सामग्री पर जाएँ

चन्दौसी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
चन्दौसी
Chandausi
चन्दौसी रेलवे स्टेशन
चन्दौसी रेलवे स्टेशन
चन्दौसी is located in उत्तर प्रदेश
चन्दौसी
चन्दौसी
उत्तर प्रदेश में स्थिति
निर्देशांक: 28°27′N 78°47′E / 28.45°N 78.78°E / 28.45; 78.78
देश भारत
राज्यउत्तर प्रदेश
ज़िलासम्भल ज़िला
जनसंख्या (2011)
  कुल1,14,383
भाषाएँ
  प्रचलितहिन्दी
समय मण्डलभामस (UTC+5:30)

चन्दौसी (Chandausi) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के सम्भल ज़िले में स्थित एक नगर है। इसको पुराने समय में चाँदसी नगरी के नाम से जाना जाता है।[1][2] चंदौसी: मिनी काशी, मिनी वृंदावन और देशभक्ति का संगम उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित चंदौसी (स्थापना 1755) केवल एक व्यापारिक केंद्र नहीं, बल्कि आस्था, शिक्षा और साहस की एक अद्भुत मिसाल है। इसे 'चांद सी नगरी' भी कहा जाता है। 1. आध्यात्मिक पहचान (मिनी काशी और मिनी वृंदावन) मिनी काशी: यहाँ शिव मंदिरों की अधिकता और आध्यात्मिक वातावरण के कारण इसे 'मिनी काशी' के रूप में पूजा जाता है। बड़ा महादेव और पातालेश्वर जैसे मंदिर यहाँ की शिव भक्ति के केंद्र हैं। मिनी वृंदावन: रामबाग रोड पर स्थित प्राचीन वेणु गोपाल जी मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और भक्ति के कारण शहर को 'मिनी वृंदावन' की पहचान देता है। यहाँ का वातावरण और सेवा पद्धति बिल्कुल मथुरा-वृंदावन जैसी है। नई आस्था: रामबाग रोड पर ही स्थित खाटू श्याम मंदिर अब भक्तों की श्रद्धा का एक बड़ा केंद्र बन चुका है, जहाँ राजस्थान के सीकर जैसी भव्यता देखने को मिलती है। 2. ऐतिहासिक शिक्षा और गौरव (S.M. कॉलेज) स्थापना: शहर की सबसे बड़ी शैक्षणिक धरोहर S.M. Degree College है। इसकी स्थापना अंग्रेजों के समय में महारानी रानी राम कली ने की थी, जो शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। वीरता की नर्सरी: इस कॉलेज का विशाल मैदान (S.M. College Ground) युवाओं के लिए 'सपनों की कर्मभूमि' है। यहाँ शहर और आसपास के गाँवों के युवा सुबह-शाम सेना (Army) और पुलिस की तैयारी के लिए पसीना बहाते हैं। यहाँ से निकले कई वीर आज देश की सीमाओं पर अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। 3. क्रांतिकारी और शहरी विरासत आजादी की यादें: आवास विकास कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में पार्कों का नाम क्रांतिकारियों और महान राजनीतिज्ञों के नाम पर रखा गया है, जो शहर की देशभक्ति को दर्शाता है। प्राचीन रहस्य: लक्ष्मणगंज में हाल ही में मिली 150 साल पुरानी प्राचीन बावड़ी (Stepwell) यहाँ के ऐतिहासिक महत्व को और गहरा करती है, जिसका संबंध 1857 की क्रांति से माना जाता है। ZRTI: 1925 से स्थापित ज़ोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भारतीय रेलवे के सबसे पुराने और प्रमुख प्रशिक्षण केंद्रों में से एक है। 4. स्वाद और पहचान (गजक और रेवड़ी) सर्दियों में चंदौसी की महक यहाँ की गजक और रेवड़ी से पहचानी जाती है। स्वाद और शुद्धता के लिए यहाँ के पारंपरिक हलवाई पूरे उत्तर प्रदेश में प्रसिद्ध हैं: मुंसिफ रोड: ज्योति हलवाई। बिसौली गेट: सेठ हलवाई। मुरादाबाद गेट: मंगल सेन हलवाई। कल्लू हलवाई: जो अपनी पुरानी विरासत के लिए जाने जाते हैं। 5. व्यापार और संस्कृति चंदौसी शुरू से ही 'कच्ची खांड' (चीनी), कपास और अनाज का एक बड़ा व्यापारिक हब रहा है। यहाँ की गणेश चतुर्थी का मेला और शोभायात्रा पूरे भारत में अपनी भव्यता के लिए मशहूर है। निष्कर्ष: चंदौसी एक ऐसा शहर है जहाँ महारानी राम कली की शिक्षा, वेणु गोपाल की भक्ति, सेना में जाने का जज्बा और मिठाइयों की मिठास एक साथ बसती है।

चन्दौसी दिल्ली से लगभग १४० किमी पूर्व में तथा मुरादाबाद नगर से ४० किमी दक्षिण में स्थित प्रसिद्ध व्यापारिक मंडी है। अलीगढ़, खैर, मेरठ, बरेली, नैनीताल और सहारनपुर के बीच में स्थित होने के कारण इस मंडी का केंद्रीय महत्व है। [3][4]सड़कों और रेलों का प्रसिद्ध जंकशन है। यहाँ भारत का प्रसिद्ध टेर्निंग काॅलेज हैं जो रेलवे स्टेशन के निकट स्थित है। गेहूँ, चावल, मक्का, सरसों, जौ ताथ नमक का व्यापार होता है। चंदौसी का घी शुद्धता के लिये उत्तरी भारत में प्रसिद्ध है। कपास से विनौला निकालने की मशीनें भी यहाँ हैं। यहाँ से कपास, सन, पटुआ, चीनी और पत्थर बाहर भेजा जाता है। इसके समीप जलविद्युत् केंद्र है।यहाँ गणेश चौथ का मेला लगता है और ये मुंबई के बाद यहाँ लगता है। देश की सर्वप्रथम स्वचालित मूर्तियां झांकी यहीं प्रस्तुत की जाती हैं। भारत में चंदौसी के गणेश मेला का द्वितीय स्थान है। यहां मिंट आयल का बड़ा काम होता है । चंदौसी के पास आटा गांव स्थान पर पश्चिम उत्तर प्रदेश का मॉल तैयार हुआ है। आध्यात्मिक होने के कारण इसे छोटी मथुरा के नाम से भी जाना जाता है।

ग्राम सूची

[संपादित करें]

इन्हें भी देखें

[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ

[संपादित करें]

सन्दर्भ रामनाथ

[संपादित करें]
  1. "Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716
  2. "Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance Archived 2017-04-23 at the वेबैक मशीन," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975
  3. "संग्रहीत प्रति". मूल से से 22 दिसंबर 2015 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 11 दिसंबर 2015.
  4. "संग्रहीत प्रति". मूल से से 16 दिसंबर 2013 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 11 दिसंबर 2015.