बेवफा (2005 फ़िल्म)

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बेवफ़ा
बेवफा (2005 फ़िल्म).jpg
बेवफ़ा का पोस्टर
निर्देशक धर्मेश दर्शन
निर्माता बोनी कपूर
लेखक धर्मेश दर्शन
अभिनेता अक्षय कुमार,
करीना कपूर,
अनिल कपूर,
सुष्मिता सेन,
शमिता शेट्टी,
मनोज बाजपेयी
संगीतकार नदीम-श्रवण
प्रदर्शन तिथि(याँ) 25 फरवरी, 2005
देश भारत
भाषा हिन्दी

बेवफ़ा 2005 में बनी हिन्दी भाषा की संगीतमय रूमानी नाट्य फिल्म है। ये अक्षय कुमार, अनिल कपूर, करीना कपूर, मनोज वाजपेयी, सुष्मिता सेन, शमिता शेट्टी और कबीर बेदी अभिनीत है। फिल्म धर्मेश दर्शन द्वारा निर्देशित है, जिन्होंने पहले राजा हिन्दुस्तानी (1996) और धड़कन (2000) जैसी फिल्मों को निर्देशित किया था। इसका निर्माण बोनी कपूर ने किया था, जिसमें नदीम-श्रवण द्वारा रचित संगीत था। इसने 1963 की फिल्म गुमराह से बहुत से तत्वों को उधार लिया है।

संक्षेप[संपादित करें]

अंजलि (करीना कपूर) और राजा (अक्षय कुमार) एक दूसरे से प्यार करते हैं। अंजलि की बड़ी बहन, आरती (सुष्मिता सेन) को जब ये बात पता चलती है तो वो उनसे वादा करती है कि वो माता-पिता को उनकी शादी के लिए मना लेगी। आरती की शादी आदित्य साहनी (अनिल कपूर) से हुई है और वे दो जुड़वाँ बच्चों के माता-पिता बनने वाले होते हैं। लेकिन बच्चों को जन्म देने के ठीक बाद ही आरती की मौत हो जाती है।

आरती और अंजलि के माता-पिता इस बात से अनजान है कि अंजलि किसी और से प्यार करती है। वे लोग आरती के गुजर जाने के बाद आदित्य से अंजलि की शादी कराने की सोचते हैं। अंजलि इस शादी के खिलाफ रहती है। लेकिन अंततः अंजलि ने आदित्य से अपनी बहन के बच्चों को माँ का प्यार प्रदान करने के लिए शादी की। शादी के बाद, परिवार नई दिल्ली में स्थानांतरित हो जाता है। आदित्य एक व्यापारिक टाइकून है जो अपनी पत्नी बनी साली या अपनी दो छोटी बेटियों के लिए मुश्किल से समय निकाल पाता है और वह अभी भी आरती के नुकसान पर शोक कर रहा है। अंजलि मां और पत्नी की भूमिका पूरी करती है लेकिन खुद और आदित्य के बीच के अंतर को पाटने में सफल नहीं रह पाती। वह खुद को ऐसे विवाह में पाती है जिसमें कोई संगतता नहीं है, केवल समझौता है। वह जुड़वाँ बच्चों के लिए इस रिश्ते में बनी रहती है, जिसे वह अब खुद के ही मानती है।

इन सबके बीच, एक दिन राजा जो अब एक प्रसिद्ध गायक बन गया है, उसके जीवन में वापस आ जाता है। अंजलि टूटा हुआ महसूस करती है, लेकिन उसके साथ समय बिताना शुरू करती है और वे अपनी दोस्ती का पुनर्विकास करते हैं। राजा उनके रिश्ते को फिर से पुनर्जीवित करना चाहता है लेकिन अंजली अपने पति और बच्चों को नहीं भूल सकती। उसे छोड़ किसी और से शादी कर लेने के कारण राजा उसे बेवफ़ा मानने लगता है। आदित्य एक व्यापार यात्रा से लौट आता है और उसे अंजलि में बदलाव महसूस होता है। वह अपने दोस्तों, एक उज्जवल जोड़े - दिल और पल्लवी अरोड़ा (मनोज वाजपेयी और शमिता शेट्टी) की मदद लेने का फैसला करता है। वह राजा के बारे में पता लगाता है और अंजलि को बताता है कि वह उसके पिछले और वर्तमान प्यार के बारे में जानता है। बाद में आदित्य अंजलि को उन दोनों में से किसी एक को चुनने की आजादी देता है। अंजलि उन दोनों में से आदित्य को चुनती है। दिल टूटने के बाद राजा विश्व की सैर करने निकल पड़ता है और इसी के साथ कहानी समाप्त होती है।

मुख्य कलाकार[संपादित करें]

संगीत[संपादित करें]

सभी गीत समीर द्वारा लिखित; सारा संगीत नदीम-श्रवण द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."एक बेवफ़ा है हाँ बेवफ़ा है"सोनू निगम7:39
2."एक दिलरुबा है हाँ दिलरुबा है"उदित नारायण6:48
3."इश्क छुपता नहीं छुपाने से"अभिजीत7:40
4."कैसे पिया से मैं कहूँ"लता मंगेशकर6:12
5."कहता है कबूतर क्या"शान, आशा भोंसले7:11
6."प्यार का अंजाम किसने सोचा"अलका याज्ञिक, सपना मुखर्जी, कुमार सानु7:18
7."प्यार की राहें होती है मुश्किल"शान1:20
8."याद बस याद रह जाती है"गुलाम अली8:09
9."कैसे पिया से" (वाद्य रचना)N/A6:11
10."ड्रम बीट" (वाद्य रचना)N/A2:14
कुल अवधि:1:00:42

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]