उदयपुर जिला (नेपाल)
निर्देशांक: 26°55′N 86°40′E / 26.917°N 86.667°E
उदयपुर
उदयपुर जिल्ला | |
|---|---|
| जिला | |
| देश | |
| प्रदेश | प्रदेश संख्या १ |
| जिला मुख्यालय | त्रियुगा |
| क्षेत्रफल | |
| • कुल | 2,063 kमी2 (797 वर्ग मील) |
| ऊँचाई (यह जिला समुद्र सतह से ३६० मिटर से २३१० मिटर तक ऊंचा है) | 360 से[] |
| जनसंख्या (2011) | |
| • कुल | 3,17,532 |
| समय मण्डल | नेमास (UTC+५:४५) |
| वेबसाइट | http://www.ddcudayapur.gov.np/ |
उदयपुर जिला नेपाल के प्रदेश संख्या १ के १४ जिलों में से एक जिला है। जिले का मुख्यालय त्रियुगा/गाइघाट है और जिले का कुल क्षेत्रफल २०६३ किमी² है। २०११ के जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या ३१७५३२ है। यह जिला समुद्र सतह से ३६० मीटर से २३१० मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
परिचय
[संपादित करें]उत्तर में महाभारत शृंखला से लेकर दक्षिण में चुरे (शिवालिक) पर्वतमालाओं से घिरे भित्री (अंदरूनी) मधेश क्षेत्र के अंदर उदयपुर जिला विश्व के सर्वोच्च शिखर सगरमाथा (माउंट एवरेस्ट) की गोद में अवस्थित है। यह जिला पुराने विभाजन के अनुसार नेपाल के पूर्वांचल विकास क्षेत्र के सगरमाथा अंचल में पड़ता है। पूरब में थोड़ा सिकुड़ा सा लेकिन पश्चिम की ओर फैलता गया इस जिले का क्षेत्रफल २०६३ वर्ग किलो मिटर (२०६३०० हे.) है। भू–बनावट के आधार पर पहाड़, बेशी (तलहटी), टार (पहाड़ के ऊपर मैदान की तरह फैला भू-भाग) और तराई समेत का भू–भाग समेटे हुए यह जिला क्षेत्रफल के हिसाब से नेपाल का २०वां, पूर्वांचल विकास क्षेत्र का चौथा और सगरमाथा अंचल के दूसरे स्थानों में आता है। इस जिले कि सीमाएं उत्तर में मुख्यतः भोजपुर तथा खोटाँग और ओखलढुंगा के कुछ भागों से लगता है, पश्चिम में मुख्यतः सिंधुली और धनुषा के कुछ भागों से लगता है, दक्षिण में सिराहा और सप्तरी एवं पूर्व में मुख्यतः सुनसरी और धनकुटा के कुछ भागों से लगता है। इस तरह उदयपुर की सीमाएं ९ जिलों से मिलती हैं। विषम भौगोलिक बनावट वाला यह जिला महाभारत शृंखला के अंतर्गत तेज और विकट चोटियों से भरा है, यहां फैले हुए कम घनत्व वाले छोटी-मोटी बस्तियां है। महाभारत के तलहटी से शिवालिक शृंखला के बीच में समथर फाँट हैं तो दक्षिणी सिमा के शिवालिक क्षेत्र में घने जंगल हैं। त्रियुगा नदी के किनारे शिवालिक महाभारत तरफ बीच के भित्री मधेस के फाँटों में त्रियुगा नगरपालिका त्रियुगा उपत्यका (घाटी) नाम से भी जाना जाता है। इसी नगरपालिका में अवस्थित गाईघाट (बोक्से में मुख्यालय है) की ऊंचाई समुद्र सतह से ३६० मिटर से लेकर पूरा जिला क्षेत्र २३१० मिटर ऊंचाई तक है। राष्ट्रिय जनगणना २०११ के अनुसार यहां की जनसंख्या ३ लाख १७ हजार ५३२ व्यक्ति है। पुराने विभाजन के अनुसार इस जिले में ३ संसदीय निर्वाचन क्षेत्र, ११ जिला विकास समिति इलाका, ३ नगरपालिका और ४० गांव विकास समिति हैं। उदयपुर जिला प्रचिनकाल में उदयसेन नामक राजा का शासित क्षेत्र होने के कारण उन्ही के नाम पर इस जिले का नाम उदयपुर रखा गया। इस जिले कि अपनी हि विशेषताएँ और पहचान है। नेपाल देश का सब से बड़ा सिमेन्ट उद्योग "उदयपुर सिमेन्ट उद्योग" इस जिले में होने के कारण यह इस जिले का पहचान बन गया है।
यह जिला नेपाल के मानचित्र पर २६ डिग्री २६' ३९" से २७ डिग्री १' १०" उत्तरी अक्षांस, ८६ डिग्रि ०' ९" से ८७ डिग्रि १' ०" पूर्वी देशान्तर में है। उष्ण शितोष्ण और समशितोष्ण हवा पानी वाले इस जिले का अधिक्तम तापक्रम लगभग ३८ डिग्री सेल्सीयस और न्युनतम १६ डिग्री सेल्सीयस है। बर्षा लगभग २१५२ मिलिलिटर है।
भूगोल
[संपादित करें]भू-बनावट के आधार पर इस जिले को ३ प्रकार के धरातलीय स्वरुप में बांटा जा सकता है:
पहाडी भूभाग
[संपादित करें]उत्तर में सुनकोसी नदी से लेकर दक्षिण में महाभारत के अंतिम भाग तक का क्षेत्र पहाड़ी क्षेत्र है। जिले का करिब ६०% भाग इस भू-भाग से ढका है। तकरीबन ११०० मि. से लेकर २३१० मिटर तक कि ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में लेखानी, माझखर्क (नामेटार), रौता पोखर जैसे ऊंचे पहाड़ तथा चोटी हैं।
बेसी और टार
[संपादित करें]नेपाली में तलहटी को बेसी कहते हैं तथा पहाड़ों से घिरे छोटे मैदानी क्षेत्र को टार कहते हैं। करिब ५५० मिटर से ११०० मिटर तक कि ऊंचाई वाला यह धरातलीय स्वरूप महाभारत के अंतिम भाग से लेकर दक्षिण में तराई के भू-भाग तक ढका है। जिले का करिब ९% भूभाग समेटे हुए इस क्षेत्र में नेपालटार, मुर्कुची और मैनाटार जैसे छोटे-छोटे घाटी (उपत्यका) हैं तथा बाहुनीटार, भुट्टार, हर्देनी जैसे बेसी एवं खोंच हैं।
तराई भूभाग
[संपादित करें]समुद्री सतह से ३६० मिटर से लेकर ५५० मिटर तक के ऊंचाई में अवस्थित यह भू-भाग भित्री मधेस के रूप में पहचाना जाता है। यह क्षेत्र जिले में लगभग ३१% क्षेत्र समेटे है। मुख्य रूप से त्रियुगा और तावा नदी सीमावर्ती क्षेत्र में आने वाले इस धरातलीय स्वरुप के दक्षिण भाग में चुरे पहाड हैं। यह क्षेत्र नदी कटान समस्या से ज्यादा ग्रस्त है। जिले का प्रमुख स्थान गाईघाट, कटारी और बेल्टार इसी भाग में पड़ता है।
विभाजन
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उदयपुर जिले को ४ नगरपालिका तथा ४ ग्रामपालिका में बांटा गया है।