राजस्थानी भाषा

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राजस्थान प्रदेश की मुख्य भाषा है। इसकी मुख्य बोलियां हैं मारवाड़ी और मेवाड़ी। राजस्थानी भारत के अतिरिक्त पाकिस्तान में भी भारत से सटे इलाकों में बोली जाती है। जोधपुर और उदयपुर विश्वविद्यालयों में राजस्थानी शिक्षण की व्यवस्था है। इसे वर्तमान में देवनागरी में लिखा जाता है।


राजस्थानी भाषा भारत के राजस्थान प्रान्त व मालवा क्षेत्र तथा पाकिस्तान के कुछ भागों में करोड़ों लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषा है। इस भाषा का इतिहास बहुत पुराना है। इस भाषा में प्राचीन साहित्य विपुल मात्रा में उपलब्ध है।इस भाषा में विपुल मात्रा में लोक गीत, संगीत, नृत्य, नाटक, कथा, कहानी आदि उपलब्ध हैं। इस भाषा को सरकारी मान्यता प्राप्त नहीं है। इस कारन इसे स्कूलों में पढाया नहीं जाता है। इस कारन शिक्षित वर्ग धीरे धीरे इस भाषा का उपयोग छोड़ रहा है, परिणामस्वरूप, यह भाषा धीरे धीरे ह्रास की और अग्रसर है। कुछ मातृभाषा प्रेमी अच्छे व्यक्ति इस भाषा को सरकारी मान्यता दिलाने के प्रयास में लगे हुए हैं।

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