अशरफ अली खान
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| अशरफ अली खान | |||||
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जाफ़रगंज कब्रिस्थान में अशरफ अली खान का मकबरा। | |||||
| बंगाल और बिहार के नवाब | |||||
| शासनावधि | 10 मार्च 1770 – 24 मार्च 1770 | ||||
| राज्याभिषेक | 21 मार्च 1770 | ||||
| पूर्ववर्ती | नजाबुत अली खान | ||||
| उत्तरवर्ती | [मुबारक अली खान]] | ||||
| जन्म | ल॰ 1759 मुर्शिदाबाद, बंगाल सूबा | ||||
| निधन | 24 मार्च 1770 निमोक हराम देवढ़ी, बंगाल प्रेसीडेंसी | ||||
| समाधि | जाफ़रगंज | ||||
| संगिनी | सकीना बेगम | ||||
| संतान | शरीफ़ुद्दीन अली खान (एक पुत्र और तीन पुत्रियाँ) | ||||
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| राजवंश | नाजाफ़ी | ||||
| पिता | मीर जाफ़र | ||||
| माता | राहत उन्निशा बेगम | ||||
| धर्म | शिया इस्लाम | ||||
सैय्यद अशरफ़ अली खान बहादूर (बंगाली: আশরাফ আলী খান; जन्म 1759 – 24 मार्च 1770) बिहार और बंगाल के नवाब थे। वो मीर जाफ़र के चौथे पुत्र थे।
जीवन
[संपादित करें]वो उनकी चाची नफीसत उन्निशा बेगम साहिम (मंझली बेगम) के दत्तक पुत्र थे। 11 मार्च 1770 को उनके बड़े भाई नजाबुत अली खान की मृत्यु के बाद वो बिहार और बंगाल के नवाब नाज़िम बने।[1] औपचारिक रूप से उन्हें 21 मार्च 1770 को मुर्शिदाबाद में खहर बलिश के रूप में स्थापित किया गया।
कुछ ही दिन बाद 24 मार्च 1770 को मुर्शिदाबाद के किले में उनका चेचक से निधन हो गया।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ बर्नाड, ट्रेवर; हर्ट, एम्मा; हौलेमरे, मैरी, eds. (2024). The Oxford handbook of the Seven Years' War. ऑक्सफोर्ड हैंडबुक सिरीज. न्यूयॉर्क: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस. pp. 323–325. ISBN 978-0-19-762260-5.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]अशरफ अली खान जन्म: before 1759 मृत्यु: मार्च 24, 1770 | ||
| पूर्वाधिकारी नजाबुत अली खान |
बंगाल के नवाब 10 मार्च 1770 – 24 मार्च 1777 |
उत्तराधिकारी [मुबारक अली खान]] |