व्हाइट मस्जिद, रामला

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निर्देशांक: 31°55′39.21″N 34°51′57.67″E / 31.9275583°N 34.8660194°E / 31.9275583; 34.8660194

व्हाइट मस्जिद
White Mosque
White t1.jpg
व्हाइट मस्जिद की मीनार
धर्म संबंधी जानकारी
सम्बद्धताइस्लाम
डिस्ट्रिक्टपुराना यरुशलम
प्रोविंसCentral District
अवस्थिति जानकारी
अवस्थितिइज़राइल रामला, इजराइल
वास्तु विवरण
वास्तुकारउमर इब्न अब्द अल-अजी़ज
प्रकारमस्जिद
शैलीउमय्यद, मामलुक
निर्माण पूर्ण720 फिर 1268
आयाम विवरण
गुंबद1
मीनारें1
मीनार ऊँचाई27 मीटर (89 फीट)

व्हाइट मस्जिद (अंग्रेज़ी: White Mosque, (इब्रानी: המסגד הלבן‎ हामिस्गद हालवन, अरबी: المسجد الأبيض‎ अ-मस्जिद अल-अबायद) रामला, इजराइल के रामला शहर में एक प्राचीन उमायाद मस्जिद है। स्थानीय इस्लामी परंपरा के अनुसार, मस्जिद के उत्तर-पश्चिमी भाग में एक प्रसिद्ध इस्लामी संत नबी सलीह की कब्र थी।[1]और इस मस्जिद की मीनार को चालीस शहीदों का मीनार भी कहा जाता है। [2][3] मुस्लिम परम्पराओं का दावा है कि सन 1467 में पैगंबर मुहम्मद के चालीस साथी मस्जिद में दफन किए गए थे, जिसने 16 वीं शताब्दी में पश्चिमी ईसाई परंपरा को गलत तरीके से प्रभावित किया [4] उनकी सोच मे सफेद मस्जिद मूल रूप से एक चर्च था जो सेबेस्ट के 40 शहीदों को समर्पित था। [5][6]


इतिहास[संपादित करें]

मस्जिद का निर्माण ख़लीफ़ा सुलेमान इब्न अब्द अल-मलिक ने 715–717 में किया था, [7] लेकिन उनके उत्तराधिकारी उमर II ने सन 720 तक इस निर्माण कार्य को पूरा किया था। [4] मस्जिद का निर्माण में संगमरमर का इस्तेमाल किया गया था, जबकि इसका आंगन अन्य स्थानीय पत्थरो से बनाए गये थे। [8] दो सौ साल बाद, अल-मुकद्दासी ने इसका वर्णन इस प्रकार किया:"अल-रामला की मुख्य मस्जिद बाजार में है, और यह दमिश्क (उमय्यद मस्जिद) की तुलना में अधिक सुंदर और सुशोभित है। इसे अल-अब्यद का सफेद मस्जिद कहा जाता है। इससे खूबसूरत मिहराब पुरे इस्लाम में कहीं नहीं पाया जाता, और इसकी उपदेश-मंच यरुशलम के बाद देखने में सबसे शानदार है; इसमें एक सुंदर मीनार भी है जिसे ख़लीफ़ा हिशम इब्न अब्द अल-मलिक द्वारा निर्मित किया गया। मैंने अपने चाचा से सुना है कि जब यह खलीफा मीनार बनाने वाला था, तो उसे बताया गया कि ईसाइयों के पास संगमरमर के स्तंभ हैं, जो उस समय रेत के नीचे दबी हुई थी, जिसे उन्होंने बाली के चर्च के लिए तैयार किया था (अबू घोष)। तत्पश्चात खलीफा हिशाम ने ईसाईयों को सूचित किया कि या तो उन्हें यह दिखाना होगा कि ये स्तंभ कहाँ रखे हैं, या कि वह लिडा (चर्च ऑफ़ सेंट जॉर्ज) के चर्च को ध्वस्त कर देंगे, और अपनी मस्जिद के निर्माण के लिए उन स्तंभों को इस्तेमाल करेंगे। इसलिए ईसाइयों ने बताया कि उन्होंने अपने स्तम्भों को कहाँ दफनाया था। वे बहुत मोटे, लंबे, और सुंदर थे। मस्जिद के ढके हुए हिस्से (या मुख्य भवन) की दीवारों को संगमरमर से और आंगन को अन्य पत्थरों के साथ सुंदरता से सजाया गया। मुख्य-भवन के द्वार साइप्रस और देवदार लकड़ी से बने हैं, जो भीतरी भागों में खुदे हुए हैं, और दिखने में बहुत सुंदर हैं। "[9]"

पुनर्निर्माण[संपादित करें]

जनवरी 1034 में एक भूकंप ने शहर के एक तिहाई हिस्से के साथ साथ, मस्जिद को "खंडहर के ढेर में तब्दील कर दिया"। 1047 में, नासिर खुसराव ने बताया कि मस्जिद का पुनर्निर्माण किया गया था। [4]

प्रारंभिक निर्माण के बाद इलियास इब्न अब्द अल्लाह ने 1190 CE में पश्चिमी बाड़े की दीवार के दूसरे चरण के नक्शा और सलाउद्दीन युसूफ इब्न अयूब (सलादीन) के लिए केंद्रीय आवास का निर्माण किया। 1267-1268 में तीसरा चरण का काम क्रूसेडर के कब्जे को समाप्त करने के बाद शुरू हुआ। ममलुक सुल्तान अल-ज़हीर बयबारों के आदेश पर इसे फिर से एक मस्जिद के रूप में स्थपित किया गया था और इसमें एक नया मंच, प्रार्थना आला और मीनार को जोड़ा गया तथा गुंबद की मरम्मत किया गया था। [1][4][10] अक्टूबर 1318 के भूकंप के बाद सुल्तान मुहम्मद अल-नासिर इब्न कलावुन ने मीनार का फिर से नवीनीकरण किया। [10]

1408 में द मैम्लुक ने मरम्मत का काम शुरू किया। [11]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Al-Abyad Mosque Archived 18 सितंबर 2013 at the वेबैक मशीन. Archnet Digital Library.
  2. Alphonse Marie L. de Prat de Lamartine (1835). A Pilgrimage to the Holy Land. A. Waldie. पृ॰ 166.
  3. François-René vicomte de Chateaubriand (1814). Travels in Greece, Palestine, Egypt, and Barbary, During the Years 1806 and 1807. Van Winkle and Wiley. पृ॰ 242.
  4. Pringle, 1993, pp. p.182-185
  5. George Robinson (1837). Travels in Palestine and Syria: In Two Volumes. Palestine. Colburn. पृ॰ 30.
  6. Katia Cytryn-Silverman (2010). "The Mamluk Minarets of Ramla". Bulletin du Centre de recherche français à Jérusalem. 21. मूल से 12 अक्तूबर 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 14 दिसंबर 2019.
  7. White Mosque Archived 2 जनवरी 2009 at the वेबैक मशीन. Encyclopædia Britannica. Encyclopædia Britannica Online. 26 Dec. 2008.
  8. al-Muqaddasi quoted in le Strange, 1890, p.305 Archived 9 अगस्त 2016 at the वेबैक मशीन..
  9. al-Muqaddasi quoted in le Strange, 1890, p.304 Archived 9 अगस्त 2016 at the वेबैक मशीन..
  10. Haifa University Archived 3 मार्च 2016 at the वेबैक मशीन. Excavation in Marcus Street Ramala; Reports and studies of the recanati Institute for maritime studies Excavations, Haifa 2007
  11. Ramla: Arab Capital of the Province of Palestine Archived 13 अक्टूबर 2019 at the वेबैक मशीन. Foreign Affairs Minister of Israel.