भरत (चक्रवर्ती)

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भरत प्राचीन भारत के एक चक्रवर्ती सम्राट थे जो कि हस्तिनापुर के राजा दुष्यन्त तथा रानी शकुन्तला के पुत्र थे अतः एक चन्द्रवंशी राजा थे।[1] भरत के बल के बारे में ऐसा माना जाता है कि वह बाल्यकाल में वन में खेल ही खेल में अनेक जंगली जानवरों को पकड़कर या तो उन्हें पेड़ों से बाँध देते थे या फिर उनकी सवारी करने लगते थे। इसी कारण ऋषि कनव के आश्रम के निवासियों ने उनका नाम सर्वदमन रख दिया।[1]
महाभारत के अनुसार भरत का साम्राज्य सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप में व्याप्त था जिसमें वर्तमान भारत, पाकिस्तान, अफ़्गानिस्तान, उज़्बेकिस्तान, ताज़िकिस्तान, किर्गिज़्तान, तुर्कमेनिस्तान तथा फ़ारस शामिल थे। एक प्रचलित मान्यता है कि उन्हीं के नाम पर भारत देश का नाम भारत पड़ा। लेकिन कुछ ग्रन्थों के मुताबिक भारत नाम मनु के पुत्र भरत के नाम पर भारतवर्ष पड़ा था।

भरत की कथा[संपादित करें]

विश्वामित्र तथा मेनका
शकुन्तला पीछे मुड़कर देखती हुई
शकुन्तला
शकुन्तला दुश्यन्त की याद में

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "महाभारत, संभव पर्व". http://www.sacred-texts.com/hin/m01/m01075.htm. अभिगमन तिथि: २०१२-०५-१४.