अर्यमन

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अर्यमन या अर्यमा या अर्यमान प्राचीन हिन्दू धर्म के एक देवता हैं जिनका उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है। वे अदिति के तीसरे पुत्र हैं और आदित्य नामक सौर-देवताओं में से एक हैं। आकाश में आकाशगंगा उन्हीं के मार्ग का सूचक माना जाता है। हिन्दू विवाहों में वर-वधु उन्हें भी साक्षी मानकर विवाह-प्रण लेते हैं। सूर्य से सम्बन्धित इस देवता का अधिकार प्रात-रात्रि के चक्र पर माना जाता है।[1][2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. वैदिक विवाह और विवाहित जीवन, रामशरण वशिष्ठ, ... १४-२-१३--मेरी इस शुभ नारी को धाता प्रजा दे । इसे अर्यमन, मग, अश्विन, प्रजापति, सब प्रजा वाली करें। इसकी संतान बढ़े। ...
  2. हिन्दी कथा-कोष: प्राचीन हिन्दी साहित्य में व्यवहारता नामों तथा पौराणिक अंतरकथाओं का संदर्भ ग्रन्थ, धीरेन्द्र वर्मा, हिन्दुस्तानी एकेडमी, 1974, ... अर्यमन - १. एक वैदिक देवता जो विश्वदेवों में से एक हैं। २. कश्यप तथा अदिति के पुत्र पितृगण में प्रमुख हैं। ३. द्वादह आदित्यों में से एक जो वैशाख मास में उदय होते हैं और जिनकी किरणों की संख्या ३०० मानी जाती है। ...