टोंक

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टोंक
Tonk
टोंक की राजस्थान के मानचित्र पर अवस्थिति
टोंक
टोंक
राजस्थान में स्थिति
सूचना
प्रांतदेश: टोंक ज़िला
राजस्थान
Flag of India.svg भारत
जनसंख्या (2011): 1,65,363
मुख्य भाषा(एँ): राजस्थानी, हिन्दी, उर्दू
निर्देशांक: 26°10′N 75°47′E / 26.17°N 75.78°E / 26.17; 75.78

टोंक (Tonk) भारत के राजस्थान राज्य के टोंक ज़िले में स्थित एक नगर व लोकसभा क्षेत्र है।

राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री माननीय श्री सचिन पायलट जी यहां के विधायक है | जिन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव मे वसुंधरा सरकार के नंबर 2 के मंत्री श्री यूनुस खान सहाब को भारी मतों से हराया था |

[1][2]

विवरण[संपादित करें]

यह बनास नदी के ठीक दक्षिण में स्थित है। भूतपूर्व टोंक रियासत की राजधानी रह चुके इस शहर की स्थापना 1643 में अमीर खाँ पिंडारी ने की थी और यह छोटी पर्वत श्रृंखला की ढलानों पर अवस्थित है। इसके ठीक दक्षिण में क़िला और नए बसे क्षेत्र हैं। आसपास का क्षेत्र मुख्यत: खुला और समतल है, जिसमें बिखरी हुई चट्टानी पहाड़ियाँ हैं।

यहाँ मुर्ग़ीपालन और मत्स्य पालन होता है तथा अभ्रक और बेरिलियम का खनन होता है। भूतपूर्व टोंक रियासत में राजस्थान एवं मध्य भारत के छह अलग-अलग क्षेत्र आते थे, जिन्हें पठान सरदार अमीर ख़ाँ ने 1798 से 1817 के बीच हासिल किया था। सन् 1948 में यह राजस्थान राज्य का अंग बना।


पर्यटन स्थल[संपादित करें]

टोंक का यह क्षेत्र महाभारत काल में सवादलक्ष नाम से जाना जाता था। यहाँ टोंक के इतिहास से जुड़े के प्राचीन खण्डरों से तीसरी शताब्दी के सिक्के मिले हैं।

यह रियासत काल में राजस्थान की एक मात्र मुस्लिम रियासत थी।

•••टोंक की शाही जमा मस्जिद अपने आप मे अलग इतिहास रखती है जिसकी कलाकारी और नक्काशी देखने लायक है|•••.

  • डिग्गी कल्याण मन्दिर, डिग्गी (मालपुरा) - यहाँ पर भाद्रपद सुक्ल एकादशी को विशाल मेला लगता है।
  • अरबी फारसी शोध संस्थान (टोंक) - इसकी स्थपना 4 दिसंबर 1978 को हुई और यहाँ पर विश्व की सबसे बड़ी कुरान बनाई गई है।
  • सुनहरी कोठी (टोंक) - यह टोंक में बड़े कुए के पास नज़रबाग में रतन, कांच व सोने की झाल देकर बनवाई गई। पहले इसे "शीशमहल" के नाम से जाना जाता था।
  • कल्पवृक्ष बालुन्दा (नगर दुर्ग के पास)
  • माण्डव ऋषि की तपोभूमि - इसे लघु-पुष्कर भी कहा जाता है। यह नगरदुर्ग के पास स्थित है। यहाँ पर 15 दिवसीय विशाल पशु मेला कार्तिक पूर्णिमा से लगता है।
  • श्री चामुण्डा देवी का मन्दिर नगर (मालपुरा)
  • श्री देव नारायण देव धाम जोधपुरिया निवाई बनस्थली
  • बीसलपुर बांध - यह राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा बांधहै, जो टोंक जिले की टोड़ारायसिंह तहसील के राजमहल में तीन नदियों - बनास, खारी, डाई - के संगम पर बना हुआ है। यह राजस्थान का एकमात्र कंक्रीट से बना हुआ बांध है तथा यह राजस्थान की सबसे बड़ी जल पेयजल परियजना है।
  • टोरडी सागर बांध - इस बांध के सभी गेट खोलने पर एक बूंद भी जल नहीं बचता है।
  • ककोड़ का किला - यह टोंक से 20 कि.मी. दूर NH 116 पर ककोड़ में एक उची पहाड़ी पर बना हुआ है।
  • हाथीभाटा - यह ककोड़ के पास 5 कि.मी. दूर गुमानपुरा गाव में विशाल पहाड़ी को काटकर बनाया गया हाथी है,जो पाषाण कालीन निर्मित बताया गया है।
  • चोराशी - यह टोंक जिले के पश्चिमी भाग जयपुर के दक्षिणी पश्चिमी भाग में बोली जाती है।
  • केंद्रीय भेड़ व उन अनुसंधान केंद्र - यह टोंक कि मालपुरा तहसील के अविकाकनगर में 4000 एकड़ ज़मीन पर बना हुआ है।
  • रेड - यह जगह टोंक में निवाई के पास स्थित है, इसे "प्राचीन भारत का टाटानगर" के नाम से जाना जाता है, यहां पे से आज तक का एशिया का सबसे बड़ा पंचमार्क सिक्को का भंडार मिला।
  • खातोली - इस जगह पे सरसो के बचे वेस्ट भाग से विद्युत बनाई जाती है। जिसका नाम "कल्पतरु पावर प्लांट (खातोली)"है,
  • संत पिपा कि गुफाएं (टोड़ारायसिंह)
  • हाड़ी रानी का कुंड(टोड़ारायसिंह)
  • रानीपुरा - काले हिरणों के लिए प्रसिद्ध।
  • मंदिर व गुरूद्वारा धन्ना भगत (धुआँ कला)
  • मोती सागर बांध, धुआँ कला

कृषि और खनिज[संपादित करें]

टोंक इस क्षेत्र का प्रमुख कृषि बाज़ार एवं निर्माण केंद्र है। ज्वार, गेहूं, चना, मक्का, कपास और तिलहन यहाँ की मुख्य फ़सलें हैं।

खातौली[संपादित करें]

यह गाँव टोंक की उनियारा तहसील के पास स्थित है। यहाँ पर ""विद्युत"" बनाने का प्लांट है जिसमें सरसों के नष्ट होने वाले भाग से बिजली का उत्पादन किया जाता है। इस प्रक्रिया से आस-पास के लोगों को रोजगार मिलता है।

उद्योग और व्यापार[संपादित करें]

टोंक बीड़ी, सूती वस्त्र की बुनाई, चर्मशोधन और नमदा बनाने की हस्तकला यहाँ के मुख्य उद्योग हैं। टोंक में राजस्थान की मिर्च मंडी मौजूद है। इसके अलावा यहाँ से निकलने वाली मिर्च और खरबूजे पूरे राजस्थान में प्रसिद् है |

टोंक की बीड़ी, सूती वस्त्र की बुनाई, चर्मशोधन और नमदा बनाने की हस्तकला यहाँ के मुख्य उद्योग हैं। टोंक में राजस्थान की मिर्च मंडी मौजूद है। इसके अलावा यहाँ से निकलने वाली मिर्च और खरबूजे पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध हैं।

शिक्षण संस्थान[संपादित करें]

यहाँ का कॉलेज महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय, अजमेर से सम्बध है। टोंक के निवाई स्थान में "बनस्थली विद्यापीठ" है जो महिलाओ की पूर्णतया निवासीय विश्वविद्याल है,जो महिलाओ के लिए कई प्रकार के उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम उपलब्ध कराती है। इसी स्थान पर डॉक्टर के एन मोदी विश्वविद्यालय भी है। टोंक में बी एड, बी एस सी आदि के कई कॉलेज हैं। यहां सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भी है

कुप्रथा[संपादित करें]

टोंक, अजमेर, बूँदी, भीलवाड़ा और बाराँ के देहाती क्षेत्रों में एक प्रथा "नाता" के नाम से प्रचलित है। इसके अंतरगत एक वैवाहित महिला किसी दूसरे पुरुष के साथ रहने और शारिरिक सम्बंध बना सकती है जब उसके पहले पति को मुआवज़ा की रक़म दी जाए। इन पैसों को झगड़ा कहा जाता है जो एक प्रकार से विवाह के समय हुए खर्च की भरपाई होती है।[3]

इन्हे भी देखे[संपादित करें]

टोंक का इतिहास उठा कर देखोगे तो जाने कितनी जानी मानी हस्तियों के नाम मिलेंगे उन मे से कुछ शायर होंगे तो कोई एक्टर होगा तो कोई क्रिकेटर उन मे से कुछ ये लोग

भारतीय क्रिकेट टीम मे तेज़ गेंदबाज़ खलील अहमद |

बॉलीवुड इंडस्ट्री मे एक्टर इमरान खान |


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सन्दर्भ[संपादित करें]

टोंक की नमक की चाय बहुत फेमस है |

जो की काफला बाजार मे 24 घंटे मिलजाएगी रात रात भर लोगो की महफिले जमती रहती है

  1. "Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332
  2. "Berlitz Pocket Guide Rajasthan," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990
  3. http://indiatoday.intoday.in/story/men-from-backward-communities-in-rajasthan-buy-sell-their-wives-with-impunity/1/253410.html