रामदेव

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स्वामी रामदेव
Babaramdev.jpg
जन्म रामकृष्ण
११ जनवरी १९७१[1]
सैयद अलीपुर,क़स्बा-नांगल चौधरी, जिला-महेन्द्रगढ़, हरियाणा, भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
व्यवसाय योगी
प्रसिद्धि कारण योग, प्राणायाम व राजनीति
धार्मिक मान्यता हिन्दू

स्वामी रामदेव भारतीय योग-गुरु हैं, जिन्हें अधिकांश लोग बाबा रामदेव के नाम से जानते हैं। उन्होंने योगासनप्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। रामदेव जगह-जगह स्वयं जाकर योग-शिविरों का आयोजन करते हैं, जिनमें प्राय: हर सम्प्रदाय के लोग आते हैं। रामदेव अब तक देश-विदेश के करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से योग सिखा चुके हैं।[2] भारत से भ्रष्टाचार को मिटाने के लिये अभियान इन्होंने प्रारम्भ किया।[3]

जीवन चरित[संपादित करें]

भारत में हरियाणा राज्य के महेन्द्रगढ़ जनपद स्थित अली सैयदपुर नामक गाँव में ११ जनवरी १९७१[1] को गुलाबो देवी एवं रामनिवास यादव के घर जन्मे रामदेव का वास्तविक नाम रामकृष्ण था। समीपवर्ती गाँव शहजादपुर के सरकारी स्कूल से आठवीं कक्षा तक पढाई पूरी करने के बाद रामकृष्ण ने खानपुर गाँव के एक गुरुकुल में आचार्य प्रद्युम्नयोगाचार्य बल्देव जी से संस्कृतयोग की शिक्षा ली। योग गुरु बाबा रामदेव ने युवा अवस्था में ही सन्यास लेने का संकल्प किया और रामकृष्ण, बाबा रामदेव के नये रूप में लोकप्रिय हो गए।

स्वामी रामदेव के प्रमुख कार्य[संपादित करें]

हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट

स्वामी रामदेव ने सन् २००६ में महर्षि दयानन्द ग्राम हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के अतिरिक्त अत्याधुनिक औषधि निर्माण इकाई पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड नाम से दो सेवा प्रकल्प स्थापित किये। इन सेवा-प्रकल्पों के माध्यम से स्वामी रामदेव योग, प्राणायाम, अध्यात्म आदि के साथ-साथ वैदिक शिक्षा व आयुर्वेद का भी प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उनके प्रवचन विभिन्न टी० वी० चैनलों जैसे आस्था टीवी, आस्था इण्टरनेशनल, जी-नेटवर्क, सहारा-वन तथा इण्डिया टी०वी० पर प्रसारित होते हैं। भारत में भ्रष्टाचार और इटली एवं स्विट्ज़रलैण्ड के बैंकों में जमा लगभग ४०० लाख करोड़ रुपये के "काले धन" को स्वदेश वापस लाने की माँग करते हुए बाबा ने पूरे भारत की एक लाख किलोमीटर की यात्रा भी की। भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव जी अनवरत लड़ाई जारी है और राष्ट्र निर्माण में भी वो प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं ।[4] [5] इसके अलावा स्वामी रामदेव ने स्वच्छ भारत अभियान में भी भाग लिया। [6] इतना ही नहीं उन्होने इस अभियान के तहत हरिद्वार और तीर्थ नगरी ऋषिकेश को गोद लेने की घोषणा की।[7]

भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन[संपादित करें]

बाबा रामदेव ने जब २७ फ़रवरी २०११ को रामलीला मैदान में जनसभा की थी उस जनसभा में स्वामी अग्निवेश के साथ-साथ अन्ना हजारे भी पहुँचे थे। इसके बाद दिल्ली के जन्तर मन्तर पर ५ अप्रैल २०११ से अन्ना हजारे सत्याग्रह के साथ आमरण अनशन की घोषणा की जिसमें एक दिन के लिये बाबा रामदेव भी शामिल हुए। बाबा रामदेव ने ४ जून २०११ से दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन के साथ सत्याग्रह की घोषणा कर दी। ४ जून २०११ को प्रात: सात बजे सत्याग्रह प्रारम्भ हुआ। रात को बाबा रामदेव पांडल में बने विशालकाय मंच पर अपने सहयोगियों के साथ सो रहे थे चीख-पुकार सुनकर वे मंच से नीचे कूद पड़े और भीड में घुस गये। ५ जून २०११ को सुबह १० बजे तक बाबा को लेकर अफ़वाहों का बाजार गर्म रहा। यह सिलसिला दोपहर तब जाकर रुका जब बाबा ने हरिद्वार पहुँचने के बाद पतंजलि योगपीठ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपने बच कर निकलने की पूरी कहानी सुनाई।

सम्मान[संपादित करें]

  • बेरहामपुर विश्वविद्यालय द्वारा स्वामीजी को डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि प्रदान की गई।
  • इंडिया टुडे पत्रिका द्वारा लगातार दो वर्षों से तथा देश की अन्य शीर्ष पत्रिकाओं द्वारा रामदेव को देश के सबसे ऊँचे, असरदार व शक्तिशाली ५० प्रभावशाली लोगों की सूची में सम्मिलित किया गया।
  • एसोचैम द्वारा स्वामीजी को ग्लोबल नॉलेज मिलेनियम ऑनर सहित देश-विदेश की अनेक संस्थाओं व सरकारों ने भी प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किये हैं।
  • राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, तिरुपति, आन्ध्रप्रदेश द्वारा स्वामीजी को महामहोपाध्याय की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया।
  • ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय द्वारा योग गुरु बाबा रामदेव जी को ऑनरेरी डॉक्ट्रेट प्रदान की गयी।
  • एमिटी यूनीवर्सिटी, नोएडा ने मार्च,२०१० में डी०एससी०(ऑनर्स) प्रदान की।
  • डी०वाई०पाटिल यूनीवर्सिटी द्वारा अप्रैल २०१० में इन्हे डी०एससी०(ऑनर्स) इन योगा की उपाधि दी गयी।
  • बाबा रामदेव को जनवरी २०११ में महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकरनारायण द्वारा चन्द्रशेखरानन्द सरस्वती अवार्ड प्रदान किया गया।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. http://in.jagran.yahoo.com/news/national/general/5_1_7942145.htmlबाबा रामदेव ने भी गलत तथ्यों से बनवाया पासपोर्ट
  2. वनास मंजूषा २००९ वरिष्ठ नागरिक समाज (स्मारिका) पृष्ठ २०
  3. वनास मंजूषा २००९ वरिष्ठ नागरिक समाज (स्मारिका) पृष्ठ २१
  4. http://naidunia.jagran.com/national-modi-made-a-step-towards-hygiene-slogan-194735
  5. http://navbharattimes.indiatimes.com/india/pm-starts-clean-india-campaign/articleshow/44061199.cms
  6. http://abpnews.abplive.in/ind/2014/10/16/article421638.ece/ramdev-joins-swachh-bharat-abhiyan
  7. http://www.jagran.com/news/national-baba-ramdev-launched-the-clean-india-campaign-11705502.html
  • वनास मंजूषा प्रकाशक:वरिष्ठ नागरिक समाज (पंजीकृत) ग्रेटर नोएडा पुस्तकालय, बीटा टू ग्रेटर नोएडा २०१३१० भारत

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]