महापाषाणीय स्थल,धनोरा,दुर्ग
| करकाभाट महापाषाणीय स्थल | |
|---|---|
| Karkabhat Megalithic Site (अंग्रेज़ी) | |
छत्तीसगढ़ राज्य के संरक्षित स्मारक | |
| प्रकार | पुरातात्विक एवं महापाषाणीय स्थल |
| अवस्थिति | ग्राम करकाभाट, बालोद (पूर्व में दुर्ग), छत्तीसगढ़, भारत |
करकाभाट महापाषाणीय स्थल (अंग्रेज़ी: Karkabhat Megalithic Site) भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के वर्तमान बालोद जिले (पूर्व में दुर्ग जिले) के करकाभाट ग्राम में स्थित अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्मारक है। महानदी और शिवनाथ नदी के मध्य लगभग 10 किलोमीटर की परिधि में विस्तृत यह प्राचीन स्थल अपने विशाल महापाषाण कालीन कब्र समूहों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।[1]
पुरातात्विक शोधों के अनुसार, यह महापाषाणीय स्थल लगभग 3,500 से 5,000 वर्ष पुराना माना जाता है। यहाँ प्राचीन मानवों द्वारा निर्मित विशाल पत्थरों की ऐतिहासिक संरचनाएँ मौजूद हैं, जो उस काल के लोगों के उत्कृष्ट निर्माण कौशल और अनूठी अंत्येष्टि (दफनाने की) परंपराओं को दर्शाती हैं।[2] भारत में पाए जाने वाले विभिन्न महापाषाणीय स्थलों में करकाभाट का यह कब्र समूह सबसे विस्तृत और विशाल माना जाता है।
वर्तमान में यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन और शोध केंद्र है। इसके पुरातात्विक महत्व को देखते हुए इसे छत्तीसगढ़ राज्य के पुरातत्व विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से 'संरक्षित स्मारक' घोषित किया गया है।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Bharat, E. T. V. (2020-08-10). "SPECIAL: छत्तीसगढ़ के इस इलाके में दफन हैं अनगिनत राज, क्या है विशाल कब्रों की दास्तां!". ETV Bharat News. अभिगमन तिथि: 2026-04-07.
- ↑ "CG Ajab Gajab: रहस्यमयी दुनिया, 5 हजार साल से सोए हैं यहां हजारों लोग". Patrika News. 2018-02-15. अभिगमन तिथि: 2026-04-07.