संस्कृति
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संस्कृति (Culture) किसी समाज में गहराई तक व्याप्त गुणों के समग्र रूप का नाम है जो उस समाज के सोचने, विचारने, कार्य करने, खाने-पीने, बोलने, नृत्य, गायन, साहित्य, कला, वास्तु आदि में परिलक्षित होती है। संस्कृति का वर्तमान रूप किसी समाज के दीर्घ काल तक अपनायी गयी पद्धतियों का परिणाम होता है।
संस्कृति ब्रह्म की भाँति अवर्णनीय हैं। वह व्यापक अनेक तत्त्वों क बोध कराने वाली, जीवन की विविध प्रवृत्तियों से सम्बंधित हॅ, अतः विविध अर्थों तथा भावों में उसका प्रयोग होता हॅ। इस प्रकार यह एक पकड में न आने वाला शब्द बन गया हॅ। समाज जीवन के शरीर को लेकर जिन बाह्य आचारों की सृष्टि हुई हॅ, मानव मन की बाह्य प्रवृत्तिमूलक प्रेरणाओं से जो कुछ विकास हुआ हॅ, उसे सभ्यता कहेंगे ऑर उसकी अन्तर्मु़खी प्रवृत्तियों से जो कुछ बना हॅ, उसे संस्कृति कहेंगे। दीपक की लॉ सभ्यता है और उसके अन्दर भरा स्नेह संस्कृति हॅ। सभ्यता यौवन का रूप हॅ, संस्कृति उसका सौन्दर्य है।
-(रामनाथ सुमन, सम्मेलन पत्रिका, लोक संस्कृति अंक,१९७३, सम्पादकीय, पृ० ७)

