भैरोंसिंह शेखावत

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
भैरोंसिंह शेखावत
भैरोंसिंह शेखावत

कार्यकाल
19 अगस्त 2002 – 21 जुलाई 2007
राष्ट्रपति अब्दुल कलाम
पूर्व अधिकारी कृष्णकान्त
उत्तराधिकारी मोहम्मद हमीद अन्सारी

कार्यकाल
4 दिसम्बर 1993 – 29 नवम्बर 1998
राज्यपाल बलीराम भगत
दरबार सिंह
नवरंग लाल टिबड़ेवाल (कार्यवाहक)
पूर्व अधिकारी राष्ट्रपति शासन
उत्तराधिकारी अशोक गहलोत
कार्यकाल
4 मार्च 1990 – 15 दिसम्बर 1992
राज्यपाल सुखदेव प्रसाद
मिलाप चन्द जैन (कार्यवाहक)
देबी प्रसाद चट्टोपाध्याय
स्वरूप सिंह (कार्यवाहक)
एम. चन्ना रेड्डी
पूर्व अधिकारी हरी देव जोशी
उत्तराधिकारी राष्ट्रपति शासन
कार्यकाल
22 जून 1977 – 16 फरवरी 1980
राज्यपाल रघुकुल तिलक
पूर्व अधिकारी हरी देव जोशी
उत्तराधिकारी जगन्नाथ पहाडीया

जन्म 23 अक्टूबर 1923
सीकर, ब्रिटिश राज (now भारत)
मृत्यु 15 मई 2010(2010-05-15) (उम्र 86)
जयपुर, भारत
राजनैतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी (1980–मृत्यु)
अन्य राजनैतिक
सहबद्धताएं
भारतीय जनसंघ (1977 से पहले)
जनता पार्टी (1977–1980)
जीवन संगी श्रीमति सुरज कँवर
धर्म हिन्दू

भैरोंसिंह शेखावत (२३ अक्तूबर १९२३ - १५ मई, २०१०) भारत के उपराष्ट्रपति थे। वे १९ अगस्त २००२ से २१ जुलाई २००७ तक इस पद पर रहे। वे १९७७ से १९८०, १९९० से १९९२ और १९९३ से १९९८ तक राजस्थान के मुख्यमंत्री भी रहे। वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे।

भैरोंसिंह शेखावत का जन्म तत्कालिक जयपुर रियासत के गाँव खाचरियावास में हुआ था। यह गाँव अब राजस्थान के सीकर जिले में है। इनके पिता का नाम श्री देवी सिंह शेखावत और माता का नाम श्रीमती बन्ने कँवर था। गाँव की पाठशाला में अक्षर-ज्ञान प्राप्त किया। हाई-स्कूल की शिक्षा गाँव से तीस किलोमीटर दूर जोबनेर से प्राप्त की, जहाँ पढ़ने के लिए पैदल जाना पड़ता था। हाई स्कूल करने के पश्चात जयपुर के महाराजा कॉलेज में दाखिला लिया ही था कि पिता का देहांत हो गया और परिवार के आठ प्राणियों का भरण-पोषण का भार किशोर कंधों पर आ पड़ा, फलस्वरूप हल हाथ में उठाना पड़ा। बाद में पुलिस की नौकरी भी की; पर उसमें मन नहीं रमा और त्यागपत्र देकर वापस खेती करने लगे।

स्वतंत्रता-प्राप्ति के पश्चात लोकतंत्र की स्थापना में आम नागरिक के लिए उन्नति के द्वार खोल दिए। राजस्थान में वर्ष १९५२ में विधानसभा की स्थापना हुई तो शेखावत ने भी भाग्य आजमाया और विधायक बन गए। फिर पीछे मुड़ कर नहीं देखा तथा सीढ़ी-दर-सीढ़ी चढ़ते हुए विपक्ष के नेता, मुख्यमंत्री और उपराष्ट्रपति पद तक पहुँच गए।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]