भारतमाता

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भारतमाता की कांस्य मूर्ति

भारत को मातृदेवी के रूप में चित्रित करके भारतमाता या 'भारतम्बा' कहा जाता है। भारतमाता को प्राय: केसरिया या नारंगी रंग की साड़ी पहने, हाथ में भगवा ध्वज लिये हुए चित्रित किया जाता है तथा साथ में सिंह होता है।

भारत में भारतमाता के बहुत से मन्दिर हैं। काशी का भारतमाता मन्दिर अत्यन्त प्रसिद्ध है जिसका उद्घाटन सन् १९३६ में स्वयं महात्मा गांधी ने किया था। हरिद्वार का भारतमाता मन्दिर भी बहुत प्रसिद्ध है।

इतिहास[संपादित करें]

अबनीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा चित्रित भारतमाता
  • वेदों का उद्घोष - 'माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:' (भूमि माता है, मैं पृथ्वी का पुत्र हूँ।)
  • वाल्मीकि रामायण में - 'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी' (जननी और जन्मभूमि का स्थान स्वर्ग से भी ऊपर है।)
  • भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, उन्नीसवीं शताब्दी के अन्तिम दिनों में भारतमाता की छबि बनी।
  • उज्जैन में जनवरी २०१८ में भारतमाता का मंदिर उद्घाटित हुआ। यह मंदिर, प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के पास ही स्थित है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]