अहमद अली खान
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| अहमद अली खान | |
|---|---|
| बेरानुल-मुल्क (देश के प्रशासक) इहतिशामुद-दौला (राष्ट्र का गौरव) वल्ला जाह (श्रेष्ट दर्जे का) नहबत जंग (युद्ध का आतंक) | |
| बंगाल और बिहार के नवाब नाज़िम | |
| शासनावधि | 6 अगस्त 1821 – 30 अक्टूबर 1824 |
| पूर्ववर्ती | ज़ैनुल अबीदीन अली खान |
| उत्तरवर्ती | मुबारक अली खान द्वितीय |
| जन्म | 12 जनवरी 1793 मुर्शिदाबाद, बंगाल, ब्रिटिश भारत |
| निधन | 24 अक्टूबर 1824 (उम्र 31 वर्ष) मुर्शिदाबाद, बंगाल, ब्रिटिश भारत |
| समाधि | जाफ़रगंज |
| संतान | मुबारक अली खान द्वितीय |
| राजवंश | नजाफी |
| धर्म | शिया इस्लाम |
अहमद अली खान (बंगाली: সৈয়দ আহমদ আলী খান) (निधन 30 अक्टूबर 1824) बिहार और बंगाल के नवाब थे। उन्हें वल्ला जाह अथवा मुर्शिदाबाद के अहमद अली खान के नाम से जाना जाता है। उनके भाई ज़ैनुल अबीदीन अली खान की 6 अगस्त 1821 को बिना पुत्र के मृत्यु हो गयी उसके बाद वो नवाब बने। वल्ला जाह सन् 1821 से 1824 तक बंगाल के नवाब रहे।
जीवनी
[संपादित करें]अहमद अली खान अथवा वल्ला जाह बाबर अली खान और उनकी दूसरी पत्नी के पुत्र थे। 6 अगस्त 1821 को उनके सौतेले भाई और तात्कालिक नवाब ज़ैनुल अबीदीन अली खान का निधन हो गया और इसके बाद वो नवाब बने।[1]
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- नवाब नाज़िम वल्ला जाह को समर्पित वेबसाइट Archived 2016-10-21 at the वेबैक मशीन
अहमद अली खान जन्म: (अज्ञात) मृत्यु: 30 अक्टूबर 1824 | ||
| पूर्वाधिकारी ज़ैनुल अबीदीन अली खान |
बंगाल के नवाब 6 अगस्त 1821 – 30 अक्टूबर 1824 |
उत्तराधिकारी मुबारक अली खान द्वितीय |