जीन व्यवहार

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
A cat with patches of orange and black fur.
इस बिल्ली की त्वचा के अलग भागों के अलग रंग उन स्थानों की कोशिकाओं में रंग से सम्बन्धित जीनों के अलग-अलग व्यवहारों के कारण है। सामूहिक रूप से इन भिन्न व्यवहारों ने इस बिल्ली को धब्बेदार बना दिया है।

कोशिका विज्ञान और अनुवांशिकी में जीन व्यवहार (gene expression) वह प्रक्रिया होती है जिसमें किसी जीन में उपस्थित सूचना के प्रयोग से किसी जीन उत्पाद का निर्माण होता है।[1] यह उत्पाद अक्सर प्रोटीन होते हैं लेकिन कुछ जीनों का कार्य अंतरण आर॰ऍन॰ए॰ (transfer RNA) की उत्पत्ति होता है।[2] विश्व के सभी ज्ञात जीवों की जीववैज्ञानिक प्रक्रियाओं के लिए जीन व्यवहार आवश्यक है। यह ज़रूरी नहीं है कि किसी जीव की जीनों में उपस्थित हर सम्भव जीन व्यवहार सक्रीय हो। कई जीन व्यवहार जीव की परिस्थितियों के आधार पर सकीय या असक्रीय होते हैं।[3] मानवों में बालों का सफ़ेद हो जाने के पीछे साधारणत जीन व्यवहार होता है, जिसमें केश श्वेत कर देने का व्यवहार किसी परिस्थिति के कारण या बढ़ती आयु में स्वयं सक्रीय हो जाता है।[4]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Structure-function studies of the RNA polymerase II elongation complex". Acta Crystallographica. Section D, Biological Crystallography 65 (Pt 2): 112–20. February 2009. doi:10.1107/S0907444908039875. PMC 2631633. PMID 19171965. 
  2. "Exporting RNA from the nucleus to the cytoplasm". Nature Reviews. Molecular Cell Biology 8 (10): 761–73. October 2007. doi:10.1038/nrm2255. PMID 17786152. 
  3. "Intranuclear trafficking: organization and assembly of regulatory machinery for combinatorial biological control". The Journal of Biological Chemistry 279 (42): 43363–6. October 2004. doi:10.1074/jbc.R400020200. PMID 15277516. 
  4. "Going grey is genetic, scientists say," Steve Connor, 1 March 2016, Independent (newspaper)