इंडिया अगेंस्ट करप्शन
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| प्रकार | अशासकीय संस्था |
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| उद्देश्य/ध्यान | भ्रष्टाचार का विरोध |
| मुख्यालय | गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश - 201010 |
| जालपृष्ठ | indiaagainstcorruption.org |
इंडिया अगेंस्ट करप्शन (भ्रष्टाचार के विरुद्ध भारत) भारत का राष्ट्र-व्यापी जन-आंदोलन है, जिसके द्वारा देश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कानून बनाने की मांग की जा रही है। कई जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता जैसे अन्ना हजारे, अरविन्द केजरीवाल, मेधा पाटेकर, किरण बेदी इत्यादि इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।
अनुक्रम |
अन्ना हजारे की भूमिका [संपादित करें]
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता, अन्ना हजारे, 5 अप्रैल, 2011 से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उनका उद्देश्य भारत सरकार को जन-लोकपाल बिल पारित करने के लिए बाध्य करना है। उनके अनशन को संपूर्ण भारत में भारी समर्थन मिल रहा है।उससे पहले पूज्य स्वामी रामदेव जी ने पुरे देश के करीब ४०० जिलों में भारत स्वाभिमान यात्रा निकल कर हजारो सभाओं के माध्यम से भ्रष्टाचार से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को समझाया, लोगों को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जागरूक किया,
5 अप्रैल, 2011 के आमरण अनशन के दोरान सरकार ने भरोसा दिया था कि सरकार आप के साथ मिल कर नया मसोदा टायर तयार करेगी. लेकिन अन्ना टीम कि कोई बात नहीं सुनी गई व सरकारी जोकपाल संसद में रखा गया जिस के कारन अन्ना को दोबारा 16.08.11 को फिर से आमरण अनशन पर जाना पड़ा जिसको इतना समर्थन मिला कि मैंने अपनी 50 साल कि जिन्दगी में नहीं देखा. 12 दिन तक रामलीला मदान में दो लाख लोग हर रोज आते रहे. जिस के कारन सरकार को दोबारा नए सिरे से जनलोकपाल लाने का वायदा किया है ये वायदा पूरा नहीं होने पर आगे भी आमरण अनशन कि सम्भावना बनी हुइ है। प्रवीण
भ्रष्टाचार के विरुद्ध वोट बैंक [संपादित करें]
इंडिया अगेंस्ट करप्शन संस्था ने एक वोट बैंक (Vote For India) प्रारंभ किया है। इस वोट बैंक के सदस्यों को शपथ दिलाई जाती है, कि वो ऐसे किसी भी राजनीतिक दल को चुनाव में वोट नहीं देंगे जो जन-लोकपाल बिल को पारित नहीं करते।
जन-लोकपाल बिल [संपादित करें]
भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित लोकपाल बिल में मौजूद खामियों को दूर करने के लिए जन लोकपाल बिल को तैयार किया गया है। जन-लोकपाल बिल के मुख्य रचयिता श्री शांति भूषण जी हैं।