बॉन त्योहार

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बानॅ[संपादित करें]

"ओबानॅ" या "बानॅ "एक जापानी बौद्ध रिवाज है जो पूर्वजों को आदर करता है। यह बौद्ध रिवाज विकसित होकर एक पारिवारिक छुट्टी हो गया है। इस दिन लोग अपने पैतृक परिवार के स्थानो जाकर वह अपने पैतृक कब्रों को स्वच्छ करते हैं। तब पैतृक आत्माओं शांति पहुँचाते हैं। यह त्योहार जापान में पाँच सो वर्ष से ज़्यादा समय से मनाया गया है और इस त्योहार में ऐक परंपरागत नृत्य भी है और उसका नाम है बानॅ-आढोरी। यह त्योहार तीन दिन के लिए होती है। मगर अलग क्षात्रों में उसकी तारीख बदलती रहती है। यहाँ तीन प्रकर के कैलेंडर है। सौर्य कैलेडर में "शिचिगातस बानॅ" यानी बानॅ सऩ् १५ जुलाई मे पूव्री जापान मे मनाया जाता है। चंद्र कैलनडर में "हकिग्तसु बानॅ" यानी इस बानॅ सऩ् १५ आगस्त में मनाया जाता है।

क्रमांकित सूची आइटम[संपादित करें]

१. मूल[संपादित करें]

२.बानॅ ओदोरी[संपादित करें]

३ जापान के बाहर समरोह[संपादित करें]

४ अजेटीना[संपादित करें]

५ कोरीया[संपादित करें]

मूल[संपादित करें]

बानॅ ओढोरी की कहानी यह है कि एक महा "मोकुरेन" जो ऐक बुध्द का शिष्य था। वह अपने अलौकिक शक्ति से अपने मृतक माँ को बचाने के लिऐ कोशिश किया था। उसको पता चल कि उसकी माँ भूखे भूत के दायरे में पड़ गई थी। इसी कारण से उसने बुध्द से जाकर ऐक उपाय पूछा। बुध्द ने कहा कि वे बौध्द भिक्षूओ को प्रस्ताव दे जो अपने ग्रीष्मकालीन निवास कतम किया था। यह प्रस्ताव सातवें महीने के पन्द़्हवें दिन किया था। इससे शिष्य का माँ पहले जैसी हो गई।

बाइणॅ ओडोरी[संपादित करें]

बानॅ ओदोरि का अथ़् है बानॅ नृत्य जो ऐक नृत्य शैली है जो ओबानॅ समारोह में किया जाता है।

अजेटिना[संपादित करें]

अजेटेना में जपानी समुदायों जब गर्मी मौसम आता है तब इस बानॅ त्योहार को मनाते है। सबसे बडा त्योहार कोलोनिया "उरक्विजा" और "ला प्लाता पारटिडो" में मनाया जाता है। इस समारोह में "तैको" शो और ठेठ नृत्य भी होता है।

कोरिया[संपादित करें]

कोरिया स्ंस्करण के हिसाब से बानॅ उत्सव को "बेजुंग" बुलाते है। प्रतिभागी इस दिन बौध्द मंदिर में विवाह के प्रस्ताव करते हैं। इस दिन विशेष नृत्य भी प्रदशन कर्ते हैं। यह त्योहार धार्मिक से ज़्यादा कृषि के बारे में है।