लक्ष्मणगढ़

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लछमणगढ़
लक्ष्मणगढ
—  town  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य राजस्थान
ज़िला सीकर जिला
नगरपालिका अध्यक्ष चांदनी शर्मा
जनसंख्या 53,392 (2011 के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 222 मीटर (728 फी॰)

निर्देशांक: 27°49′21″N 75°01′31″E / 27.8225°N 75.025278°E / 27.8225; 75.025278 लक्ष्मणगढ़ भारत के राजस्थान राज्य के सीकर जिले में एक शहर है। सीकर जिले में लक्ष्मणगढ़ उप प्रभाग में उप प्रभागीय मुख्यालय है। लक्ष्मणगढ़ सीकर जिले में तहसील मुख्यालय भी है। लक्ष्मणगढ़ पंचायत समिति सीकर जिले में लक्ष्मणगढ़ पंचायत समिति का मुख्यालय भी है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग 11 के उत्तर में, सीकर से 24 किमी की दूरी पर स्थित है।

इतिहास[संपादित करें]

सीकर के राव राजा लक्ष्मण सिंह ने 1805 ई. में लक्ष्मणगढ़ किले का निर्माण करवाया था और उसने 1864 ई. में इसके चारों ओर वर्तमान लक्ष्मणगढ़ शहर की स्थापना की थी।[1]

नगर-सरकार[संपादित करें]

वर्तमान में यहाँ लोकसभा सदस्य भारतीय जनता पार्टी से स्वामी सुमेधानंद जी, विधानसभा सदस्य कांग्रेस से गोविन्द सिंह डोटासरा एवं नगरपालिका अध्यक्ष चांदनी शर्मा हैं

अर्थव्यवस्था[संपादित करें]

परिवहन[संपादित करें]

क़स्बानुमा लक्ष्मणगढ़ शहर सीकर ज़िला मुख्यालय से लगभग 24 किमी दूरी पर स्थित है। जयपुर, दिल्ली, अजमेर, कोटा और बीकानेर से यह सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा हुआ है। जयपुर यहां से क़रीब 160 किलोमीटर है, जबकि राजधानी दिल्ली क़रीब 235 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। राष्ट्रीय राजमार्ग 52 मार्ग पर स्थित लक्ष्मणगढ़ मीटर गेज रेल लाइन से जुड़ा हुआ थ लेकिन वर्तमान में ब्रोडगज का कार्य चालु है।

पर्यटन[संपादित करें]

लक्ष्मणगढ़ का किला

लक्ष्मणगढ़ का किला, चार चौक हवेली, राधिका मुरली मनोहर मंदिर, चेतराम संगनीरिया हवेली, राठी परिवार हवेली, श्योनारायण कयल हवेली और डाकनियों का मंदिर श्रद्वानाथ जी का आश्रम दर्शनीय आकर्षण हैं।

हवेलियाँ[संपादित करें]

शेखावाटी के राजपूत किलों एवं हवेलियों में बनी सुंदर फ्रेस्को पेंटिंग्स दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। इसी के चलते शेखावाटी अंचल को राजस्थान के ओपन आर्ट गैलरी की संज्ञा दी जाती है। 1830 से 1930 के दौरान व्यापारियों ने अपनी सफलता और समृद्धि को प्रमाणित करने के उद्देश्य से सुंदर एवं आकर्षक चित्रों से युक्त हवेलियों का निर्माण कराया। इनमें चार चौक हवेली, चेतराम संगनीरिया हवेली, राठी परिवार हवेली, श्योनारायण कयल हवेली, श्रद्धा नाथ जी का आश्रम आदि प्रमुख हैं। हवेलियों के रंग शानों-शौकत के प्रतीक बने। समय गुजरा तो परंपरा बन गए और अब तो विरासत का रूप धारण कर चुके हैं। कलाकारों की कल्पना जितना उड़ान भर सकती थी, वह सब इन हवेलियों की दीवारों पर आज देखने को मिलता है

होटल एवं गेस्ट हाऊस[संपादित करें]

चांदनी होटल गणपति होटल अशीष होटल

धर्म और समारोह[संपादित करें]

सभी प्रमुख हिंदू और मुस्लिम त्योहारों को मनाते हैं। प्रमुख हिंदू त्यौहारों में से कुछ हैं : होली, दीपावली, मकर संक्रांति, रक्षाबंधन, सावन, तीज और गौगा, सहकर्मी, गणगौर आदि।

भौगोलिक स्थिति[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

जीणमाता 
दानवदलन वीर हनुमान मंदिर

सन्दर्भ[संपादित करें]