दीपिका कुमारी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
दीपिका कुमारी
Purnima mahato with deepika kumari at world cup final,istanbul.jpg
पूर्णिमा महतो के साथ दीपिका कुमारी (वाएं)
व्यक्तिगत जानकारी
जन्म 13 जून 1994 (1994-06-13) (आयु 19)
रांची, बिहार, भारत
निवास रांची, झारखंड, भारत
ऊँचाई 1.61 मी. () (2010)
वजन 56 कि॰ग्रा॰ (120 पौंड) (2010)
राष्ट्र भारत

दीपिका कुमारी (13 जून 1994) एक रिकर्व भारतीय महिला तीरंदाज हैं। बिल्कुल निचले पायदान से निशानेबाजी के खेल में शुरुआत करने वाली वे आज अंतरराष्ट्रीय स्तर की शीर्ष खिलाड़ियों में से एक हैं।[1]

प्रारंभिक जीवन[संपादित करें]

दीपिका का जन्म 13 जून 1994 में झारखंड राज्य की राजधानी रांची के रातू नामक स्थान में हुआ था। उनके पिता एक मजदूर हैं और ऑटो चालक भी।[2]बचपन से ही दीपिका अपने लक्ष्य पर केंद्रित रही हैं। दीपिका की मां गीता बताती हैं कि बचपन में दीपिका एक दिन मेरे साथ जा रही थी कि रास्ते में एक आम का पेड़ दिखा। दीपिका ने कहा कि वो आम तोडेगी। मैंने उसे मना किया कि आम बहुत ऊंची डाल पर लगा है, वो नहीं तोड़ पायेगी, तो उसने कहा, नहीं आज तो मैं इसे तोड़ कर ही रहूंगी। उसने जमीन से पत्थर उठा कर निशाना साधा। पत्थर सीधे टहनी से टकराया और आम गिर गया। दीपिका का वो निशाना देख कर मुझे हैरानी हुई। ठीक वैसे ही जिंदगी में भी दीपिका जो लक्ष्य बना लेती है, उसे हासिल करके दिखाती है। उसने वैसा ही किया भी है। जिस गांव में आज भी बिजली-पानी की सप्लाई तक नहीं है, वहां तीरंदाजी की दिशा पकड़ना किसी धनुर्धर की ही निष्ठा हो सकती है। अत्यंत निर्धन परिवार से ताल्लुक रखने वाली दीपिका को अभी हाल में ही झारखंड सरकार ने रांची शहर में निशुल्क आवासीय भूखंड देने की घोषणा की है।[3] वर्तमान में दीपिका टाटा स्टील कंपनी के खेल विभाग की प्रबंधक हैं।[4]

करियर एवं उपलब्धियाँ[संपादित करें]

मैंने अपनी निशानेबाजी तकनीक में कुछ बदलाव किये जिनका फायदा मिला है।

—दीपिका कुमारी : आत्मकथात्मक टिप्पणियाँ[5]

दीपिका को तीरंदाजी में पहला मौका 2005 में मिला जब उन्होने पहली बार अर्जुन आर्चरी अकादमी ज्वाइन किया। यह अकादमी झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा ने खरसावां में शुरू की थी। तीरंदाजी में उनके प्रोफेशनल करियर की शुरुआत 2006 में हुई जब उन्होंने टाटा तीरंदाजी अकादमी ज्वाइन किया। उन्होने यहां तीरंदाजी के दांव-पेच सीखे। इस युवा तीरंदाज ने 2006 में मैरीदा मेक्सिको में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम्पाउंट एकल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। ऐसा करने वाली वे दूसरी भारतीय थीं। यहां से शुरू हुए सफर ने उन्हें विश्व की नम्बर वन तीरंदाज का तमगा हासिल कराया।सबसे पहले वर्ष 2009 में महज 15 वर्ष की दीपिका ने अमेरिका में हुई 11वीं यूथ आर्चरी चैम्पियनशिप जीत कर अपनी उपस्थिति जाहिर की थी। फिर 2010 में एशियन गेम्स में कांस्य हासिल किया। इसके बाद इसी वर्ष कॉमनवेल्थ खेलों में महिला एकल और टीम के साथ दो स्वर्ण हासिल किये। राष्ट्रमण्डल खेल 2010 में उन्होने न सिर्फ व्यक्तिगत स्पर्धा के स्वर्ण जीते बल्कि महिला रिकर्व टीम को भी स्वर्ण दिलाया। भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में वर्ष 2010 की जब-जब चर्चा होगी, इसे देश की रिकर्व तीरंदाज दीपिका के स्वर्णिम प्रदर्शनों के लिए याद किया जाएगा। फिर इस्तांबुल में 2011 में और टोक्यो में 2012 में एकल खेलों में रजत पदक जीता। इस तरह एक-एक करके वे जीत पर जीत हासिल करती गईं। इसके लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार दिया गया। हाल ही में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी दीपिका को सम्मानित किया। 2006 में घर से टाटा अकेडमी गई दीपिका तीन साल बाद यूथ चैम्पियनशिप जीत कर ही घर लौटीं।[6]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. मिश्रा, मानसी (13 सितंबर 2010). "दीपिका कुमारी की सफलता के मंत्र". हिंदुस्तान लाइव. http://www.livehindustan.com/news/lifestyle/lifestylenews/article1-story-50-50-362024.html. अभिगमन तिथि: 4 दिसंबर 2013. 
  2. दीपिका कुमारी।
  3. "तीरंदाज दीपिका कुमारी को सरकार देगी भूखंड". रांची एक्स्प्रेस. 16 नवंबर 2013. http://ranchiexpress.com/236997. अभिगमन तिथि: 4 दिसंबर 2013. 
  4. "रांची की तीरंदाज दीपिका कुमारी टाटा स्टील कंपनी के खेल विभाग की प्रबंधक नियुक्त". हिंदुस्तान लाइव. 17 जुलाई 2012. http://www.jagranjosh.com/current-affairs/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4-1342515604-2. अभिगमन तिथि: 4 दिसंबर 2013. 
  5. "जी नियुज" में दीपिका कुमारी की आत्म कथात्मक टिप्पणी
  6. कुमार, अमर (22 जुलाई 2013). "दीपिका ने दिलाया स्वर्ण, भारत तीरंदाजी विश्व कप में चौथे स्थान पर". आज तक. http://aajtak.intoday.in/story/deepika-shoots-gold-in-archery-world-cup-1-736832.html. अभिगमन तिथि: 4 दिसंबर 2013. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]