भदोही

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भदोही के गोपीगंज में कार्पेट दिखाता एक विक्रेता

भदोही उत्तर प्रदेश का एक जिला है।जिले का मुख्यालय ज्ञानपुर है यह कालीन निर्माण के लिये प्रसिद्ध है। भदोही क्षेत्र बुनकरों का घर है, जहाँ भोले-भाले परस से कितनी कलाकृतियाँ जन्म लेती हैं। बेलबूटेदार कलात्मक रंगों का इन्द्रधनुषी वैभव लिए हुए बेहद लुभावने गलीचे दुनियां के बाजारों में धाक जमाये हुए हैं। करोड़ों रुपये विदेशी मुद्रा अर्जित कराने तथा लाखों लोगों को रोजी रोटी मुहैया कराने वाले भदोही अंचल की अभिव्यक्ति कालीनों के माध्यम से होती है। आकर्षक कालीनों से ही भदोही को विश्व मानचित्र एवं हस्त कला के क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान दिया है।

परिचय[संपादित करें]

भदोही नगर गंगा तट से २१ किलोमीटर उत्तर में स्थित है। भदोही कालीन औद्योगिक परिक्षेत्र में अनेकों बाजार तथा उपनगर हैं जिसमें गोपीगंज, खमरिया, घोसिया, ज्ञानपुर, सुरियावां,जंघई,औराई एवं नई बाजार आदि मुख्य उपनगर अपनी अलग पहचान बनाए हुए उद्योग के विकास में तत्पर हैं।

४०० साल पूर्व भदोही परगना में भरों का राज्य था, जिसके ड़ीह, कोट, खंडहर आज भी मौजूद हैं। भदोही नगर के अहमदगंज, कजियाता, पचभैया, जमुन्द मुहल्लों के मध्यम में स्थित बाड़ा, कोट मोहल्ले में ही भरों की राजधानी थी। भर जाति का राज्य इस क्षेत्र सहित आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, इलाहाबाद एवं जौनपुर आदि में भी था। गंगा तट पर बसे भदोही राज्य क्षेत्र में सबसे बड़ा राज्य क्षेत्र था। सुरियांवां, गोपीगंज, जंगीगंज, खमरिया, औराई, महाराजगंज, कपसेठी, चौरी, जंघई, बरौट आदि क्षेत्र भदोही राज्य में था। गंगा तट का यह भाग जंगलों की तरह था।

देश के महापराक्रमी हूणों के आक्रमण एवं अत्याचारों से शर्ति काँप उठी थी। देश को आक्रमण कारी हूणों से घिरा देख कर भारशैव (भर) शासकों ने हूणों के आक्रमण का सामना करने की पूर्ण जिम्मेदारी अपने हाथों में ली। प्रति तीन तीन मील पर प्रति रक्षात्मक गढ़ियों का निर्माण किया गया। भदोही क्षेत्र में प्रायः गाँव और कस्बों में आज भी उन गढ़ियों व तालाबों के ध्वंशावाशेष देखे जा सकते हैं। भदोही क्षेत्र की जनता के सहयोग से भार शैव (भर) राजाओं ने हूणों को आगे बढ़ने से रोक दिया तथा हूणों को क्षेत्र से पीछे हटना पडा। इसके बाद फिर हूणों ने भदोही क्षेत्र में आक्रमण करने का साह्स नहीं किया।

जब भर जाति के लोग वहां के नागरिकों पर अत्याचार करने लगे और क्षेत्र की जनता भरों से टक्कर लेने की रणनीति बनाया तो उसी समय राजस्थान के क्षत्रियों का एक काफिला काशी जा रहा था, यहाँ से होकर गुजरा। यहाँ की जनता ने उन क्षत्रियों से भरों के अत्याचार से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की, जिस पर वे राजी हो गए और क्षत्रियों व भरों के बीच जमकर युद्ध हुआ।

मुगल काल में भदोही क्षेत्र सुरियावां के राजा कुलहिया के राज्य में था, जिसमें भदोही ताल्लुका चौथार या कुलहिया राजा के टीला व भग्नावशेष आज भी बावन बिगहिया (जल तारा) के पास मौजूद है।

जनसांख्यिकी[संपादित करें]

भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार कस्बे की कुल आबादी 1554203 थी। पुरूष 807099 तथा महिला 771114 है।

भदोही जनपद का समाचार पत्र[संपादित करें]

  • सत्यम् न्यूज़

क्षेत्रफल[संपादित करें]

1055.99 वर्ग किलोमीटर

गाँव[संपादित करें]

1217

पडोसी जिला[संपादित करें]

वाराणसी, मिर्जापुर, इलाहाबाद और जौनपुर

तहसील[संपादित करें]

ज्ञानपुर, औराई और भदोही

ब्लाक[संपादित करें]

1- अभोली, 2-डीघ, 3-सुरियावां, 4-औराई, 5-ज्ञानपुर और 6-भदोही

पुलिस स्टेशन[संपादित करें]

1-औराई, 2-गोपीगंज, 3-कोईरउना, 4-ऊज 5-चौरी, 6-दुर्गागंज, 7-भदोही, 8-सुरियावां और 9-ज्ञानपुर

संसदीय क्षेत्र[संपादित करें]

भदोही

लोकप्रिय व्यक्ति[संपादित करें]

विजय मिश्रा, वीरेंद्र सिंह मस्त, प्रसान्त जितेन्द्र नाथ तिवारी, सपना दुबे, पुनीत तिवारी

विधान सभा क्षेत्र[संपादित करें]

1-भदोही, 2-ज्ञानपुर और 3-औराई

पर्यटन स्थल[संपादित करें]

सीतामढ़ी स्थल सेमराधनाथ धाम