राजघाट समाधि परिसर

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राज घाट में समाधिस्थल
राजघाट पर महात्मा गाँधी के कथन का एक शिलालेख

दिल्ली में यमुना नदी के पश्चिमी किनारे पर महात्मा गांधी की समाधि स्थित है। काले संगमरमर से बनी इस समाधि पर उनके अंतिम शब्द 'हे राम' उद्धृत हैं। अब यह एक सुन्दर उद्यान का रूप ले चुका है। यहां पर सुन्दर फव्वारे और अनेक प्रकार के पेड़ लगे हुए हैं। यहां पास ही शांति वन में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु की समाधि भी है। भारत आने वाले विदेशी उच्चाधिकारी महात्मा गांधी को श्रद्धांजली देने के लिए राजघाट अवश्य आते हैं।

समाधियों की सूचि[संपादित करें]

राजघाट परिसर पर सभी समाधियों की सूचि निम्न है:

नाम उपाधि स्मारक विशेष
महात्मा गाँधी राष्ट्रपिता राजघाट काले संगमर्मर का चबूतरा
जवाहर लाल नेहरु भारत के प्रधान मंत्री शांतिवन एक बड़ी चौकी घास से घिरी हुई
लाल बहादुर शास्त्री भारत के प्रधान मंत्री विजय घाट इनके नेतृत्व में भारत की भारत पाक युद्ध १९६५ में पाकिस्तान पर विजय का प्रतीक
संजय गाँधी संसद सदस्य शांति वन के निकट स्थित
इंदिरा गाँधी भारत के प्रधान मंत्री शक्ति स्थल एक बड़ी लाल-स्लेटी शिला
जगजीवन राम भारत के उप प्रधान मंत्री समता स्थल
चौधरी चरण सिंह भारत के प्रधान मंत्री किसान घाट
राजीव गाँधी भारत के प्रधान मंत्री वीर भूमि एक बड़ा कमल पुष्प जिसको घेरे हुए ४६ छोटे कमल उनके जीवन के वर्ष दर्शाते हैं। इसको घेरे हुए सभी राज्यों से आईं शिलाएं रखी हैं।[1]
ज्ञानी जैलसिंह भारत के राष्ट्रपति एकता स्थल
शंकर दयाल शर्मा[2] भारत के राष्ट्रपति विजय घाट के निकट स्थित
देवी लाल भारत के उप प्रधानमंत्री किसान घाट के निकट स्थित
चंद्रशेखर भारत के प्रधानमंत्री जननायक स्थल[3]
इंद्र कुमार गुजराल भारत के प्रधानमंत्री स्मृति स्थल
अटल बिहारी वाजपेयी भारत के प्रधानमंत्री सदैव अटल विजयघाट के निकट

दीर्घा[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "'Rajiv' to bloom at Veer Bhumi". The Tribune Trust. 2004-08-18. Archived from the original on 27 अप्रैल 2009. Retrieved 2008-12-21. Check date values in: |archive-date= (help)
  2. "Tearful farewell to S.D. Sharma". द ट्रिब्यून. The Tribune Trust. 1999-12-28. Archived from the original on 22 अप्रैल 2009. Retrieved 2008-12-21. Check date values in: |archive-date= (help)
  3. "Former PM Chandrashekhar's samadhi to be called Jannayak Sthal". The Times of India. 23 April 2015. Archived from the original on 31 मार्च 2016. Retrieved 19 November 2015. Check date values in: |archive-date= (help)

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

निर्देशांक: 28°38′26″N 77°14′58″E / 28.640550°N 77.249433°E / 28.640550; 77.249433