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कांकेर जिला

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कांकेर
नगर / जिला मुख्यालय
कांकेर is located in छत्तीसगढ़
कांकेर
कांकेर
छत्तीसगढ़, भारत में स्थिति
कांकेर is located in भारत
कांकेर
कांकेर
कांकेर (भारत)
निर्देशांक: 20°38′N 81°08′E / 20.63°N 81.14°E / 20.63; 81.14
देशभारत
राज्यछत्तीसगढ़
संभागबस्तर
जिलाकांकेर
जिला गठन25 मई 1998
क्षेत्रफल
  कुल5,285.01 km2 (2,040.55 sq mi)
ऊँचाई388 m (1,273 ft)
जनसंख्या (2011)
  कुल51,385
  घनत्व9.7228/km2 (25.182/sq mi)
समय मण्डलIST (यूटीसी+5:30)
पिन494334
दूरभाष कोड07868
वाहन पंजीकरणCG-19
वेबसाइटkanker.gov.in

कांकेर भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग में स्थित एक नगर एवं जिला मुख्यालय है। यह क्षेत्र प्राचीन ऐतिहासिक महत्व, प्राकृतिक संसाधनों, जनजातीय संस्कृति एवं पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है।

कांकेर का ऐतिहासिक स्वरूप बस्तर रियासत से जुड़ा हुआ है। यह क्षेत्र 14वीं शताब्दी में त्रिकोणीय राजाओं के अधीन था और बाद में मराठा साम्राज्य के अधीन रहा। ब्रिटिश शासनकाल में यह एक रियासत के रूप में बना रहा और स्वतंत्रता के बाद भारत में विलय कर दिया गया। कांकेर 25 मई 1998 को बस्तर जिले से पृथक होकर एक स्वतंत्र जिला बना।

कांकेर ज़िला मध्य भारत में स्थित है, और इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 5285 वर्ग किलोमीटर है। जिले में छोटे पहाड़ी क्षेत्र, पठारी भूमि, घने वन और नदियाँ जैसे दूध, हट्टकुल, सिंदूर और महानदी प्रमुख हैं।

यहाँ की जलवायु उष्णकटिबंधीय है। गर्मियों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचता है, जबकि सर्दियों में तापमान 8-10 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। औसत वार्षिक वर्षा 1300–1500 मिमी होती है।

जनसांख्यिकी

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2011 की जनगणना के अनुसार कांकेर नगर की जनसंख्या लगभग 51,385 है जबकि जिले की कुल जनसंख्या लगभग 7.5 लाख है। लिंगानुपात 1006 महिलाएँ प्रति 1000 पुरुष है और साक्षरता दर 70.3% है। जिले में प्रमुख जनजातियाँ गोंड, हल्बा, मुरिया, और मारिया हैं।

यहाँ की प्रमुख भाषाएँ हैं छत्तीसगढ़ी, गोंडी, बंगाली, हिन्दी, और हल्बी। दैनिक जीवन में छत्तीसगढ़ी एवं हल्बी का अधिक प्रचलन है।

प्रशासन

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कांकेर जिला सात तहसीलों में विभाजित है:

  • कांकेर
  • चारामा
  • नरहरपुर
  • भानुप्रतापपुर
  • अंतागढ़
  • दुर्गुकोंडल
  • पखांजूर

अर्थव्यवस्था

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कांकेर की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है। प्रमुख फसलें हैं: धान, मक्का, चना, सरसों, मसूर इत्यादि। इसके अतिरिक्त यहाँ लघु वनोपज, बांस, लकड़ी, लाख उत्पादन एवं हस्तशिल्प भी आय का प्रमुख स्रोत है।

खनिज संसाधन

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जिले में लौह अयस्क (रावघाट क्षेत्र), बॉक्साइट, क्वार्ट्ज, और सोना जैसे खनिज पाए जाते हैं। रावघाट लौह अयस्क परियोजना क्षेत्रीय औद्योगिकीकरण को बढ़ावा दे रही है।

वन और पर्यावरण

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कांकेर जिले का बड़ा भाग घने वनों से आच्छादित है। प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ हैं: साल, महुआ, तेन्दू, आंवला, और हर्रा

जिले में अनेक शासकीय एवं निजी विद्यालय, महाविद्यालय एवं प्रशिक्षण संस्थान स्थित हैं। वर्ष 2021 में कांकेर में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कांकेर की स्थापना हुई, जिससे चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को बल मिला है।

स्वास्थ्य सेवाएँ

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कांकेर में जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), और उप स्वास्थ्य केंद्र (Sub Center) सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। हाल ही में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल आरंभ किया गया।

  • सड़क मार्ग: कांकेर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर स्थित है, जो इसे रायपुर, जगदलपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे शहरों से जोड़ता है।
  • रेल मार्ग: वर्तमान में कांकेर में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। नजदीकी स्टेशन रायपुर और दल्लीराजहरा हैं।
  • वायु मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा रायपुर (140 किमी) पर स्थित है।

कांकेर का प्राकृतिक सौंदर्य एवं सांस्कृतिक स्थल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं।

  • गड़िया पहाड़ी – शिवधाम नामक प्राचीन गुफाएँ एवं झरना, महाशिवरात्रि पर मेला लगता है।
  • मलाजकुंडम जलप्रपात – दूध नदी का उद्गम स्थल, प्राचीन मंदिर और प्राकृतिक स्थल।
  • शिवानी मंदिर – माँ दुर्गा और काली का संयुक्त स्वरूप दर्शाता एक अद्भुत मंदिर।

प्रमुख त्यौहार

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  • मड़ई – आदिवासी समाज का पारंपरिक मेला
  • हरेली, पोला, तीजा – छत्तीसगढ़ी त्योहार
  • दीपावली, दशहरा, होली – सामान्य भारतीय पर्व

प्रसिद्ध व्यक्ति

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  • राजा भानुप्रताप सिंह – कांकेर रियासत के अंतिम राजा
  • ठाकुर रामप्रसाद पोटाई – प्रसिद्ध आदिवासी नेता

देखें भी

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    बाहरी कड़ियाँ

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