साइमन्स (इकाई)

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साइमन्स (चिन्ह: S) विद्युत चालकता की SI व्युत्पन्न इकाई है। यह ओह्म का प्रतिलोम है। इसका नाम जर्मन वैज्ञानिक खोजक और उद्योगपति अर्न्स्ट वर्नर वान साइमन्स के नाम पर है। पूर्व में इसे ओह्म का उलटा यानि म्हो कहा जाता था। 1971 में 14वें CIPM में इसका SI व्युत्पन्न इकाई के रूप में प्रयोग अनुमोदित हुआ था।

यह SI इकाई अर्न्स्ट वर्नर वान साइमन्स के नाम पर बनी है। उन सभी SI इकाइयों की भांति ही, जिनका नाम किसी व्यक्ति-विशेष के नाम से निकला है, इसके चिन्ह का पहला अक्षर बडेक्ष अक्षरों में होगा (S)। जब एक SI इकाई को अंग्रेजी में बताया जाता है, इसे सर्वदा छोटे अक्षरों (साइमन्स) में आरम्भ किया जाना चाहिये, सिवाय जहां कोई शब्द बडेक्ष अक्षरों में होना चाहिये, जैसे कि वाक्यारम्भ में या शीर्षक में। डिग्री सेल्सियस "degree Celsius" में इस नियम का पालन होता है, जहाँ "d" छोटे अक्षरों में लिखा है।

परिभाषा[संपादित करें]

SI गुणकः साइमन्स (S)

उपगुणक गुणक
मान चिह्न नाम मान चिह्न नाम
10–1 S dS डेसीसाइमन्स 101 S daS डेकासाइमन्स
10–2 S cS सेंटीसाइमन्स 102 S hS हैक्टोसाइमन्स
10–3 S mS मिलिसाइमन्स 103 S kS किलोसाइमन्स
10–6 S µS माइक्रोसाइमन्स 106 S MS मैगासाइमन्स
10–9 S nS नैनोसाइमन्स 109 S GS गीगासाइमन्स
10–12 S pS पीकोसाइमन्स 1012 S TS टैरासाइमन्स
10–15 S fS फैम्टोसाइमन्स 1015 S PS पेटासाइमन्स
10–18 S aS अट्टोसाइमन्स 1018 S ES एक्जा़साइमन्स
10–21 S zS जै़प्टोसाइमन्स 1021 S ZS जी़टासाइमन्स
10–24 S yS योक्टोसाइमन्स 1024 S YS योट्टासाइमन्स
सामन्य गुणक मोटे अक्षरों में दिये हैं।

किसी भौतिक वस्तु हेतु, खासकर इलेक्ट्रॊनिक उपकरण, जिसका विद्युत प्रतिरोध R है, विद्युत चालकता G की परिभाषा होगी:

जहाँ I वस्तु से गुजरती विद्युत धारा है और

V वस्तु पर विद्युत विभवांतर है।

साइमन्स इकाई G चालकता के लिये, होगी:

ध्यान दें कि अन्तिम इकाई SI व्युत्पन्न इकाई में है, जहां A एम्पीयर का चिन्ह है, जो विद्युत धारा की इकाई है, kg किलोग्राम का चिन्ह है, भार की इकाई, m लम्बाई की इकाई मीटर का चिन्ह है। s समय की इकाई सैकिण्ड है, C विद्युत आवेश की इकाई कूलम्ब है; V विभवांतर की इकाई वोल्ट है; Ω विद्युत प्रतिरोध की व्युत्पन्न इकाई ओह्म का चिन्ह है।

तो किसी उपकरण जिसकी चालकता एक साइमन्स हो, विभवांतर एक वोल्ट पर; उसके द्वारा विद्युत धारा होगी एक एम्पीयर. इसके प्रत्येक अतिरिक्त वोल्ट के लिये, विद्युत धारा एक एम्पीयर ही बढे़गी।

उदाहरण: किसी चालक, जिसका प्रतिरोध छः ओह्म है; उसकी चालकता G = 1/(6 Ω) 0.167 S

म्हो[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]