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मंगलसूत्र

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मंगलसूत्र एक पवित्र हार है जिसे हिंदू शादी के दौरान दूल्हा दुल्हन के गले में बांधता है। यह "मंगल" (शुभ) और "सूत्र" (धागा) शब्दों से मिलकर बना है। यह वैवाहिक स्थिति, प्यार, वचनबद्धता और पति-पत्नी के बीच आध्यात्मिक बंधन का जीवन भर रहने वाला प्रतीक है।, मंगलसूत्र में जो चीजें लगी हुई होती है उनका ग्रहों के साथ संबंध है, देखिए मंगलसूत्र का पीला धागा जो होता है जिसमें मोतिया पिरोई जाती है या जो सोने या पीतल का टुकड़ा लगा होता है, यह बृहस्पति का प्रतीक है और याद रखें महिलाओं के विवाह का जो कारक है वो बृहस्पति है, विवाह करवाने वाला भी और विवाद चलाने वाला भी, इसीलिए इसके संपर्क में आने से महिलाओं का जो बृहस्पति है वह मजबूत होता है. काले मोतियों से महिलाएं और उनका सौभाग्य बुरी नजर से बचे रहता है.

मंगलसूत्र एक हार (माला) होता है जिसे विवाह के समय कन्या को वर द्वारा पहनाया जाता है। विवाह के उपरान्त इसे वह जीवन भर धारण करती है। अतः मंगलसूत्र विवाहित स्त्री का परिचायक भी है।

मंगलसूत्र धारण करने की प्रथा भारत के अतिरिक्त नेपाल और श्रीलंका में भी है। मंगलसूत्र पहनने (मांगल्यधारण) की रीति मनुस्मृति में वर्णित है।

सन्दर्भ

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इन्हें भी देखें

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