वेलेण्टाइन दिवस

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1909 का एक ग्रीटिंग कार्ड

वेलेण्टाइन दिवस (अंग्रेजी: Valentine's Day) 14 फरवरी को हर साल मनाया जाता है। भारत में 1992 के आसपास वैलेण्टाइन डे का प्रचलन प्रारम्भ हुआ। विश्व बाज़ार की प्रतिस्पर्द्धा, आर्थिक उदारीकरण और पाश्चात्य प्रभाव के कारण भारतीय समाज के युवा वर्ग ने भी इसे आत्मसात कर लिया। और तो और सार्वजनिक स्थानों पर प्रेम-प्रदर्शन की पारस्परिक प्रतिस्पर्द्धा शुरू हो गयि।

भारत में जहाँ वीरों के बलिदान-दिवस मनाये जाते थे वहाँ वैलेण्टाइन दिवस मनाये जाने लगे।

ऐतिहासिक तथ्य[संपादित करें]

वेलेण्टाइन डे, रोम के एक पुजारी के नाम पर मनाया जाता है, जो 269 ईसवी में शहीद हो गया था और जिसे 14 फरवरी 269 को फ्लेमिनिया में दफनाया गया था।[1] उसके अवशेष रोम के सेंट फ्रेक्स्ड चर्च और डबलिन (आयरलैण्ड) के स्ट्रीट कामिलैट चर्च में रखे हुए हैं।[2]

एक अन्य विशप टर्नी को भी प्रेम का वेलेण्टाइन बतलाया जाता है जो 197 ई. में सम्राट ऑरोलियन के उत्पीड़न से शहीद हो गये थे। कहा जाता है कि उनका शव भी फ्लेमिनिया में गड़ा है, लेकिन रोम के वेलेण्टाइन की समाधि से अलग स्थान पर उसे दफनाया गया था।[3]

कैथोलिक विश्वकोश भी एक तीसरे सन्त वेलेण्टाइन का नाम बतलाता है जिसके नाम का उल्लेख अभी हाल में ही प्रकाशित शहीदनामा में 14 फरवरी को हुआ है। वह अफ्रीका में अपने एक साथी के साथ शहीद हो गया था। लेकिन इससे अधिक और कुछ उसके बारे में ज्ञात नहीं है।[4]

रोमन कैथोलिक कैलेण्डर से 14 फरवरी की लिस्ट में 1969 में संशोधन करके सन्त का नाम निकाल दिया गया। इसके लिये कारण यह बताया गया कि उसके नाम के अलावा और कुछ भी नहीं पता है। सिवाय इसके कि वह फ्लेमिनिया पर 14 फरवरी को दफनाया गया था। केवल कुछ परम्परावादी कैथोलिक ईसाई उस जगह पर सन्त के अवशेष होने का दावा कर रहे थे।[5]

भारत में वैलेण्टाइन डे[संपादित करें]

भारत में, प्राचीन परम्परा की दृष्टि से कामदेव को काम का देवता माना गया है। खजुराहो की मूर्तियों में काम-क्रिया के भित्ति चित्र भी दर्शाये गये हैं। कामसूत्र नाम का ग्रन्थ भी संस्कृत में उपलब्ध है जिसे आचार्य वात्स्यायन ने लिखा था। इसमें काम-कला का अद्भुत वर्णन मिलता है।[6] मध्य युग के आसपास कामदेव की पूजा समाप्त हो गयी। रामचरितमानस में रति के पति कामदेव को शिव द्वारा भस्म किये जाने का प्रसंग भी मिलता है। 1990 के दशक तक स्वतन्त्र भारत में काम की पूजा को कोई महत्व नहीं दिया जाता था।[6]

1992 के आसपास जब रंगीन टीवी चैनेलों का प्रचार और प्रसार हुआ और विशेष रूप से एमटीवी जैसे पूर्णत: व्यावसायिक टीवी चैनेल बाज़ार में आये तभी से वैलेण्टाइन डे कार्ड्स का प्रचलन प्रारम्भ हुआ।[6] विश्व बाज़ार की प्रतिस्पर्द्धा और आर्थिक उदारीकरण ने इस आग में घी का काम किया। इस प्रकार जिस परम्परा को भारतीय समाज मध्य युग के बाद त्याग चुका था उसे युवा वर्ग ने पाश्चात्य प्रभाव के कारण आत्मसात कर लिया। सार्वजनिक स्थानों पर प्रेम-प्रदर्शन की एक प्रतिस्पर्द्धा सी प्रारम्भ हो गयी।[6]

आसाराम बापू ने वैलेण्टाइन डे को मातृ-पितृ-पूजन-दिवस के रूप में मनाये जाने के लिये युवकों को प्रोत्साहित किया जिससे प्रभावित होकर छत्तीसगढ जैसे राज्य के पब्लिक स्कूलों में इस रोज सार्वजनिक अवकाश तक की घोषणा कर दी गयी।[7] शिव सेना और संघ परिवार के कई संगठनों ने इसे भारतीय संस्कृति पर पश्चिमी अपसंस्कृति का कुप्रभाव बतलाते हुए कई महानगरों में इसके विरोध में वातावरण भी बनाया।[8]

इस सबके बावजूद भारत में इसकी लोकप्रियता के पीछे और कौन-कौन से कारण हो सकते हैं यह भारतीय बुद्धिजीवियों की चिन्ता का विषय बना हुआ है।[9]

भारतीय बुद्धिजीवी वैलेण्टाइन डे की लोकप्रियता के लिये पाश्चात्य साम्राज्यवादी शक्तियों को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनका मानना है कि इसके पीछे उन शक्तियों की मंशा यह है कि कैसे वे वैलेण्टाइन डे के सहारे बाज़ार में अपना माल खपा सकें। हालांकि और भी कई माध्यम इसको हवा देने में जुटे हुए हैं।[10]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Chambers 21st Century Dictionary, Revised ed., Allied Publishers, 2005 ISBN 9780550142108
  2. Ansgar, 1986, Chaucer and the Cult of Saint valentine, pp. 46-58
  3. "Holy Days". Church of England (Anglican Communion). 2012. http://www.churchofengland.org/prayer-worship/worship/texts/the-calendar/holydays.aspx. अभिगमन तिथि: 27 October 2012. "February 14 Valentine, Martyr at Rome, c.269" 
  4. Pfatteicher, Philip H. (1 August 2008). New Book of Festivals and Commemorations: A Proposed Common Calendar of Saints. Fortress Press. प॰ 86. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780800621285. http://books.google.com/books?id=W82FOCZ4hmwC&pg=PA86. अभिगमन तिथि: 27 October 2012. "IO February 14 The Lutheran Service Book, with its penchant for the old Roman calendar, commemorates Valentine on this date." 
  5. Leigh Eric Schmidt, "The Fashioning of a Modern Holiday: St. Valentine's Day, 1840–1870" Winterthur Portfolio 28.4 (Winter 1993), pp. 209–245.
  6. "India's fascination with Valentine's Day. The BBC's Vijay Rana explains how Valentine's Day has replaced more traditional celebrations of love in India". BBC. 14 February 2002. http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/1820440.stm 
  7. Now, Asaram Bapu slams 'moral degradation' of India's youth, ExpressIndia, 16 January 2013
  8. Anil Mathew Varughese (2003). "Globalization versus cultural authenticity? Valentine's Day and Hindu values". In Richard Sandbrook. Civilizing globalization: a survival guide. SUNY series in radical social and political theory (illustrated ed.). SUNY Press. प॰ 53. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-7914-5667-5. http://books.google.es/books?id=XSZD-bpo3S8C 
  9. Hindu and Muslim anger at Valentine's. BBC. 2003-02-11. http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/2749667.stm 
  10. Sharma, Satya (1996). "The cultural costs of a globalized economy for India". Dialectical Anthropology 21 (3–4): 299–316. doi:10.1007/BF00245771.