स्‍वतंत्रता दिवस (भारत)

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
स्वतंत्रता दिवस
स्वतंत्रता दिवस
लाल क़िला पर भारत का तिरंगा
मनाने वाले Flag of India.svg भारत
प्रकार राष्ट्रीय छुट्टी
तिथि 15 अगस्त
उत्सव झंडोत्तोलन, परेड, राष्ट्रगन, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति द्वारा भाषण

१५ अगस्त १९४७ को भारत के निवासियों ने लाखों कुर्बानियाँ देकर ब्रिटिश शासन से स्‍वतंत्रता प्राप्त की थी। यह राष्ट्रीय त्यौहार भारत के गौरव का प्रतीक हैं। इसी महान दिन की याद में भारत के प्रधानमंत्री प्रत्येक वर्ष लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित करते हैं।

आज़ादी का रास्‍ता[संपादित करें]

भारतीय स्‍वतंत्रता संग्राम के अनेक अध्‍याय हैं, जो १८५७ की बगावत से लेकर जलियांवाला नर संहार तक, असहयोग आंदोलन से लेकर नमक सत्‍याग्रह तक और इसके अलावा अनेक से मिलकर बना है। भारत ने एक लंबी और कठिन यात्रा तय की जिसमें अनेक राष्‍ट्रीय और क्षेत्रीय अभियान शामिल हैं और इसमें दो मुख्‍य हथियार थे सत्‍य और अहिंसा।

हमारे आज़ादी के संघर्ष में भारत के राजनैतिक संगठनों का व्‍यापक वर्णक्रम, उनके दर्शन और अभियान शामिल हैं, जिन्‍हें केवल एक पवित्र उद्देश्‍य के लिए संगठित किया गया, ब्रिटिश उप निवेश प्राधिकार को समाप्‍त करना और एक स्‍वतंत्र राष्‍ट्र के रूप में प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ना।

१४ अगस्‍त १९४७ को सुबह ११.०० बजे संघटक सभा ने भारत की स्‍वतंत्रता का समारोह आरंभ किया, जिसे अधिकारों का हस्‍तांतरण किया गया था। जैसे ही मध्‍यरात्रि की घड़ी आई भारत ने अपनी स्‍वतंत्रता हासिल की और एक स्‍वतंत्र राष्‍ट्र बन गया। यह ऐसी घड़ी थी जब स्‍वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने नियति के साथ भेंट 'ट्रिस्‍ट विद डेस्टिनी' नामक अपना प्रसिद्ध भाषण दिया।

आज महात्‍मा गॉधी, नेताजी सुभास चंद्र बोस जैसे कई वीरों के कारण ही हमारा देश स्‍वतंत्र हो पाया है।

देश भक्ति की भावना[संपादित करें]

पूरे देश में अनूठे समर्पण और अपार देशभक्ति की भावना के साथ स्‍वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।

राष्‍ट्रपति द्वारा स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर 'राष्‍ट्र को संबोधन' दिया जाता है। इसके बाद अगले दिन दिल्‍ली में लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराया जाता है। राज्‍य स्‍तरों पर हम विशेष स्‍वतंत्रता दिवस समारोह देखते हैं, जिसमें झण्‍डा आरोहण समारोह, सलामी और सांस्‍कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ये आयोजन राज्‍य की राजधानियों में किए जाते हैं और आम तौर पर उस राज्‍य के मुख्‍य मंत्री कार्यक्रम की अध्‍यक्षता करते हैं। छोटे पैमाने पर शैक्षिक संस्‍थानों में, आवासीय संघों में, सांस्‍कृतिक केन्‍द्रों तथा राजनैतिक सभाओं में भी इनका आयोजन किया जाता है।

एक अन्‍य अत्‍यंत लोकप्रिय गतिविधि जो स्‍वतंत्रता की भावना का प्रतीक है और यह है पतंगें उड़ाना (ज़्यादातर गुजरात में)। आसमान में हज़ारों रंग बिरंगी पतंगें देखी जा सकती हैं, ये चमकदार पतंगें हर भारतीय के घर की छतों और मैदानों में देखी जा सकती हैं और ये पतंगें इस अवसर के आयोजन का अपना विशेष तरीका है।

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]