टोंक

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टोंक
Tonk
टोंक की राजस्थान के मानचित्र पर अवस्थिति
टोंक
टोंक
राजस्थान में स्थिति
सूचना
प्रांतदेश: टोंक ज़िला
राजस्थान
Flag of India.svg भारत
जनसंख्या (2011): 1,65,363
मुख्य भाषा(एँ): राजस्थानी, हिन्दी
निर्देशांक: 26°10′N 75°47′E / 26.17°N 75.78°E / 26.17; 75.78

टोंक (Tonk) भारत के राजस्थान राज्य के टोंक ज़िले में स्थित एक नगर व लोकसभा क्षेत्र है।[1][2]

विवरण[संपादित करें]

यह बनास नदी के ठीक दक्षिण में स्थित है। भूतपूर्व टोंक रियासत की राजधानी रह चुके इस शहर की स्थापना 1806 में अमीर खाँ पिंडारी ने की थी और यह छोटी पर्वत श्रृंखला की ढलानों पर अवस्थित है। इसके ठीक दक्षिण में क़िला और नए बसे क्षेत्र हैं। आसपास का क्षेत्र मुख्यत: खुला और समतल है, जिसमें बिखरी हुई चट्टानी पहाड़ियाँ हैं।

यहाँ मुर्ग़ीपालन और मत्स्य पालन होता है तथा अभ्रक और बेरिलियम का खनन होता है। भूतपूर्व टोंक रियासत में राजस्थान एवं मध्य भारत के छह अलग-अलग क्षेत्र आते थे, जिन्हें पठान सरदार अमीर ख़ाँ ने 1798 से 1817 के बीच हासिल किया था। सन् 1948 में यह राजस्थान राज्य का अंग बना।


पूर्व इतिहास[संपादित करें]

टोंक का यह क्षेत्र महाभारत काल में सवादलक्ष नाम से जाना जाता था। यहाँ टोंक के इतिहास से जुड़े के प्राचीन खण्डरों से तीसरी शताब्दी के सिक्के मिले हैं।

कृषि और खनिज[संपादित करें]

टोंक इस क्षेत्र का प्रमुख कृषि बाज़ार एवं निर्माण केंद्र है। ज्वार, गेहूं, चना, मक्का, कपास और तिलहन यहाँ की मुख्य फ़सलें हैं।

खातौली[संपादित करें]

यह गाँव टोंक की उनियारा तहसील के पास स्थित है। यहाँ पर ""विद्युत"" बनाने का प्लांट है जिसमें सरसों के नष्ट होने वाले भाग से बिजली का उत्पादन किया जाता है। इस प्रक्रिया से आस-पास के लोगों को रोजगार मिलता है।

उद्योग और व्यापार[संपादित करें]

सूती वस्त्र की बुनाई, चर्मशोधन और नमदा बनाने की हस्तकला यहाँ के मुख्य उद्योग हैं। टोंक में राजस्थान की मिर्च मंडी मौजूद है। इसके अलावा यहाँ से निकलने वाली मिर्च और खरबूजे पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध हैं।

शिक्षण संस्थान[संपादित करें]

यहाँ का कॉलेज महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय, अजमेर से सम्बध है। टोंक के निवाई स्थान में "बनस्थली विद्यापीठ" है जो महिलाओ की पूर्णतया निवासीय विश्वविद्याल है,जो महिलाओ के लिए कई प्रकार के उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम उपलब्ध कराती है। इसी स्थान पर डॉक्टर के एन मोदी विश्वविद्यालय भी है। टोंक में बी एड, बी एस सी आदि के कई कॉलेज हैं। यहां सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भी है

कुप्रथा[संपादित करें]

टोंक, अजमेर, बूँदी, भीलवाड़ा और बाराँ के देहाती क्षेत्रों में एक प्रथा "नाता" के नाम से प्रचलित है। इसके अंतरगत एक वैवाहित महिला किसी दूसरे पुरुष के साथ रहने और शारिरिक सम्बंध बना सकती है जब उसके पहले पति को मुआवज़ा की रक़म दी जाए। इन पैसों को झगड़ा कहा जाता है जो एक प्रकार से विवाह के समय हुए खर्च की भरपाई होती है।[3]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

  • टोंक ज़िला सबसे लोकप्रिय मंदिर देव धाम जोधपुरिया देवनारायण भगवान मंदिर है

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332
  2. "Berlitz Pocket Guide Rajasthan," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990
  3. "संग्रहीत प्रति". मूल से 27 अगस्त 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2 सितंबर 2017.