शेर बहादुर देउवा
Sher Bahadur Deuba | |
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शेरबहादुर देउवा | |
Deuba in 2021 | |
| 32nd नेपाल के प्रधानमन्त्री | |
| कार्यकाल 13 July 2021 – 26 December 2022 | |
| राष्ट्रपति | विद्यादेवी भण्डारी |
| पूर्वाधिकारी | खड्ग प्रसाद शर्मा ओली |
| उत्तराधिकारी | पुष्पकमल दाहाल |
| कार्यकाल 7 June 2017 – 15 February 2018 | |
| राष्ट्रपति | विद्यादेवी भण्डारी |
| प्रतिपुरुष | विजयकुमार गच्छदार |
| पूर्वाधिकारी | पुष्पकमल दाहाल |
| उत्तराधिकारी | खड्ग प्रसाद शर्मा ओली |
| कार्यकाल 4 June 2004 – 1 February 2005 | |
| शासक | ज्ञानेन्द्र वीर विक्रम शाह देव |
| पूर्वाधिकारी | सूर्यबहादुर थापा |
| उत्तराधिकारी | गिरिजा प्रसाद कोइराला |
| कार्यकाल 26 July 2001 – 4 October 2002 | |
| शासक | ज्ञानेन्द्र वीर विक्रम शाह देव |
| पूर्वाधिकारी | गिरिजा प्रसाद कोइराला |
| उत्तराधिकारी | लोकेन्द्र बहादुर चन्द |
| कार्यकाल 12 September 1995 – 12 March 1997 | |
| शासक | बीरेंद्र बीर बिक्रम शाह देव |
| पूर्वाधिकारी | मनमोहन अधिकारी |
| उत्तराधिकारी | लोकेन्द्र बहादुर चन्द |
| Minister of Defence | |
| पदस्थ 16 December 2021 | |
| राष्ट्रपति | विद्यादेवी भण्डारी |
| पूर्वाधिकारी | मिनेन्द्रप्रसाद रिजाल |
| President of the नेपाली कांग्रेस | |
| पदस्थ 7 March 2016 | |
| पूर्वाधिकारी | सुशील कोईराला |
| Member of the Parliament, Pratinidhi Sabha | |
| कार्यकाल 4 March 2018 – 17 September 2022 | |
| पूर्वाधिकारी | Himself (as member of the Legislature Parliament) |
| चुनाव क्षेत्र | डड़ेलधुरा जिला 1 |
| Minister of Home Affairs | |
| कार्यकाल 1991–1994 | |
| शासक | बीरेंद्र बीर बिक्रम शाह देव |
| पूर्वाधिकारी | Yog Prasad Upadhyay |
| उत्तराधिकारी | खड्ग प्रसाद शर्मा ओली |
| कार्यकाल May 1991 – April 2008 | |
| पूर्वाधिकारी | Constituency created |
| उत्तराधिकारी | Himself (as member of the Constituent Assembly) |
| चुनाव क्षेत्र | डड़ेलधुरा जिला 1 |
| Member of the Constituent Assembly / Legislature Parliament | |
| कार्यकाल 28 May 2008 – 14 October 2017 | |
| पूर्वाधिकारी | Himself (as member of the House of Representatives) |
| उत्तराधिकारी | Himself (as member of the House of Representatives) |
| चुनाव क्षेत्र | डड़ेलधुरा जिला 1 |
| व्यक्तिगत जानकारी | |
| जन्म | 13 जून 1946 |
| दल | नेपाली कांग्रेस (before 2002; 2007–present) |
| पत्नी | आर्जू राणा देउबा |
| त्रिभुवन विश्वविद्यालय,लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स | |
| मंत्रिमंडल | पांचवां देउवा मंत्रिमंडल |
| हस्ताक्षर | |
| वेबसाइट | sherbahadurdeuba |
शेरबहादुर देउवा (जन्म: १३ जून १९४६)नेपाली कांग्रेस के सभापति तथा नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने नेपाल के ४०वें प्रधानमंत्री के रूप में सन् २०१७ में पद की शपथ ग्रहण की। वे इससे पूर्व भी कई बार नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। वे १९९५ से १९९७, २००१ से २००२, तथा २००४ से २००५ तक नेपाल के प्रधानमन्त्री पद पर आसीन रहे[1]। शेर बहादुर देउवा का जन्म १३ जून १९४६ को क्षत्रिय (राजपूत) समुदाय में हुआ। वर्तमान में नेपाली कांग्रेस ने विशेष अधिवेशन के माध्यम से उन्हें पद से हटा दिया है।
प्रारंभिक राजनीतिक कैरियर
[संपादित करें]देउवा ने अपने छात्र राजनीतिक जीवन की शुरुआत १९६५ में १९ वर्ष की आयु में की। उन्होंने १९६५ से १९६८ तक सुदूर-पश्चिमी छात्र समिति, काठमांडू के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। देउवा नेपाल छात्र संघ के संस्थापक सदस्य थे, जो नेपाली कांग्रेस का एक सहयोगी संगठन था। १९६० और १९७० के दशक में पंचायत व्यवस्था के खिलाफ काम करने के लिए उन्हें रुक-रुक कर नौ साल की जेल हुई। उन्होंने 1980 के दशक में नेपाली कांग्रेस की राजनीतिक सलाहकार समिति के समन्वयक के रूप में भी कार्य किया।
नेपाली कांग्रेस के विभाजन के बाद वे नेपाली कांग्रेस (प्रजातान्त्रिक) के सभापति थे। कांग्रेस के पुनर्मिलन के बाद वे अपनी पार्टी सहित नेपाली कांग्रेस में विलय हो गए। चार बार प्रधानमंत्री रह चुके नेपाली कांग्रेस के सभापति शेरबहादुर देउवा डडेलधुरा जिला क्षेत्र संख्या १ और कंचनपुर जिला क्षेत्र संख्या ४ से संविधान सभा में प्रतिनिधित्व करते हैं। वि.सं. २०४८, २०५१ और २०५६ के संसदीय चुनावों में डडेलधुरा जिला क्षेत्र संख्या १ से विजयी देउवा गृहमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वे माओवादी समस्या के समाधान के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष थे। प्रजातांत्रिक छात्र आंदोलन से राजनीति में आए देउवा नेपाल विद्यार्थी संघ के प्रथम सभापति थे और सुदूर पश्चिम में नेपाली कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्व माने जाते हैं। राजनीतिक संघर्ष के दौरान उन्होंने नौ वर्ष का जेल जीवन बिताया है। देउवा के नेतृत्व वाली जननिर्वाचित सरकार को तत्कालीन राजा ज्ञानेन्द्र ने वि.सं. २०५९ में “अक्षम” होने का आरोप लगाकर भंग कर दिया था, जबकि उन्हीं ने दो वर्ष बाद वि.सं. २०६१ में उन्हें पुनः प्रधानमंत्री नियुक्त किया था। पार्टी के आंतरिक द्वंद्व के दौरान देउवा ने अपने नेतृत्व में वि.सं. २०५९ में नेपाली कांग्रेस (प्रजातान्त्रिक) का गठन किया था। बाद में वि.सं. २०६४ में उस पार्टी का नेपाली कांग्रेस के साथ एकीकरण हो गया और वे वरिष्ठ नेता के रूप में स्थापित हुए। प्रजातंत्र के प्रति अटूट लगाव और उसके लिए किए गए संघर्ष, व्यक्तित्व और आचरण के कारण जनता ने उन्हें हमेशा विजयी बनाते रहने की बात देउवा कहते हैं। वे यह भी बताते हैं कि संविधान सभा में लोकतंत्र के संस्थागत विकास के लिए सक्रिय रहेंगे। उन्होंने त्रिभुवन विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एम.ए. किया है और उसी विषय में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में रिसर्च फेलो भी रह चुके हैं। शेरबहादुर देउवा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउवा भी संविधान सभा की सदस्य थीं।
व्यक्तिगत जीवन
[संपादित करें]
देउवा का जन्म दूर-पश्चिमी नेपाल (वर्तमान गण्यपधुरा ग्रामीण नगरपालिका) के डडेल्धुरा जिले के एक दूरदराज के गांव आशिग्राम में हुआ था। उन्होंने डॉ आरजू राणा देउवा से शादी की है। डडेलधुरा जिला, गन्यापधुरा गाँवपालिका-१ रुवाखोला के निवासी शेर बहादुर देउवा का परिवार एक संपन्न परिवार के रूप में जाना जाता है। डडेलधुरा क्षेत्र में उनके परिवार को ठकुरी देउवा परिवार के नाम से पहचाना जाता है। देउवा के पास कला और कानून में स्नातक की डिग्री है तथा राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री भी है। नवंबर २०१६ में देउवा को भारत में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
युवावस्था
[संपादित करें]एक अत्यंत विकट स्थान में जन्म लेने के बावजूद शेर बहादुर देउवा ने अपना जीवन गरीब, पिछड़े समाज, जाति-वर्ग और देश की सेवा के लिए समर्पित किया। डडेलधुरा जिले के अशिग्राम गाँव विकास समिति के रुवाखोला जैसे दुर्गम स्थान में जन्मे शेर बहादुर देउवा काठमांडू में अध्ययन के दौरान प्रजातंत्र के लिए संघर्ष करते हुए तत्कालीन पंचायती शासन के दमन के शिकार हुए। उन्हें अपने युवाकाल का एक बड़ा हिस्सा प्रवास में बिताना पड़ा। युवावस्था के अंतिम दौर में नेपाल लौटने के बाद शेर बहादुर देउवा के लिए नेपाली कांग्रेस की राजनीति सफल सिद्ध हुई और वे देश के गृहमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री पद तक पहुँचने में सफल रहे। इसी राजनीतिक जीवन के दौरान उनका विवाह एक योग्य, शिक्षित और पढ़ी-लिखी जीवनसंगिनी के साथ हुवा ।
राजनीतिक जीवन
[संपादित करें]देउवा कांग्रेस के संस्थापक नेता बी.पी. कोइराला की प्रेरणा से राजनीति में आए थे। विशेष रूप से वि. सं. २०१७ की राजनीतिक घटनाओं के बाद वे नेपाल के प्रजातांत्रिक आंदोलन में लगातार सक्रिय रहे। वे नेपाल विद्यार्थी संघ के प्रथम निर्वाचित सभापति तथा संस्थापक सदस्य भी रहे। वि. सं. २०२८ में वे नेपाल विद्यार्थी संघ के सभापति चुने गए थे। वि. सं. २०४८, २०५१ और २०५६ के संसदीय चुनावों में वे डडेलधुरा जिले से निर्वाचित हुए। इसी प्रकार वि. सं. २०६४ और वि. सं. २०७० में हुए संविधान सभा के चुनावों में वे डडेलधुरा के साथ-साथ कंचनपुर और कैलाली जिलों से भी विजयी हुए थे। [2]
1990 के बाद का जन आंदोलन
[संपादित करें]१९९० के जन आंदोलन के बाद शेर बहादुर देउवा १९९१ में डडेलधुरा से प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित हुए; यह वह सीट है जिसे उन्होंने इसके बाद हुए प्रत्येक चुनाव में बनाए रखा। उन्होंने गिरिजा प्रसाद कोइराला के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में गृह मंत्री के रूप में कार्य किया। कोइराला द्वारा संसद भंग किए जाने और १९९४ के मध्यावधि चुनावों में उनकी सरकार की हार के बाद देउवा नेपाली कांग्रेस के संसदीय दल के नेता चुने गए।
मनमोहन अधिकारी ने १९९५ में संसद को पुनः भंग करने का प्रयास किया, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक घोषित कर दिया। इसके बाद देउवा को १९९५ में प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया और उन्होंने राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के साथ गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया। उनका प्रशासन, जिसने माओवादी विद्रोह की शुरुआत का दौर देखा, मार्च १९९७ में समाप्त हो गया और लोकेंद्र बहादुर चंद ने उनका स्थान लिया, जिन्होंने अल्पसंख्यक गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया।
गिरिजा प्रसाद कोइराला के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे के बाद देउवा ने सुशील कोइराला को पराजित कर नेपाली कांग्रेस के संसदीय दल के नेता बने और जुलाई २००१ में दूसरी बार प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए। प्रधानमंत्री के रूप में उनका दूसरा कार्यकाल शाही नरसंहार के तुरंत बाद शुरू हुआ और माओवादी विद्रोह के चरम काल में चला। इस दौरान देउवा का मुख्य कार्य विद्रोहियों के साथ वार्ता करना था।
नवंबर २००१ में माओवादियों द्वारा वार्ता से हटने और सेना पर हमला करने के बाद संकट से निपटने के देउवा के तरीके पर प्रश्न उठने लगे। २००२ की शुरुआत में नेपाली कांग्रेस की केंद्रीय समिति ने देउवा को आपातकाल की स्थिति को नवीनीकृत न करने का निर्देश दिया। इसके बाद देउवा ने मई २००२ में संसद भंग करने और नए चुनाव कराने का अनुरोध किया तथा अपनी अलग पार्टी, नेपाली कांग्रेस (डेमोक्रेटिक) की स्थापना की।
अक्टूबर २००२ में जब देउवा ने चुनाव स्थगित करने का अनुरोध किया, तो राजा ज्ञानेंद्र ने उन्हें अक्षम बताते हुए पद से बर्खास्त कर दिया। दो वर्षों में दो अन्य सरकारों के बाद ज्ञानेंद्र ने २००४ में देउवा को पुनः प्रधानमंत्री नियुक्त किया। लेकिन इसके तुरंत बाद, १ फरवरी २००५ को राजा ने उन्हें फिर से पद से हटा दिया, संविधान को निलंबित कर दिया और प्रत्यक्ष शासन अपने हाथ में ले लिया।
देउवा को जुलाई २००५ में भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत दो वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में १३ फरवरी २००६ को भ्रष्टाचार विरोधी संस्था द्वारा दोषमुक्त किए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। सितंबर २००७ में देउवा ने अपनी अलग पार्टी को भंग कर दिया और नेपाली कांग्रेस में पुनः शामिल हो गए।
२००८ का संविधान सभा चुनाव
[संपादित करें]१० अप्रैल २००८ को हुए संविधान सभा चुनाव में देउवा को नेपाली कांग्रेस द्वारा डडेलधुरा–१ और कंचनपुर–४ दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार बनाया गया। उन्होंने दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की, लेकिन कंचनपुर–४ की सीट छोड़ दी। इसके बाद उस सीट पर उपचुनाव हुआ, जिसमें यूनिफाइड कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी) के हरीश ठकुल्ला निर्वाचित हुए।
१५ अगस्त २००८ को संविधान सभा में प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए हुए मतदान में देउवा को नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया, लेकिन वे यूनिफाइड कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी) के पुष्पकमल दाहाल से पराजित हो गए। इस मतदान में देउवा को ११३ मत मिले, जबकि दहल को ४६४ मत प्राप्त हुए।
२००८ में ग्रीस की राजधानी एथेंस में आयोजित सोशलिस्ट इंटरनेशनल की २३वीं कांग्रेस में देउवा संगठन के उपाध्यक्ष चुने गए और उन्होंने २०१२ तक इस पद पर कार्य किया।
२००९ में पुष्पकमल दाहाल के नेतृत्व वाली सरकार के पतन और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गिरिजा प्रसाद कोइराला के अस्वस्थ होने के बाद देउवा ने पुनः प्रधानमंत्री बनने के उद्देश्य से नेपाली कांग्रेस के संसदीय दल के नेता पद के लिए अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत की, लेकिन वे रामचंद्र पौडेल से पराजित हो गए।
२०१६–वर्तमान
[संपादित करें]
सुशील कोइराला की मृत्यु के बाद देउवा नेपाली कांग्रेस के तेरहवें महाधिवेशन में पार्टी के अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने अपने अंतर-पार्टी प्रतिद्वंद्वी रामचंद्र पौडेल को हराकर लगभग ६०% मत प्राप्त किए।
अगस्त २०१६ में देउवा ने पुष्प कमल दहल के साथ नेपाली कांग्रेस और सीपीएन (माओवादी केंद्र) की गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने के लिए एक समझौता किया, जिसके तहत २०१७ के अंत में होने वाले आम चुनावों तक नौ महीने के लिए सत्ता साझा करने का निर्णय लिया गया। समझौते के अनुसार, उन्होंने ७ जून २०१७ को चौथे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
देउवा उस सरकार के प्रमुख थे जिसने २०१७ में विभिन्न चरणों में तीनों स्तरों—संसदीय, प्रांतीय और स्थानीय—के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए। उन्होंने १५ फरवरी २०१८ को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
२०१७ के चुनावों में नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जिसके नेता केपी शर्मा ओली के प्रधानमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
प्रतिनिधि सभा चुनाव, २०७९ में, नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार देउवा डडेलधुरा प्रतिनिधि सभा निर्वाचन क्षेत्र संख्या १ से २५,५३४ वोट प्राप्त कर प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में विजयी हुए।[3]उनके निकटतम प्रतिद्वंदी, स्वतंत्र उम्मीदवार सागर ढकाल को १२,४९२ वोट प्राप्त हुए थे।[4] नेपाली कांग्रेस संसदीय दल के नेता पद के लिए शेरबहादुर देउवा ६४[5] वोट प्राप्त कर निर्वाचित हुए। उनके प्रतिस्पर्धी, महामंत्री गगन थापा को २५ वोट प्राप्त हुए।[6]
चुनावी इतिहास
[संपादित करें]वह 1991, 1994, 1999 और 2017 में डडेलधुरा 1 से नेपाली कांग्रेस के टिकट पर प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए। उन्होंने 2008 और 2013 के संविधान सभा चुनावों में डडेलधुरा 1 से जीत हासिल की। उन्होंने 2008 के सीए चुनाव में दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ा और जीता और अपनी कंचनपुर 4 सीट छोड़ दी।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से से 11 जून 2017 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 7 जून 2017.
- ↑ "काङ्ग्रेस सभापति शेरबहादुर देउवा प्रधानमन्त्रीमा निर्वाचित". अनलाइनखबर. अनलाइनखबर. अभिगमन तिथि: २०७४ जेठ २३.
{{cite web}}: Check date values in:|accessdate=(help) - ↑ "मतगणना प्रगतिको विवरण". result.election.gov.np. मूल से से 23 नवंबर 2022 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2022-11-23.
- ↑ "डडेल्धुरा : प्रदेश ७ - प्रतिनिधिसभाको निर्वाचन २०७९ विवरण तथा नतिजा". election.ekantipur.com. अभिगमन तिथि: 2022-11-23.
- ↑ "काङ्ग्रेस संसदीय दलको नेतामा देउवा विजयी". ekantipur.com (नेपाली भाषा में). अभिगमन तिथि: 2022-12-21.
- ↑ "काङ्ग्रेस संसदीय दलको नेतामा देउवा निर्वाचित". Online Khabar (अमेरिकी अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2022-12-21.
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