ईटानगर

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
ईटानगर
Itanagar
Itanagar , india - panoramio.jpg
ईटानगर is located in अरुणाचल प्रदेश
ईटानगर
ईटानगर
अरुणाचल प्रदेश में स्थिति
निर्देशांक: 27°05′N 93°36′E / 27.08°N 93.60°E / 27.08; 93.60निर्देशांक: 27°05′N 93°36′E / 27.08°N 93.60°E / 27.08; 93.60
देश भारत
राज्यअरुणाचल प्रदेश
ज़िलापपुम पारे ज़िला
ऊँचाई320 मी (1,050 फीट)
जनसंख्या (2011)
 • कुल59,490
भाषा
 • प्रचलितहिन्दी, ज़ैवा, मिश्मी
समय मण्डलभारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30)
पिनकोड791111, 791112, 791113
वाहन पंजीकरणAR-01, AR-02, ARX

ईटानगर (Itanagar) भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है। प्रशासनिक दृष्टि से यह पपुम पारे ज़िले में स्थित है और दिकरोंग नदी के किनारे बसा हुआ है।[1][2][3]

विवरण[संपादित करें]

ईटानगर हिमालय की तराई में बसा हुआ है। समुद्रतल से इसकी ऊंचाई 350 मी. है। चूंकि यह अरूणाचल प्रदेश की राजधानी है, इसलिए यहां तक आने के लिए सड़कों की अच्छी व्यवस्था है। गुवाहटी और ईटानगर के नाहरलागुन के बीच हेलीकॉप्टर सेवा का भी विकल्प है। हेलीकॉप्टर के अलावा पर्यटक बसों द्वारा भी गुवाहटी से ईटानगर तक पहुंच सकते हैं। गुवाहटी से ईटानगर तक डीलक्स बसें भी चलती हैं।

इतिहास[संपादित करें]

ईटानगर का नाम ईटा दुर्ग से आया है। ईटानगर में पर्यटक ईटा किला भी देख सकते हैं। इस किले का निर्माण 14-15वीं शताब्दी में राजाओं ने किया था। इसके नाम पर ही इस नगर का नाम ईटानगर रखा गया है। पर्यटक इस किले में कई खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। अब इस किले को राजभवन के नाम से जाना जाता है और यह राज्यपाल का सरकारी आवास है।

मुख्य पर्यटन स्थल[संपादित करें]

किला[संपादित करें]

ईटा फ़ोर्ट, ईटानगर

ईटानगर में पर्यटक ईटा किला भी देख सकते हैं। इस किले का निर्माण 14-15वीं शताब्दी में किया गया था। इसके नाम पर ही इसका नाम ईटानगर रखा गया है। पर्यटक इस किले में कई खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। किले की सैर के बाद पर्यटक यहां पर पौराणिक गंगा झील भी देख सकते हैं।

पौराणिक गंगा झील[संपादित करें]

यह ईटानगर से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। झील के पास खूबसूरत जंगल भी है। यह जंगल बहुत खूबसूरत है। पर्यटक इस जंगल में सुन्दर पेड़-पौधे, वन्य जीव और फूलों के बगीचे देख सकते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों को इस झील और जंगल की सैर जरूर करनी चाहिए।

बौद्ध मंदिर[संपादित करें]

यहां पर एक खूबसूरत बौद्ध मन्दिर है। बौद्ध गुरू दलाई लामा भी इसकी यात्रा कर चुके हैं। इस मन्दिर की छत पीली है और इस मन्दिर का निर्माण तिब्बती शैली में किया गया है। इस मन्दिर की छत से पूरे ईटानगर के खूबसूरत दृश्य देखे जा सकते हैं। इस मन्दिर में एक संग्राहलय का निर्माण भी किया गया है। इसका नाम जवाहर लाल नेहरू संग्राहलय है। यहां पर पर्यटक पूरे अरूणाचल प्रदेश की झलक देख सकते हैं।

अन्य स्थल[संपादित करें]

डिरांग घाटी

इसके अलावा यहां पर लकड़ियों से बनी खूबसूरत वस्तुएं, वाद्ययंत्र, शानदार कपड़े, हस्तनिर्मित वस्तुएं और केन की बनी सुन्दर कलाकृतियों को देख सकते हैं। संग्रहालय में एक पुस्ताकलय का निर्माण भी किया गया है। इसके अलावा भी यहां पर पर्यटक कई शानदार पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं।

इन पर्यटन स्थलों में दोन्यी-पोलो विद्या भवन, विज्ञान संस्थान, इंदिरा गांधी उद्यान और अभियांत्रिकी संस्थान प्रमुख हैं।

निकटवर्ती पर्यटन स्थल[संपादित करें]

पापुम पेर

अरूणाचल प्रदेश का पापुम पेर एक खूबसूरत स्थान है। इसका मुख्यालय युपिआ में स्थित है। यह ईटानगर से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पापुम पेर हिमालय की तराई में बसा हुआ है। इस कारण पर्यटक यहां पर अनेक चोटियों को देख सकते हैं। चोटियों के अलावा पर्यटक यहां पर अनेक जंगलों, नदियों और पर्यटक स्थलों को भी देख सकते हैं।

परिचय

इसकी उत्तरी दिशा में कुरूंग कुमे, पूर्व में निचला सुबांसिरी, पश्चिम में पूर्वी कमेंग और दक्षिण में असम स्थित है। यहां पर निशी जाति के लोग रहते हैं। यह अपनी वीरता के लिए जाने जाते हैं। निशी के अलावा यहां पर मिकीर जाति भी रहती है। निशी जाति के लोग इण्डो-मंगोल प्रजाति से संबंध रखते हैं और इनकी भाषा तिब्बत-बर्मा भाषा परिवार से संबंधित है। निशी जाति के लोग फरवरी के पहले हफ्ते में अपना उत्सव भी मनाते हैं। इस उत्सव का नाम न्योकुम है। यहां पर अनेक पर्यटन स्थल भी हैं। इन पर्यटन स्थलों की यात्रा करना पर्यटकों को बहुत पसंद आता है।

पर्यटन स्थल

पापुम पेर में कई खूबसूरत पर्यटन स्थल हैं। इसके अधिकतर पर्यटन स्थल ईटानगर, दोईमुख, सिगेली और किमीन में स्थित है। इन पर्यटन स्थलों की यात्रा करने के लिए पर्यटकों को अरूणाचल प्रदेश के सरकारी कार्यालयों से परमिट लेना पड़ता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Arunachal Pradesh: Past and Present," H. G. Joshi, Mittal Publications, 2005, ISBN 9788183240000
  2. "Paths of Development in Arunachal Pradesh," Ravi S. Singh, Northern Book Centre, 2005, ISBN 9788172111830
  3. "Documents on North-East India: Arunachal Pradesh, Volume 2 of Documents on North-East India: An Exhaustive Survey, Suresh K. Sharma (editor), Mittal Publications, 2006, ISBN 9788183240888