पुष्पकमल दाहाल

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पुष्पकमल दाहाल
Prachanda 2009.jpg

अवलंबी
कार्यालय ग्रहण 
3 अगस्त 2016
राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी
पूर्वा धिकारी खड्ग प्रसाद शर्मा ओली

पद बहाल
18 अगस्त 2008 – 25 मई 2009
राष्ट्रपति राम बरन यादव
पूर्वा धिकारी गिरिजा प्रसाद कोईराला
उत्तरा धिकारी माधव कुमार नेपाल

अवलंबी
कार्यालय ग्रहण 
मई 1999
पूर्वा धिकारी पद स्थापित

जन्म (1954-12-11) 11 दिसम्बर 1954 (आयु 61 वर्ष)
Dhikur Pokhari, नेपाल
राजनीतिक दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (Fourth Convention)
(Before 1983)
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (Masal) (1983–1984)
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल(Mashal) (1984–1991)
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (Unity Centre) (1991–1994)
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (Maoist-Centre) (1994–वर्तमान)
शैक्षिक सम्बद्धता त्रिभुवन विश्वविद्यालय

पुष्पकमल दाहाल (जन्म:११ दिसम्बर १९५४), जिन्हें नेपाली राजनीति में प्रचंड नाम से संबोधित किया जाता है, व नेपाल के प्रधानमंत्री हैं। 3 अगस्त 2016 को वे दूसरी बार इस पद पर आसीन हुए।[1]

वे नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) तथा इसी पार्टी के सशस्त्र अंग जनमुक्ति सेना के भी शीर्ष नेता हैं। उन्हें नेपाल की राजनीति में १३ फ़रवरी १९९६ से नेपाली जनयुद्ध शुरु करने के लिए जाना जाता है जिसमें लगभग १३,००० नेपाली नागरिकों की हत्या होने का अनुमान लगाया जाता है। प्रचंड द्वारा मार्क्सवाद, लेनिनवाद एवं माओवाद के मिले जुले स्वरूप को नेपाल की परिस्थितियों मे व्याख्यित करने को नेपाल में प्रचंडवाद के नाम से पुकारा जाने लगा है।

व्यक्तिगत जीवन एवं प्रारंभिक कैरियर[संपादित करें]

श्री प्रचंड एक सभा को संबोधित करते हुए

प्रचंड का ज्यादातर बचपन नेपाल के चितवन जिले में गुजरा। कहा जाता है कि प्रचंड के माता-पिता के उदार ब्राह्मण कुल से संबंध रखते थे एवं साधारण परिवार की तरह थे। श्री प्रचंड में चितवन में स्थित रामपुर के के इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर ऐंड एनीमल साइंस से कृषि विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की, एवं कुछ समय तक ग्रामीण विकास के कुछ प्रोजेक्ट इत्यादि से जुडे रहे।.[2] १९८६ मे श्री प्रचंड नेपाली कम्यूनिस्ट पार्टी के मशाल ग्रुप के महासचिव बने यही पार्टी बाद में नेपाल की कम्यूनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नाम से मशहूर हुई। १९९० में नेपाल में लोकतंत्र की वापसी के बाद भी श्री प्रचंड भूमिगत रहे। इस समय तक उन्हें नेपाली राजनीति में ज्यादा पहचान हासिल नहीं हुई थी और पार्टी द्वारा होनेवाले कार्यो का श्रेय पार्टी के एक अन्य नेता डॉक्टर बाबुराम भट्टराई को मिलता रहा। परंतु श्री प्रचंड वैश्विक रूप से तब सुर्खियों में आये जब १९९६ में वे पार्टी के सशस्त्र विंग के सर्वेसर्वा बने।

सन्दर्भ सूची[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]