सामग्री पर जाएँ

बालवीर ४

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
बालवीर ४
बालवीर 4
शैली एक्शन
काल्पनिक
निर्माता विपुल डी. शाह
लेखक हेमन्त केवानी
कथाकार
  • आँचल बुद्धिराजा
  • जयति पंड्या
निर्देशक
  • तुषार जे भाटिया
  • संजय सतावसे
अभिनीत
संगीतकार निशांत राजा
उद्गम देश भारत
मूल भाषा(एं) हिंदी
एपिसोड कि संख्या 45+
उत्पादन
निर्माता विपुल डी. शाह
उत्पादन स्थान मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
छायांकन
  • निधिन वलन्दे
  • मोहित पाटिल
संपादक
  • राकेश लाल दास
  • वीरेंद्र शर्मा
कैमरा सेटअप मल्टी-कैमरा
प्रसारण अवधि 20-27 मिनट
निर्माता कंपनी ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट
प्रदर्शित प्रसारण
नेटवर्क
प्रकाशित 6 मई 2024 (2024-05-06)
संबंधित
बालवीर
बालवीर रिटर्न्स
बालवीर ३

बालवीर ४ एक भारतीय हिंदी भाषा की फंतासी वेब श्रृंखला है, जिसका निर्माण ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट के तहत विपुल डी. शाह द्वारा किया गया है, जो 6 मई 2024 से सोनी लिव पर स्ट्रीम हुआ। यह बालवीर की चौथी किस्त है और बालवीर और बालवीर रिटर्न्स की आध्यात्मिक अगली कड़ी और बालवीर ३ की सीधी अगली कड़ी है।[1][2]

कहानी[संपादित करें]

बालवीर को मारने के लिए और भस्म को आजाद करने के लिए आगील ने रूपबदल जादू का इस्तेमाल कर आगील ने बालवीर की मां बेनाम के साथ शरीर बदल दिया। फिर आगील ने बालवीर को अपनी बातों में फंसाकर बालवीर को भस्म को आजाद करने के लिए मजबूर कर दिया। फिर बालवीर सफलतापूर्वक अपने पिता भस्म को क्रिंकाल लोक से मुक्त कराता है, इस बात से अनजान कि वह एक खलनायक है। वह विभिन्न समस्याओं पर काबू पाने के बाद सफलतापूर्वक अपने पिता को मुक्त कराता है। लेकिन, भस्म, दुनिया को नष्ट करना शुरू कर देता है। फिर, बालवीर चाल चलकर और रूपबदल जादू का इस्तेमाल कर फिर से अपनी मां बेनाम को अपने शरीर में ले आता है और भस्म को बेहोश कर देता है। बेनाम ने बालवीर को अपने अतीत के बारे में बताया: भस्म शुरू में शाशवान लोक का एक सैनिक था, लेकिन वह दुनिया पर शासन करना चाहता था। इसलिए, उसने बेनाम से प्यार का नाटक किया और उससे शादी कर ली ताकि बालवीर से शक्ति पुंज निकल कर शक्तिशाली बन सके क्योंकि भस्म के पास विनाश की शक्ति थी बालवीर के शक्ति पुंज मे सर्जन की शक्ति थी। यदि भस्म शक्ति पुंज को हासिल कर लेता तो भस्म के पास विनाश और सर्जन दोनों की शक्ति होती और वे इस ब्रह्मांड का कर्ताधर्ता बन जाता। बालवीर के जन्म होने के बाद भस्म बालवीर को मारे उससे पहले बेनाम बालवीर को लेकर भाग गई। उसके बाद उत्तान और बेनाम ने भस्मशूल से भस्म को क्रिंकाल लोक मे कैद कर दिया।

आगील शशमांग की मदद से भस्म को होश में ले आती है। और उस दौरान बालवीर बेनाम के साथ हींबाश लोक मैं आया था और आगील धोखे से उन दोनों को कैद कर लेती है। भस्म जागकर बालवीर को मारने ही वाला था तब बालवीर किसी तरह पिंजरे से बाहर निकल गया और भस्मशूल से भस्म पर वार किया लेकिन भस्मशूल की ऊर्जा खत्म हो जाने से भस्म पर कोई असर नहीं हुआ। उतान ने उस समय आकर बालवीर और बेनाम को बचा लिया। फिर भस्म को आगील ने बालवीर के पृथ्वी लोक के परिवार के बारे में बताया और भस्म ने उस पर हमला करने का प्लान बनाया। तब उत्तान ने बालवीर को चक्राल के बारे मे बताया।उसके बाद भस्म ने पृथ्वी लोक पर आतंक मचाना शुरू कर दिया और बालवीर ने बेनाम की मदद से छलकर के चक्राल के उपयोग से भस्म की सारी शक्तियां छीन ली और उसे बेहोश कर दिया।

बालवीर भस्म पर नजर रख सके इसलिए बालवीर ने भस्म को नई पहचान दी बालवीर ने भस्म का चेहरा बदल उसे पृथ्वी लोक पर अपने परिवार में काशवी के चाचा के रूप में ले गया। तब तक वीर के दादाजी और मां को वीर के बालवीर होने का राज पता चल गया। तब आगील ने चाल चल भस्म को हींबाश लोक लाना चाहा पर वे असफल रही तब उत्तान के सलाह पर बालवीर हिंबाश लोक बरदोल को आजाद करवा ने गया। बालवीर को हिंबाश लोक मे कोई पकड़ना ले इसलिए उत्तान ने बालवीर को एक यंत्र दिया जिसकी मदद से बालवीर को कोई देख नहीं पाएगा लेकिन अगर बालवीर पर नीली रोशनी पड़े तो बालवीर दिखाई दे जाएगा और इस बारे ने किसी तरह आगील को पता लग गया। बालवीर ने काफी मुश्किले पार करके बरदोल को आजाद करवा दिया। और बरदोल ने पृथ्वी पर भस्म पर नजर रखने का काम शुरू कर दिया। फिर भी कैसे भी तरीके से आगील भस्म की याददाश्त वापस दिला देती है। फिर एक लड़ाई में बालवीर से भस्मशूल दूर हो जाता है।

उसके बाद भस्म भस्मशूल से बालवीर पर हमला करता है और काश्वी बीच में आकर बालवीर को बचाती है भस्मशूल अब काश्वी के अंदर था। उसे बचाने के लिए बालवीर जीवन पुष्प को मायावी जंगल से लाता है पर अभी भी काश्वी को बचाने के लिए बालवीर के शक्तिपुंज की जरूरत थी और बालवीर उसके शक्तिपुंज को निकाल कर काश्वी को ठीक करता है पर मौके पर भस्म जाकर बालवीर का शक्तिपुंज चुरा लेता है और बालवीर जिंदा लाश बन जाता है फिर बालवीर को बचाने के लिए बेनाम, नेहमाग उत्तान के साथ हींबाश लोक पर हमला करते हैं। पर वे तीनों पकड़े जाते हैं और अचानक बालवीर आ जाता है और उन्हें बचा लेता है। फिर भस्म को पता चलता है कि उसके पास है वह शक्तिपुंज नकली था। और आगील आगे शक्तिपुंज को लेने के इरादे से आगे बढ़ती है और भस्म से धोखा करती है। पर बालवीर उसे कामयाब होने नहीं देता है और शक्तिपुंज को नष्ट कर देता है उसके साथ ही भस्म नष्ट हो जाता है।


अब आगील को मारने के लिए उत्तान दूसरी दुनिया के बालवीर से मदद लेने का सोचता है। पर अचानक दूसरी दुनिया के शाश्वानलोग से सिग्नल आता है कि वह खतरे में है।बालवीर, उतान और बेनाम के साथ वहां जाता है पर उनके जाने से पहले ही एक नया दुश्मन परम उस दुनिया के बालवीर को मार देता है।

यहां हमें परम का परिचय मिलता है। परम इस मानव सर्जित दुनिया का अंत करके नहीं पहले जैसी दुनिया बनाना चाहता है। वह इस दुनिया से पाप को दूर करना चाहता है। इसलिए वह मानव सर्जित हर वस्तु को और मानवो का अंत कर रहा है और उसके लिए वह बड़ी क्रूरता से सारी दुनिया के बालवीरों को मार देता है। अब उसका मकसद इस दुनिया के आखिरी बालवीर को मारने का है।

कलाकार[संपादित करें]

  • देव जोशी - बालवीर
  • अदिति सनवाल - काश्वी सहाय
  • अदा खान - आगील
  • बेहज़ाद ख़ान - उत्तान
  • आदित्य रणविजय - शशमाग:
  • शर्मीली राज - बेनाम: बालवीर की जैविक माँ; भस्म की पत्नी.
  • रजत दहिया - भस्म - बालवीर का जैविक पिता; बेनाम का पति।

यह भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "Baalveer Season 4 Promo Reveals Exciting Adventures And New Antagonists; Show To Stream On THIS OTT Platform". English Jagran (अंग्रेज़ी में). 2024-04-17. अभिगमन तिथि 2024-04-18.
  2. "Baalveer Season 4 Promo Promises More Action And Adventure, Show To Stream On Sony Liv". News18 (अंग्रेज़ी में). 2024-04-17. अभिगमन तिथि 2024-04-18.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]