सुनील छेत्री

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सुनील छेत्री (अंग्रेज़ी: Sunil Chhetri) एक नेपाली मूल के प्रसिद्ध भारतीय फुटबलर है। वह अभी आई - लीग में बँगलुर फुटबॉल क्लब के लिए खेलते हैं और इस टीम के कप्तान भी है।

सुनील छेत्री

प्रारंभिक जीवन[संपादित करें]

सुनील छेत्री का जन्म ३ अगस्त १९८४ में नेपाली माता पिता के कोख से सिकंदराबाद, आन्ध्र प्रदेश नामक स्थान पर में हुआ था।[1][2] उनकी माता और दो बहनों ने नेपाल की महिला टीम से फुटबॉल खेला था। [3] शायद यही वजह से उनकी रुचि फुटबॉल में बचपन से ही थी। उनके पिता भारतीय सेना में एक गोर्खा जवान की नौकरी करते थे और उनका स्थानान्तरण बहुत जल्दी होता था परंतु इससे सुनील को कोई फर्क नहीं पड़ा। वह तो केवल फुटबॉल के दीवाने हो चुके थे।

व्यावसायिक जीवन[संपादित करें]

सुनील छेत्री (२००८ एएफसी चैलेंजे कप)

१७ साल के आयु में सुनील ने अपना फुटबॉल जीवन दिल्ली शहर में २००१ में शुरू किया। एक साल बाद ही तुरंत उनकी प्रतिभा को मोहन बागान ने समझा और उन्हें शामिल कर लिया। उस दिन से सुनील के पेशेवर फुटबॉल जीवन का आरंभ हुआ और फिर क्या था उसने कभी पीछे मूड के कभी नहीं देखा।

सुनील ने भरतिया टीम के लिए जूनियर ओर सीनियर दोनो श्रेणियों में भी खेला है। वह अभी भारतीय टीम के कप्तान है। २००७ में उनके कम्बोडिया के विरुद्ध २ गोलों ने उन्हे मानो जैसे उन्हे एक रात में ही हीरो बाना दिया। पूरे विश्व ने उनकी प्रतिभा को देखा और उसकी सराहना की। ३ गोल एएफसी चॅलेंज कप २००८ में ताजिकिस्तान के विरुद्ध मारकर उन्होने भारत को २७ साल के बाद एशिया कप के लिए प्रवेश दिलाया।

इतनी साफलता पाने के बाद उन्हे दूसरे देशों से फुटबॉल खेलने के लिए ऑफर आने लगे। अफवाहें यह भी थी की वो इंग्लिश प्रिमियर लीग में लिए खेल सकते हैं परंतु किसी कारणवश नहीं खेल पाए। सुनील ने २०१० में कंसास सिटी के लिए मेजर लीग सॉकर यूएसए में खेलने के लिए गये। वह तीसरे भारतीय बने जो भारत के बाहर खेलने के लिए गये हों।

२०१२ में उन्होने स्पोर्टिंग क्लब डी पुर्तगाल के रिज़र्व्स टीम की तरफ से खेला। वहाँ भी उन्होने अपने अच्छे खेल से सभी के दिल को जीत लिया। स्पोर्टिंग क्लब डी पुर्तगाल के साथ अनुबंध खत्म होते ही उन्हो ने बेंगलूर फुटबॉल क्लब के साथ अनुबंध कर लिया। अभी वह इस क्लब के कप्तान है और उनके खेल से टीम अभी आई-लीग के नंबर एक के खिलाड़ी हैं।

उन्होने अभी तक इंडिया टीम की तरफ़ से ७२ मैच में ४१ गोल दाग चुके है। यह अभी तक का सर्वाधिक स्कोर है जो किसी भारतीय ने किया हो। सुनील ने भारत को २००७, २००९, २०१२ में नेहरू कप जीता रखा है और २००८ में एशिया कप के लिए क्वालीफाई भी करवाया था।

इसमें कोई शक नहीं है एक वह भारत के सबसे अच्छे खिलाड़ी है। अरूजन पुरस्कार भी सुनील जीत चुके हैं। एन डी टी वी इंडिया ने उन्हें प्लेयर ऑफ द एअर का अवॉर्ड २००७ में दिया था और तीन बार वो ऐइफा प्लेयर ऑफ द एअर का अवॉर्ड भी जीत चुके है।

ये सब पुरस्कार बताते हैं कि ऐसा कारनामा कोई आम खिलाड़ी नहीं बल्कि एक प्रतिभावान खिलाड़ी ही कर सकता है। निश्चीत रूप से सुनील छेत्री भारत का नाम फुटबॉल जगत में आगे ले जा रहे हैं।

References[संपादित करें]

  1. "Sunil Chhetri: I Love Nepal And I Am A Proud Nepali". Goal Nepal. http://www.goalnepal.com/news.php?id=५८८८. अभिगमन तिथि: १४ September २०१३. 
  2. Leander Schaerlaeckens (१० May २०१०). "Indian star's soccer journey leads to K.C.". ESPN. http://espnfc.com/feature?id=७८४७८७&cc=५९०१. अभिगमन तिथि: १९ January २०१४. 
  3. "Sunil Chhetri's mum is a former Nepali international: Interview with Sunil Chhetri". Goal Nepal. २९ April २०१०. http://www.goalnepal.com/news.php?id=२०१३. अभिगमन तिथि: १९ January २०१४.