात किया जा सकता है और यह सभी होलोमार्फिक फलनों के अवकलनों लिए समाकल सूत्र भी प्रदान कराता है। कौशी सूत्र के अनुसार सम्मिश्र विश्लेषण में "अवकलन, समाकलन के तुल्य है"।

प्रमेय[संपादित करें]

माना U, सम्मिश्र समतल C के विवृत उपसमुच्चय है, f : UC होलोमार्फिक फलन है और बंद चकती D = { z : | zz0| ≤ r} पूर्णतया U में समाहित है। माना D की सीमा का निर्माण करने वाला वृत है। तब D के प्रत्येक आंतरिक a के लिए:

जहां कंटूर समाकलन वामावर्त दिशा में लिया गया है।

ये भी देखें[संपादित करें]

  • [[कोशी रीमान समीकरण|क

सन्दर्भ[संपादित करें]

  • Ahlfors, Lars (1979), Complex analysis (3rd संस्करण), McGraw Hill, आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-07-000657-7.
  • Hörmander, Lars (1966), An introduction to complex analysis in several variables, Van Nostrand
  • Hörmander, Lars (1983), The Analysis of Linear Partial Differential Operators I, Springer, आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 3-540-12104-8
  • Doran, Chris; Lasenby, Anthony (2003), Geometric Algebra for Physicists, Cambridge University Press, आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-521-71595-9

बाह्यसूत्र[संपादित करें]