प्रायोगिक भौतिकी

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भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में, प्रायोगिक भौतिकी ब्रह्माण्ड के बारे में आँकड़े संग्रहित करने के क्रम में भौतिक परिघटनाओं के प्रेक्षण से सम्बंधित विषय और उप-विषयों की श्रेणी है। इसकी विधियाँ एक विषय से दूसरे विषय में बहुत परिवर्तित होता है जैसे सरल प्रयोग से प्रेक्षण जैसे कैवेंडिश प्रयोग से बहुत जटिल प्रयोगों में से एक वृहद हेड्रॉन संघट्टक तक।

विहंगावलोकन[संपादित करें]

प्रायोगिक भौतिकी, भौतिक विज्ञान के उन सभी क्षेत्रो संगठित रूप है जिनमें आँकड़े अधिग्रहण, आँकड़े अधिग्रहण विधियाँ और विवरणात्मक अध्ययन के साथ (वैचारिक प्रयोगों से परे) प्रयोगशाला का वास्तविक अनुभव करते हैं।

इतिहास[संपादित करें]

वर्तमान प्रयोग[संपादित करें]

सर्न में वृहद हेड्रॉन संघट्टक का एक भाग, एक प्रयोगिक उद्यम

कुछ प्रसिद्ध प्रायोगिक परियोजनाओं के उदाहरण निम्न हैं:

विधियाँ[संपादित करें]

प्रयोगिक भौतिकी में मुख्यतः दो तरह की प्रयोग विधियाँ काम में ली जाती हैं- नियंत्रित प्रयोग और प्राकृतिक प्रयोग। नियंत्रित प्रयोग अक्सर प्रयोगशालाओं में उपयोग होते हैं अर्थात प्रयोगशाला में नियंत्रित वातावरण प्रयोग उपलब्द्ध करवाया जाते हैं। प्राकृतिक प्रयोग ताराभौतिकी या खगोलभौतिकी में उपयोग होने वाले प्रयोग हैं जिनमें खगोलीय वस्तुओं का मापन किया जाता है।

प्रसिद्ध प्रयोग[संपादित करें]

प्रायोगिक तकनीक[संपादित करें]

समयरेखा[संपादित करें]

भौतिकी प्रयोगों की सूची की समयरेखा देखें:

ये भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]