जीव विज्ञान

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Escherichia coli Tree fern
Goliath beetle Gazelle
जीवविज्ञान भांति-भांति के जीवों का अध्ययन करता है।

जीवविज्ञान प्राकृतिक विज्ञान की तीन विशाल शाखाओं में से एक है। यह विज्ञान जीव, जीवन और जीवन के प्रक्रियाओं के अध्ययन से सम्बन्धित है। इस विज्ञान में हम जीवों की संरचना, कार्यों, विकास, उद्भव, पहचान, वितरण एवं उनके वर्गीकरण के बारे में पढ़ते हैं। आधुनिक जीव विज्ञान एक बहुत विस्तृत विज्ञान है, जिसकी कई शाखाएँ हैं।

'बायलोजी' (जीवविज्ञान) शब्द का प्रयोग सबसे पहले लैमार्क और ट्रविरेनस नाम के वैज्ञानिको ने १८०१ ई० में किया।

जिन वस्तुओं की उत्पत्ति किसी विशेष अकृत्रिम जातीय प्रक्रिया के फलस्वरूप होती है, जीव कहलाती हैं। इनका एक परिमित जीवनचक्र होता है। हम सभी जीव हैं। जीवों में कुछ मौलिक प्रक्रियाऐं होती हैं:

  • पोषण : इसके अन्तर्गत सभी जीव विशेष पदार्थों के अधिग्रहण से अपने लिए ताँत्रिक ऊर्जा प्राप्त करतें हैं।
  • श्वसन : इसमें प्राणी महत्वपूर्ण गैसोँ का परिवहन करता है।
  • संवेदनशीलता : जीवोँ में वाह्य अनुक्रियाओँ के प्रति संवेदनशीलता पायी जाती है।
  • प्रजनन : यह जीवोँ में पाया जानें वाला अनोखा एँव अतिमहत्वपूर्ण प्रक्रिया है। प्रजनन से जीव अपने ही तरह की सन्तान उत्पन्न कर सकता है तथा जैविक अस्तित्व को पुष्टता प्रदान करता है।

इतिहास[संपादित करें]

रॉबर्ट हुक के अभिनव माइक्रोस्ट्रिया से उड़ान भरने का एक आरेख, 1665

शब्द जीव विज्ञान ग्रीक शब्द βίος, bios, "जीवन" और प्रत्यय -λογία, -logia, "का अध्ययन" से प्राप्त होता है। [4] [5] लैटिन भाषा के शब्द का पहला शब्द 1736 में प्रकट हुआ जब स्वीडिश वैज्ञानिक कार्ल लिनिअस (कार्ल वॉन लिन्न) ने अपनी बिब्लियोथेका बोटानिका में जीवविज्ञान का इस्तेमाल किया इसका प्रयोग 1766 में फिर से इस्तेमाल किया गया था, जिसका काम फिलोसॉफिया प्राकृतिक प्राकृतिक विज्ञान भौतिकी: टॉमस III, क्राइस्टिन वॉल्फ़ के शिष्य माइकल क्रिस्टोफ हनोव ने किया था, भूगर्भवादी, जीवविज्ञानवादी, फाइटोलॉजिस्ट जनरल के सिद्धांतों के अनुसार। पहला जर्मन प्रयोग, जीवविज्ञान, लिनिअस के काम का 1771 अनुवाद में था 17 9 7 में थियोडोर जॉर्ज अगस्त रूज ने इस पुस्तक का इस्तेमाल ग्रांडज्यूज डेर लेह्रे वैन डेर लेबेन्स्क क्राफ्ट के प्रस्ताव में किया था। कार्ल फ्रेडरिक बड़काक ने 1800 में एक संज्ञा, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य (प्रॉपडेटिक ज़ूम स्टडीयियन डेर गेसममेंट हेइलकुनस्ट) से मनुष्य के अध्ययन के एक अधिक प्रतिबंधित अर्थ में शब्द का इस्तेमाल किया। यह शब्द गॉटफ्रेड रीनहोल्ड ट्रेविरनस द्वारा छह-वॉल्यूम ग्रंथ बायोलॉजी, ओदर फिलोसॉफी डेर लेबेंडेन नेचूर (1802-22) के साथ अपने आधुनिक उपयोग में आया, जिन्होंने घोषणा की: [6]

    हमारे शोध की वस्तुओं के जीवन के विभिन्न रूपों और अभिव्यक्तियाँ, शर्तों और कानून होंगे जिनके तहत ये घटनाएं होती हैं, और जिन कारणों के माध्यम से वे प्रभावित हुए हैं विज्ञान जो इन वस्तुओं से खुद को चिंतित करता है, हम नाम जीवविज्ञान [जीवविज्ञान] या जीवन के सिद्धांत [लेबेंसेलेह्र] से इंगित करेंगे।

आधुनिक जीवविज्ञान के आधार[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]