मऊ, उत्तर प्रदेश

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मऊनाथ भंजन
—  शहर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य उत्तर प्रदेश
ज़िला मऊ
जनसंख्या 2,10,071 (2001 तक )
लिंगानुपात 947 (as of 1991) /

Erioll world.svgनिर्देशांक: 26°N 83°E / 26°N 83°E / 26; 83 मऊ उत्तर प्रदेश के मऊ जिले का मुख्यालय है। इसका पूर्व नाम 'मऊनाथ भंजन' था। यह जिला लखनऊ के दक्षिण-पूर्व से 282 किलोमीटर और आजमगढ़ के पूर्व से 56 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह शहर तमसा नदी के किनारे बसा है। तमसा नदी शहर के बीच से निकलती/गुजरती है।

मऊ जिले के इतिहास को लेकर कई भ्रम है। सामान्यत: यह माना जाता है कि 'मऊ' शब्द तुर्किश शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ गढ़, पांडव और छावनी होता है। वस्तुत: इस जगह के इतिहास के बारे में कोई ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। माना जाता है प्रसिद्ध शासक शेर शाह सूरी के शासनकाल में इस क्षेत्र में कई आर्थिक विकास करवाए गए। वहीं मिलिटरी बेस और शाही मस्जिद के निर्माण में काफी संख्या में श्रमिक और कारीगर मुगल सैनिकों के साथ यहां आए थे। स्वतंत्रता आन्दोलन के समय में भी मऊ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 3 अक्टूबर 1939 ई. को महात्मा गांधी इस जगह पर आए थे।

परिचय दास भोजपुरी - हिन्दी के जाने माने साहित्यकार , संपादक , गायक हैं. वे हिन्दी अकादमी , दिल्ली एवं मैथिली -भोजपुरी अकादमी , दिल्ली के सचिव रह चुके हैं. वे मऊ ज़िले के रामपुर कांधी देवलास [ मोहम्मदाबाद - घोसी मार्ग पर ] के मूल निवासी हैं तथा दिल्ली में रहते हैं. उनकी पुस्तकों की संख्या 25 से अधिक है. धीमी आँच में तथा अनुपस्थित दिनांक उनकी कविताओं के अब तक के समग्र हैं.


दोहरी घाट[संपादित करें]

सरयू के पावन सलील तट पर स्थित दोहरी घाट जिला मुख्यालय से उत्तर की दिशा मे गोरखपुर-बनारस मार्ग पर लगभग ३५ किलोमीटर की दूरी पर है। मान्यता यह है कि मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम चन्द्र जी जब अयोध्या से जनक पुर जा रहे थे तभी विश्राम के दौरान परशुराम जी से मुलाकात यहीं हुआ था। इसके समीप बेलौली मे लक्ष्मण जी का मन्दिर है। इससे सटे गोंठा गांव में लगभग 350 साल से प्रत्येक वर्ष राम लीला एवमं विजयादशमी के दिन मेले का आयोजन किया जाता था। }गह पर सम्राट अयोध्या नरेश इच्वाकु ने राज्य किया था। इक्ष्वाकु के पश्चात् इस वंश में अनेक वीर सम्राट हुए।

दोहरी घाट