कैन्यनिंग

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कैन्यनिंग (अमेरिका में कैन्यनियरिंग के रूप में ज्ञात) का अर्थ है घाटियों में विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए घूमना जिसमें अन्य आउटडोर गतिविधियां शामिल हो सकती हैं जैसे कि चलना, स्क्रैम्ब्लिंग (ढाल पर उतरना), चढ़ाई करना, कूदना, अब्सेलिंग (रस्सी के सहारे नीचे उतरना), और/अथवा तैरना.

हालांकि किसी घाटी से हाईकिंग करते हुए नीचे उतरना जो गैर तकनीकी (केन्यन हाईकिंग) है, उसे अक्सर कैन्यनियरिंग कहा जाता है. कैन्यनिंग और कैन्यनियरिंग शब्दावली अक्सर तकनीकी अवरोहण से सम्बंधित है - जहां अब्सील (रैपल्स) और रस्सी की आवश्यकता पड़ती है, तकनीकी चढ़ाई या ढलान-चढ़ाई , तकनीकी कूद, और/या तकनीकी तैराकी.

कैन्यनिंग को अक्सर ही बीहड़ और दूरदराज के क्षेत्र में किया जाता है और इसमें अक्सर नौसंचालन, मार्ग-खोज और अन्य जंगल यात्रा कौशल की आवश्यकता होती है.

जो घाटियां कैन्यनिंग के लिए आदर्श होती हैं उनका अक्सर शैल कटाव किया जाता है, और कई ढलानों वाली संकीर्ण घाटियां बनाई जाती हैं, तथा खूबसूरत तराशी गयी दीवारों के साथ कभी-कभी शानदार झरनों का भी निर्माण किया जाता है. अधिकांश घाटियों को चूना पत्थर बलुआ पत्थर, ग्रेनाईट, या बेसाल्ट में काटा जाता है, हालांकि शैलों के अन्य प्रकार भी पाए जाते हैं. घाटियां बहुत सरल भी हो सकती हैं या बेहद मुश्किल, हालांकि इस खेल में ज़ोर आम तौर पर सौंदर्यशास्त्र तथा आनंद पर दिया जाता है ना की मात्र कठिनाई पर. कैन्यनिंग मार्गों की एक व्यापक विविधता दुनिया भर में पाई जाती है, और कैन्यनिंग का आनंद सभी उम्र वाले और कौशल के विभिन्न स्तर के लोगों द्वारा लिया जाता है.

कैन्यनिंग गियर में शामिल है चढ़ाई के औजार, स्थिर रस्सियां, हेलमेट, वेटसूट, और विशेष रूप से डिजाइन किये गए जूते, पैक, और रस्सी. जबकि इस खेल के चाहने वालों ने वर्षों से चढ़ाई, हाइकिंग और नदी यात्रा के औजारों को इस्तेमाल और अनुकूलित किया है, और जैसे-जैसे कैन्यनिंग की लोकप्रियता में बढ़ोतरी हुई उन्होंने अधिक से अधिक विशिष्ट औजारों का आविष्कार और निर्माण किया है.

विश्व में कैन्यनिंग[संपादित करें]

मिस्ट्री केन्यन, ज़िओन राष्ट्रीय उद्यान
रॉकी पर्वत में कैन्यनिंग
चित्र:Canyonalpacka.jpg
अमेरिकी दक्षिण पश्चिम रेगिस्तान में पैकक्राफ्ट के माध्यम से कैन्यनिंग.

दुनिया के अधिकांश भागों में कैन्यनिंग को पहाड़ी घाटियों में बहते पानी के साथ किया जाता है. जिन देशों में कैन्यनिंग मौजूद है उनमें शामिल हैं: अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बोस्निया और हर्ज़ेगोविना, ब्राजील, कनाडा, चिली, कोस्टा रिका, क्रोएशिया, इक्वाडोर, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, भारत, इटली, इजरायल, जापान, जॉर्डन, मॉरीशस, मैक्सिको, मोंटेनेग्रो , न्यूजीलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, रीयूनियन, स्लोवेनिया, स्पेन, स्विटजरलैंड, तुर्की, वेनेजुएला, वियतनाम और संयुक्त राज्य अमेरिका. दक्षिण अफ्रीका में कई घाटियों में कूदने या स्क्रैम्ब्लिंग की आवश्यकता होती है जिसे लूफिंग कहा जाता है. यहां तक कि हांगकांग में जहां अनेक धारा घाटियां हैं, एक समान गतिविधि जिसे स्ट्रीम या रिवर ट्रेकिंग कहा जाता है, लोकप्रिय है. जापान और ताइवान में इसे रिवर ट्रेसिंग (नदी अनुरेखण) कहा जाता है और आमतौर पर इसमें धारा के उलट यात्रा की जाती है.

संयुक्त राज्य अमेरिका में, बहते पानी के साथ पहाड़ों की ढाल वाली घाटियों को कभी-कभी कैन्यनिंग कहा जाता है, हालांकि शब्द "कैन्यनियरिंग" अधिक आम है. संयुक्त राज्य अमेरिका में अधिकांश कैन्यनियरिंग बलुआ पत्थर में निर्मित कई खंड घाटियों में होता है जिसे कोलोराडो पठार में पाया जाता है. कोलोराडो पठार के बाहर, सैन गैब्रिअल, सिएरा नेवादा, कास्केड और रॉकी पर्वतमाला में कैन्यनिंग के कई अवसर उपलब्ध होते हैं. ब्रिटेन में हाल के वर्षों में कैन्यनिंग को अधिक लोकप्रियता मिली है. ब्रिटेन के सभी हिस्सों में से स्कॉटलैंड, और वेल्स को इस गतिविधि के लिए सबसे बेहतर माना जाता है. वेल्श भाषा में कैन्यनिंग को "सेर्देद स्युनेंत" कहा जाता है.

खतरे[संपादित करें]

कैन्यनिंग खतरनाक हो सकती है. घाटी के दोनों तरफ से बाहर निकलना अक्सर असंभव होता है, और यात्रा को पूरा करना ही एकमात्र संभावना होती है. कई घाटियों की एकांत अवस्थिति और कठिन पहुंच के कारण, बचाव में कई घंटे या कई दिनों की देरी हो सकती है.

उच्च जल प्रवाह / जलगति विज्ञान[संपादित करें]

पर्याप्त जल प्रवाह वाली घाटियां खतरनाक हो सकती हैं और सुरक्षित यात्रा के लिए रस्सी की विशेष तकनीक की आवश्यकता होती है. जलगति विज्ञान, अंतर्धारा, और चलनी (या छलनी ) बहती घाटियों में होती है और वह घाटी के यात्री को फंसा सकती है. ज़िओन राष्ट्रीय उद्यान, ऊटा, संयुक्त राज्य अमेरिका में 1993 में हुई एक दुर्घटना हुई, जिसमें युवा समूह के दो नेता घाटी के शक्तिशाली जल में डूब गए (और बाद के मुकदमें) ने इस खेल को कुख्यात किया. [1]

आकस्मिक बाढ़[संपादित करें]

कई कैन्यनिंग यात्राओं में आकस्मिक बाढ़ एक संभावित खतरा है. अत्यधिक बारिश के कारण एक घाटी की नदी में "उफान" आ जाता है क्योंकि अपवाहें तीव्र गति से घाटी को भरने लगती हैं जिससे जल के स्तर में वृद्धि हो जाती है. घाटियों में बहने वाली नदियां बहुत लंबी होती हैं, कभी-कभी कैनयोनर्स इस बात से भी अनजान होते हैं कि बारिश कहां और कितने किलोमीटर दूर हुई है. आसपास के क्षेत्र में उठने वाले भयंकर तूफान के कारण एक शांत या लगभग सूखी हुई घाटी प्रचंड रूप धारण कर लेती है. [2] आकस्मिक बाढ़ के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं; 1999 में एक व्यापक रूप से प्रचारित घटना जिसमें स्विट्जरलैंड की सक्सेतेंबाच घाटी में एक व्यावसायिक कैन्यनिंग साहसिक ट्रिप के दौरान 21 पर्यटक डूब गए थे.

हाइपोथर्मिया और हाइपरथर्मिया[संपादित करें]

कैन्यनिंग में तापमान से संबंधित बीमारियां भी बहुत घातक होती हैं शुष्क रेगिस्तान की घाटियों में, सूरज की तीव्र किरणों से बचने के लिए अगर जलयोजन के स्तर को कायम न रखा जाए तो ऊष्मा थकान हो सकती है. हाइपोथर्मिया पानी की अधिकता के कारण होने वाला वह गंभीर खतरा है जो किसी भी घाटी में, कभी भी , वर्ष के किसी भी समय हो सकता है. वेटसूट और ड्राईसूट काफी हद तक इस खतरे को कम कर सकते हैं लेकिन जब लोग सुरक्षित पानी की मात्रा की गणना गलत कर लेते हैं तब परस्थितियां घातक हो सकती हैं.[3] हाइपोथर्मिया, ठंडे पानी से अपर्याप्त सुरक्षा के कारण 2005 में यूटा घाटी में दो कॉलेज के छात्रों की मौत हो गई थी.[4]


रक्षक जलज गर्तिका[संपादित करें]

कुछ कैन्यनिंग, जो विशेष रूप से बलुआ पत्थर स्लॉट में किए जाते हैं वहां बड़े जलज गर्तिका से बचना भी शामिल होता है. इसे "रक्षक गड्ढे " भी कहते हैं, जहां पर पानी लगातार बहुत वेग से गिरता रहता है उसके तलछट में एक कटोरीनुमा जलज गर्तिका बन जाती है, यह इतनी गहरी होती है कि इसमें डूब जाने की संभावना होती है और चिकनाई के कारण इसकी दीवारों पर भी आसानी से चढ़ा नहीं जा सकता. कैनयोनर्स इससे बचने के लिए कई अनूठे और रचनात्मक उपकरणों का उपयोग करते हैं जिसमें चढ़ाई के समय मदद पाने के लिए हुक और भारी बैग शामिल होता है.


अत्यधिक संकीर्ण स्लॉट्स[संपादित करें]

संकीर्ण घाटियां, विशेष रूप से जो मनुष्यों से भी संकरी होती हैं, वर्तमान में यह कैनयोनर्स के लिए बहुत बड़ी बाधा है. कई बार एक कैनयोनर इस पर चढ़ने के लिए मजबूर होते हैं ( चिमनी या कम-चौड़ी तकनीक का उपयोग करते हुए) इतनी ऊंचाई तक जहां से घाटी के दोनों दीवारों पर कुशलतापूर्वक चढ़ा जा सके. इस पर चढ़ाई करने के लिए कठिन प्रयास की आवश्यकता होती है और लंबी अवधि के लिए घाटी की दीवार पर चढ़ना असुरक्षित हो सकता है. इस कार्य को पूरा करने में विफल होने पर यहां से बचाव बेहद मुश्किल है.


दीवारों के संकीर्ण कर्कर स्लॉट कैनयोनर्स पर अपघर्षक के रूप में कार्य करते हैं. इस घर्षण से कपड़े फट जाते हैं और त्वचा पर दर्दनाक घर्षण हो सकते हैं.

शिक्षा और प्रशिक्षण[संपादित करें]

जैसे-जैसे कैन्यनिंग का खेल विकसित होता जा रहा है वैसे-वैसे ज्यादा से ज्यादा लोग इस कौशल को सीखने के लिए उत्सुक हो रहे हैं. वहाँ कई प्रतिष्ठित संगठन हैं जो अब जनता को विभिन्न किस्मों की शिक्षा दे रहे हैं. अधिकतर कार्यक्रम में तीन या चार कौशल स्तर हैं. पहले स्तर में आमतौर पर बुनियादी रैपेलिंग, रस्सी का काम, नेविगेशन, गियर और कपड़ों की पहचान करना है. दूसरे स्तर पर निर्माण और रणनीति और विभिन्न प्रकार की घाटियों में उतरने का प्रशिक्षण शामिल है. तीसरे स्तर में बचाव की परिस्थितियों के साथ आत्म रक्षा और अन्य सहयोगियों को बचाने का प्रशिक्षण शामिल है. एक वैकल्पिक कोर्स में पानी के तेज बहाव वाली घाटियों में उतरने की तकनीक सिखाई जाती है.


कई संगठन जिनके वर्तमान में प्रशिक्षण कार्यक्रम है:

बाह्य लिंक[संपादित करें]

मार्गदर्शक कंपनियां

अमेरिका

http://www.360-adventures.com

यूरोप

http://www.undiscoveredalps.com

संगठनों और/अथवा संघ

अमेरिका (यूएसए)

यूरोप

एशिया

संदर्भ[संपादित करें]