केरल की वास्तुकला

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

केरल की वास्तु कला विशिष्ट प्रकार की है। इसकी विशेषता लालित्य है जिसके उत्तम उदाहरण हैं मंदिर और प्राचीन इमारतें। इनका निर्माण वास्तुविद्या विधि के अनुसार किया गया है। केरलीय वास्तुकला के सौन्दर्य की अभिव्यक्ति केवल मंदिरों में ही नहीं वरन् गिरजाघरों तथा मस्जिदों में भी हुई है। केरल के प्रमुख वास्तुकला से सम्बन्धित ग्रन्थ हैं - तन्त्र समुच्चयम, शिल्पचन्द्रिका, मनुष्यलय चन्द्रिका आदि।