शुंग राजवंश
विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से
शुंग वंश प्राचीन भारत का एक शासकीय वंश था जिसने मौर्य राजवंश के बाद शासन किया । इसका शासन उत्तर भारत में १८७ ई.पू. से 75 ई.पू. तक यानि 112 वर्षों तक रहा था । पुष्यमित्र ने अश्वमेध यज्ञ किया।
[संपादित करें] वंशावली
इस वंश के शासकों की सूची इस प्रकार है -
- पुष्यमित्र शुङ्ग (185 - 149 BCE)
- अग्निमित्र (149 - 141 BCE)
- वसुज्येष्ठ (141 - 131 BCE)
- वसुमित्र (131 - 124 BCE)
- अन्ध्रक (124 - 122 BCE)
- पुलिन्दक (122 - 119 BCE)
- घोष शुङ्ग
- वज्रमित्र
- भगभद्र
- देवभूति (83 - 73 BCE)
कहा जाता है कि पुष्यमित्र शुंग, जो बृहद्रथ मौर्य की सेना का सेनापति था, ने सेना का निरीक्षण करते वक्त बृहद्रथ मौर्य को मार दिया था और सत्ता पर अधिकार कर बैठा था ।पुष्यमित्र ने 36 वर्षों तक शासन किया और उसके बाद उसका पुत्र अग्निमित्र सत्तासीन हुआ । आठ वर्षों तक शासन करने के बाद 140 ईसापूर्व के पास उसका पुत्र जेठमित्र (ज्येष्ठमित्र) शासक बना ।
पुष्यमित्र के शासनकाल की एक महत्वपूर्ण घटना थी पश्चिम से यवनों (यूनानियों) का आक्रमण । वैयाकरण पतञ्जलि, जो कि पुष्यमित्र का समकालीन था ने इस आक्रमण का उल्लेख किया है । कालिदास ने भी अपने नाटक मालविकाग्निमित्रम मे वसुदेव का यवनों के साथ युद्ध का ज़िक्र किया है ।

