विश्व का आर्थिक इतिहास

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सन १००० से सन २००० के बीच महाद्वीपों के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के वितरण का परिवर्तन
विश्व के विभिन्न भागों का सकल घरेलू उत्पाद (सन् २०११ में)
बीसवीं शताब्दी में विश्व का सकल घरेलू उत्पाद

प्रागैतिहासिक काल[संपादित करें]

शिकार करना, औजार बनाना, वस्त्र तथा मकान निर्माण आदि इस काल में मानव की मुख्य आर्थिक गतिविधियाँ थीं।

कांस्य/लौह युग[संपादित करें]

मध्य काल[संपादित करें]

आधुनिक विश्व का आर्थिक इतिहास[संपादित करें]

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमरीका और सोवियत संघ मे शीत युद्ध छिड गया । ये कोइ युद्ध नही था पर इससे सारा विश्व दो केन्द्रों मे बट गया ।

शीत युद्ध के दौरान अमरीका, इंग्लैंड, जर्मनी (पश्चिम), औस्ट्एलिया, फ्रांस, कनाडा, स्पेन एक तरफ थे । ये सभी देश लोक्तंत्रिक थे और यहा पे खुली अर्थव्यवस्था की नीति को अप्नाया गया । लोगो को व्यापार कर्ने की खुली छूट थी। शयर बाज़ार मे पैसा लगाने की छूट थी । इन देशो मे काफी सरी बडी-बडी कम्पनिया बनी । इन कम्पनियो मे नयी नयी रिसर्च होती थी । विश्वविद्यालय , सूचना प्रौद्योगिकी, इंजिनियरी उद्योग, बैंक आदि स अभी क्षेत्रों मे जम के तरक्की हुई । ये सभी देश एक दूस्रे देशोँ से व्यापार को बढावा देते थे । 1945 के बाद से इन सभी देशोँ ने खूब तरक्की की ।

दूसरी तरफ रूस, चीन, म्यांमार, पूर्वी जर्मनी समेत कई और देश थे। ये वे देश थे जहाँ पर समाजवाद की अर्थनीति अपनायी गयी । यहाँ पे ज़्यादातर उद्योगो पे कडा सरकारी नियंत्रण होता था। उद्योगो से होने वाले मुनाफे पे सर्कारी हक होता था। आम तौ पे ये देश दूस्रे लोक्तंत्रिक देशो के साथ ज़्यादा व्यापर नही कर्ते थे । इस तरह की अर्थ नीति के कारण यहा के उद्योगो मे ज़्यादा प्रतिस्पर्धा नही होती थी । आम लोगो को भी मुनाफा कमाने क कोइ इंसेंटिव नही होता था । इन करणो से इन देशो मे बहुत ज़्यादा त्तरकी नही हुई । सन 3-अक्टूबर-1990 मे पूर्व जर्मनी और पश्चिम जर्मनी का विलय हुआ । सन्युक्त जर्मनी ने तरकीशुदा पश्चिमी जर्मनी की तरह खुली अर्थव्यवस्था और लोक्तंत्र को अप्नाया । फिर 1991 मे सोवियत रूस का विखंडन हुआ । रूस समेत 15 देशो का जन्म हुआ । रूस ने भी समाजवाद को छोड के खुली अर्थ्व्यवस्था को अपनाया । चीन ने समाजवाद को पूरी तरह तो नही छोडा पर 1970 के अंत से उदार नीतियो को अपनाया और अगले 3 सालोन मे बेशुमार तरकी की । चेकोसलोवाकिआ भी समाजवादी देश था । 1-जंवरी-1993 को इस्का चेक रिपब्लिक और स्लोवाकिया मे विखंडन हुआ । इ स देशो ने भी समाज्वाद छोड के लोक्तंत्र और शुली aर्थ्व्यवस्था को अपनाया ।

विश्व के आर्थिक इतिहास की प्रमुख घटनाएँ[संपादित करें]

  • 995: चीन में कागज का पहला निजी नोट जारी हुआ ।
  • 1407: यूरोप का प्रथम आधुनिक बैंक 'Casa delle compere e dei banchi di San Giorgio', स्थापित
  • 1545: बोलिविया में 'पोटोसी सिल्वर माउण्टेन' की खोज ; धातु की आपूर्ति के लिए यह वैश्विक महत्व की घटना थी।
  • 1602: एम्सटर्डम (Amsterdam) में पहला संगठित स्टॉक-एक्सचेंज शुरू
  • 1656: स्टॉकहोम बैंक ने यूरोप में पहली बार कागज के नोट जारी किए।
  • 1667: लन्दन में पहली बीमा कम्पनी (द इन्स्योरेंस आफिस) स्थापित
  • 1668: स्टॉकहोम बैंक दिवालिया हुआ ; स्वीडेन की संसद ने विश्व का प्रथम 'केन्द्रीय बैंक' स्थापित किया। इसे आजकल 'बैंक आफ स्वीडेन' के नाम से जाना जाता है।
  • 1810: नैपोलीय युद्धों के कारण अमेरिका की स्पेन के उपनिवेश उससे अलग होने शुरू हुए। स्वतंत्र राज्य अपनी स्वयं की मुद्रा जारी किए।
  • 1836-1837: इंग्लैण्ड और यूनाइटेड स्टेट्स में वित्तीय संकट
  • 1847-1848: इंग्लैण्ड और यूनाइटेड स्टेट्स में वित्तीय संकट ; उसके बाद यूरोप के अन्य देशों में भी क्रान्ति तथा वित्तीय उथल-पुथल
  • 1861: अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान यूएस ने गोल्ड स्टैण्डर्ड का परित्याग कर दिया।
  • 1873: जर्मनी रजत मानक से स्वर्ण मानक में परिवर्तित
  • 1917: रूस की क्रान्ति ; एक नए प्रकार की अर्थव्यवस्था का उदय जो केन्द्र से योजित (centrally planned) थी।
  • 1926: यूनाइटेड किंगडम की पुनः स्वर्ण मानक में वापसी ; शीघ्र ही अन्य देश भी स्वर्ण मानक को अपना लिया।
  • 1929: विश्वव्यापी महामन्दी ; अर्जेन्टीना, आस्ट्रेलिया, उरुग्वे ने स्वर्ण मानक का त्याग किया। १९३६ तक लगभग सभी स्वर्न मानक देशों ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से स्वर्ण मानक का त्याग कर दिया।
  • 1946: यूनाइटेड स्टेट्स ने फिलीपींस को स्वतंत्र कर दिया। अगले तीस वर्षों में ब्रिटेन, फ्रांस, डेनमार्क, पुर्तगाल आदि के औपनिवेशिक साम्राज्य का अन्त हो गया।
  • 1960: फ्रांस ने अपने लगभग सभी अफ्रीकी उपनिवेशों को स्वतंत्र कर दिया।
  • 2008-2009: यूएस में पैदा हुए वित्तीय संकट से विश्व अर्थव्यवस्था दशकों बाद सिकुड़ी। इससे यूएस के साथ-साथ यूरोप के देशों में भी वित्तीय संकट दिखा।
  • 2010-2011: यूरो-क्षेत्र के परिधीय देशों में ऋण-संकट

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. The World Economy: Historical Statistics, Angus Maddison
  2. Angus Maddison (2001). The World Economy: A Millennial Perspective, OECD, Paris

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

साम्राज्यवाद का इतिहास