लग़मान प्रान्त

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लग़मान
لغمان / Laghman
मानचित्र जिसमें लग़मान لغمان / Laghman हाइलाइटेड है
सूचना
राजधानी : मेहतर लाम
क्षेत्रफल : ३,८४३ किमी²
जनसंख्या(२०१२):
 • घनत्व :
४,२४,१००
 ११०.४/किमी²
उपविभागों के नाम: ज़िले
उपविभागों की संख्या:
मुख्य भाषा(एँ): पश्तो, दरी फ़ारसी, पाशाई, नूरिस्तानी


लग़मान प्रान्त का एक नज़ारा

लग़मान (पश्तो: لغمان, अंग्रेजी: Laghman) अफ़्ग़ानिस्तान का एक प्रांत है जो उस देश के पूर्व में स्थित है। इस प्रान्त का क्षेत्रफल ३,८४३ वर्ग किमी है और इसकी आबादी सन् २००८ में लगभग ३.८ लाख अनुमानित की गई थी। [1] इस प्रान्त की राजधानी मेहतर लाम (مهترلام) शहर है। इस प्रान्त में पश्तून लोगों की बहुसंख्या है और वे कुल जनसँख्या का ५८% हैं। यहाँ नूरिस्तानी लोग और पाशाई लोग भी रहते हैं, और कम संख्या में फ़ारसी-भाषी ताजिक लोगों के भी समुदाय हैं। लग़मान में अरामाई भाषा में लिखी अशोक के आदेश वाली दो शिलाएँ भी मौजूद हैं।[2]

नाम[संपादित करें]

'लग़मान' में 'ग़' अक्षर के उच्चारण पर ध्यान दें क्योंकि यह बिना बिन्दु वाले 'ग' से ज़रा भिन्न है। इसका उच्चारण 'ग़लती' और 'ग़रीब' शब्दों के 'ग़' से मिलता है।

इतिहास[संपादित करें]

सिकंदर महान ने जब इस क्षेत्र पर आक्रमण किया तो इस इलाक़े का नाम 'लम्पाक' हुआ करता था।[3] सातवी सदी ईसवी में बौद्ध चीनी धर्मयात्री ह्वेन त्सांग अपने भारत-दौरे में लग़मान से गुज़रे थे और उन्होंने लिखा के यहाँ के लोग हिन्दु हैं और कम संख्या में बौद्ध भी यहाँ बसे हैं। यहाँ पर बहुत से हिन्दु मंदिर और बौद्ध धर्म की महायान शाखा के कई मठ थे।[4] बाद में यहाँ जयपाल जंजुआ के अधीन हिन्दुशाही राज रहा जिसे ग़ज़नवी राजवंश के पहले राजा सबुक तिगिन ने पराजित किया। उसके उपरान्त यहाँ इस्लामीकरण हुआ।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. The World Factbook: Afghanistan (अंग्रेज़ी), Central Intelligence Agency (सी आइ ए), Accessed 27 December 2011
  2. A sourcebook of Indian civilization, Niharranjan Ray, Brajadulal Chattopadhyaya, Orient Blackswan, 2000, ISBN 978-81-250-1871-1, ... If read in combination with another similar Asokan edict at Laghman, the above quote speaks of a royal road (karapathi, ie rajapatha) and officers entrusted with its maintenance which was considered dispensing a meritorious work ...
  3. The Aramaic Inscription of Asoka found in Lampaka, WB Henning, Bulletin of the School of Oriental and African Studies, University of London, 1949
  4. The Afghans, Willem Vogelsang, Wiley-Blackwell, 2002, ISBN 978-0-631-19841-3