ज़ैनुल अबीदीन अली खान
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| ज़ैनुद्दीन अली खान | |
|---|---|
| शुजा उल-मुल्क (देश का नायक) मुबारक उद्दौला (राज्य के लिए शुभ) अली जाह (उच्च पदवी वाला) फिरोज़ जंग (युद्ध विजेता) | |
| बंगाल और बिहार केन नवाब नाज़िम | |
| शासनावधि | 5 जून 1810 – 6 अगस्त 1821 |
| राज्याभिषेक | 5 जून 1810 |
| पूर्ववर्ती | बाबर अली खान |
| उत्तरवर्ती | अहमद अली खान |
| जन्म | ल॰ 1792 मुर्शिदाबाद, बंगाल, ब्रिटिश भारत |
| निधन | 6 अगस्त 1821 (आयु 28–29 वर्ष) मुर्शिदाबाद, बंगाल, ब्रिटिश भारत |
| संतान | 3 पुत्रियाँ |
| राजवंश | नाजाफ़ी |
| पिता | बाबर अली खान |
| माता | बब्बू बेगम |
| धर्म | शिया इस्लाम |
ज़ैनुद्दीन अली खान (निधन 6 अगस्त 1821) बिहार और बंगाल के नवाब थे जिन्हें अली जाह के नाम से जाना जाता है। 28 अप्रैल 1810 को उनके पिता बाबर अली खान के निधन के बाद वो बिहार के नवाब बने।[1] उनके बाद उनके सौतेले भाई अहमद अली खान नवाब बने।
जीवन
[संपादित करें]ज़ैनुद्दीन बाबर अली खान के सबसे बड़े पुत्र थे और उनकी माँ का नाम बब्बु बेगम था। उनका राज्याभिषेक 5 जून 1810 को हुआ। 6 अगस्त 1821 को उनका निधन हो गया और इस समय उनके तीन पुत्रियाँ थी जबकि कोई पुत्र नहीं था। अतः उनके बाद नवाब उनके भाई अहमद अली खान बने।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "The Nawab of Bengal [Zainuddin Ali Khan] accepts the proposal of the Company that he..." मूल से से 20 अगस्त 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 21 जून 2025.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- नवाब नाज़िम अली जाह को समर्पित वेबसाइट Archived 2016-04-06 at the वेबैक मशीन
ज़ैनुल अबीदीन अली खान जन्म: (अज्ञात) मृत्यु: 6 अगस्त 1821 | ||
| पूर्वाधिकारी बाबर अली खान |
बंगाल के नवाब 5 जून 1810 – 6 अगस्त 1821 |
उत्तराधिकारी अहमद अली खान |