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कोशिका केन्द्रक

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कोशिका विज्ञान
केन्द्रक
कोशिकाओं के एक समूह में केन्द्रक नीली स्याही द्वारा सने हुए

कोशिका विज्ञान में केन्द्रक वनस्पतियों, प्राणियों और सुकेन्द्रक जीवों की अधिकांश कोशिकाओं में एक झिल्ली द्वारा बंद एक भाग (या कोशिकांग) होता है। सुकेन्द्रक जीवों की हर कोशिका में अधिकतर एक केन्द्रक होता है, लेकिन स्तनधारियों की लाल रक्त कोशिकाओं में कोई केन्द्रक नहीं होता और ओस्टियोक्लास्ट कोशिकाओं में कई केन्द्रक होते हैं।[1] प्राणियों के केन्द्रकों का व्यास लगभग ६ माइक्रोमीटर होता है और यह उनकी कोशिकाओं का सबसे बड़ा कोशिकांग होता है।

कोशिका केन्द्रकों में कोशिकाओं की अधिकांश आनुवंशिक सामग्री होती है, जो कई लम्बे डी॰ ऍन॰ ए॰ अणुओं में सम्मिलित होती है, जिनके रेशों कई प्रोटीनों के प्रयोग से गुण सूत्रों (क्रोमोज़ोमों) में संगठित होते हैं। इन गुण सूत्रों में उपस्थित जीन कोशिका का जीनोम होते हैं और कोशिका की प्रक्रियाओं को संचालित करते हैं। केन्द्रक इन जीनों को सुरक्षित रखता है और जीन व्यवहार संचालित करता है, यानि केन्द्रक कोशिका का नियंत्रणकक्ष होता है। पूरा केन्द्रक एक लिपिड द्विपरत की बनी झिल्ली द्वारा घिरा होता है जो केन्द्रक झिल्ली (nuclear membrane) कहलाती है और जो केन्द्रक के अन्दर की सामग्री को कोशिकाद्रव्य से पृथक रखता है। केन्द्रक के भीतर केन्द्रक आव्यूह (nuclear matrix) कहलाने वाला रेशों का ढांचा होता है जो केन्द्रक को आकार बनाए रखने के लिए यांत्रिक सहारा देता है, ठीक उसी तरह जैसे कोशिका कंकाल पूरी कोशिका को यांत्रिक सहारा देता है।[2]

केन्द्रक का इतिहास

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केंद्रक सबसे पहले खोजा गया कोशिकांग  था। सबसे पुरानी सुरक्षित व्याख्या  संभवतः शुरुआती माइक्रोस्कोपिस्ट एंटोनी वैन ल्यूवेनहॉक (1632–1723) की है। उन्होंने सैल्मन मछली की लाल रक्त कोशिकाओं में एक "ल्यूमेन" यानी केन्द्रक  देखा था। स्तनधारियों की लाल रक्त कोशिकाओं के विपरीत, अन्य कशेरुकियों  की कोशिकाओं में केन्द्रक मौजूद  होता है।

केन्द्रक  के बारे में फ्रांज़ बाउर ने 1804 में और स्कॉटिश वनस्पतिशास्त्री रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में लंदन की लिनियन सोसाइटी में एक भाषण के दौरान और विस्तार से बताया था। ब्राउन माइक्रोस्कोप के नीचे ऑर्किड का अध्ययन कर रहे थे, तभी उन्होंने फूल की बाहरी परत की कोशिकाओं में एक अपारदर्शी  हिस्सा देखा, जिसे उन्होंने "एरिओला" या "न्यूक्लियस" कहा।उन्होंने इसके किसी संभावित कार्य के बारे में नहीं बताया। [3]

इन्हें भी देखें

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सन्दर्भ

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  1. ↑ Harris, H (1999). The Birth of the Cell. New Haven: Yale University Press. ISBN 0-300-07384-4.
  2. ↑ Lodish, H; Berk A; Matsudaira P; Kaiser CA; Krieger M; Scott MP; Zipursky SL; Darnell J. (2004). Molecular Cell Biology (5th ed.). New York: WH Freeman. ISBN 0-7167-2672-6.
  3. ↑ "Cell nucleus", Wikipedia (अंग्रेज़ी भाषा में), 2026-08-10, अभिगमन तिथि: 2026-08-26