प्रवेशद्वार:अफ़्रीका
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अफ़्रीका प्रवेशद्वारएशिया के बाद अफ़्रीका (अंग्रेजी- ऍफ़्रिका) विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है। यह ३७०.१४' उत्तरी अक्षांश से ३४०.५०' दक्षिणी अक्षांश एवं १७०३३' पश्चिमी देशान्तर से ५१०२३' पूर्वी देशान्तर के मध्य स्थित है। [२] अफ्रीका के उत्तर में भूमध्यसागर एवं यूरोप महाद्वीप, पश्चिम में अंध महासागर, दक्षिण में दक्षिण महासागर तथा पूर्व में अरब सागर एवं हिन्द महासागर हैं। पूर्व में स्वेज भूडमरूमध्य इसे एशिया से जोड़ता है तथा स्वेज नहर इसे एशिया से अलग करती है। जिब्राल्टर जलडमरूमध्य इसे उत्तर में यूरोप महाद्वीप से अलग करता है। इस महाद्वीप में विशाल मरुस्थल, अत्यन्त घने वन, विस्तृत घास के मैदान, बड़ी-बड़ी नदियाँ व झीलें तथा विचित्र जंगली जानवर हैं। अफ्रीका महाद्वीप से होकर मुख्य मध्याह्न रेखा (००) देशान्तर रेखा घाना देश की राजधानी अक्रा शहर से होकर गुजरती है। क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से अफ्रीका एशिया के बाद दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इसी महाद्वीप में सबसे पहले मानव का जन्म व विकास हुआ और यहीं से मानव जाकर दूसरे महाद्वीपों में बसे, इसलिए इसे मानव सभ्यता की जन्मभूमि माना जाता है। यहाँ विश्व की दो प्राचीन सभ्यताओं (मिस्र एवं कार्थेज) का भी विकास हुआ था। अफ्रीका महाद्वीप में अनेक छोटे-बड़े देश हैं। इनमें से बहुत से देश द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्वतंत्र हुए हैं एवं सभी अपने आर्थिक विकास में लगे हुए हैं। जलवायु एवं मिट्टी की भिन्नता के कारण अफ्रीका में भिन्न-भिन्न प्रकार की फसलों की खेती की जाती है। ज्वार-बाजरा, गेहूँ, कैसावा, कपास, मूँगफली, कोको, विभिन्न प्रकार के फल तथा कुछ मसाले जैसे- लौंग अफ्रीका की मुख्य फसलें हैं। उष्णकटिबंध के निम्न भाग की मुख्य उपज चावल है।विस्तार में... बदलें
चयनित लेखफैरो प्राचीन मिस्र के शासकों के लिए आधिनिक चर्चाओं एवं इतिहास में प्रयोग किया जाने वाला शब्द है। पुरालेखों में यह उपाधि उन शासकों के लिए प्रयोग की जाती थी, जो धार्मिक और राजनैतिक दोनों ही तरह के नेता थे। यह वहां के नए राज्य के लिए, खासकर अट्ठारहवें वंश के लिए था। आधुनिक युग में इतिहासवेत्ताओं ने सरलीकरण के लिए इसे सभी कालों के शासकों के लिए प्रयोग करना शुरु कर दिया। इस शब्द का मूल भाषा में अर्थ था राजा का महल, किंतु मिस्री इतिहास में इसका अर्थ मिस्री शब्द न्स्व्त का पर्याय बन गया, जिसका अर्थ शासक। हालांकि शासक अधिकतर पुरुष ही थे, इन्हें न्स्व्त कहा जाता था, किंतु फैरो शब्द स्त्री शासकों के लिए भी प्रयोग हुआ है। आरंभ में शासक वर्ग को एक गौ देवी (बैट का पुत्र माना जाता था, जिसे बाद में हैथर भी कहा गया। समझा जाता था, कि इन्होंने गौमाता की गद्दी लेकर शासन संभाला है, और ये देश पर शासन और धार्मिक कृत्य करेंगें। विस्तार में... बदलें
चयनित चित्रबदलें
चयनित जीवनीनेल्सन रोलीह्लला मंडेला (जन्म १८ जुलाई १९१८) दक्षिण अफ्रीका के भूतपूर्व राष्ट्रपति हैं। राष्ट्रपति बनने से पूर्व दक्षिण अफ्रीका में सदियों से चल रहे अपार्थीड के प्रमुख विरोधी एवं अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस एवं इसके सशस्त्र गुट उमखोंतो वे सिजवे के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी के २७ वर्ष रॉबेन द्वीप पर कारागर में रंगभेद नीति के खिलाफ लडते हुए बिताए। दक्षिण अफ्रीका एवं समूचे विश्व में रंगभेद नीति का विरोध करते हुए जहां श्री मंडेला पूरी दुनिया में स्वतंत्रता एवं समानता के प्रतीक बन गये थे वहीं रंगभेद की नीति पर चलने वाली सरकारें श्री मंडेला को कम्यूनिस्ट एवं आतंकवादी बताती थी और अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस को ऐसे लोगों की पनाहगाह। विस्तार में... बदलें
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चयनित पर्यटन स्थलकाहिरा अफ्रीका महाद्वीप के मिस्र देश की राजधानी है। नील नदी के किराने बसा काहिरा अफ्रीका महाद्वीप का सबसे बड़ा नगर है। अपने 3000 सालों के इतिहास में यह विभिन्न मिस्र शासकों के राज्य की राजधानी रहा। ब्रिटिश काल में भी इसका महत्व बरकरार रहा। मिस्र की राजधानी काहिरा आज औद्योगिकीकरण का प्रतीत है। यह मिस्र की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सांस्कूतिक गतिविधियों का केंद्र व प्रमुख पर्यटन केंद्र है। यहां के पिरामिड तो विश्व प्रसिद्ध हैं ही, यहां के संग्रहालयों और मस्जिदों में मिस्र की संस्कृति के दर्शन होते हैं। प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्फिंक्स, पिरामिड ऑफ चिओप्स, काहिरा टावर, सुल्तान हसन मस्जिद और मदरसा, सक्कारा का सीढ़ीनुमा पिरामिड, गायर-एंडरसन संग्रहालय, सिटाडेल, सैंट बारबरा चर्च हैं। विस्तार में... बदलें
अफ़्रीका भूगोलसंसार की सबसे लम्बी नदी नील नदी है जो अफ्रीका की सबसे बड़ी झील विक्टोरिया से निकलकर विस्तृत सहारा मरुस्थल के पूर्वी भाग को पार करती हुई उत्तर में भूमध्यसागर में उतर पड़ती है। यह भूमध्य रेखा के निकट भारी वर्षा वाले क्षेत्रों से निकलकर दक्षिण से उत्तर क्रमशः युगाण्डा, इथियोपिया, सूडान एवं मिस्र से होकर बहते हुए काफी लंबी घाटी बनाती है जिसके दोनों ओर की भूमि पतली पट्टी के रुप में शस्यश्यामला दीखती है। यह पट्टी संसार का सबसे बड़ा मरूद्यान है। नील नदी की घाटी एक सँकरी पट्टी सी है जिसके अधिकांश भाग की चौड़ाई १६ किलोमीटर से अधिक नहीं है, कहीं-कहीं तो इसकी चौड़ाई २०० मीटर से भी कम है। इसकी कई सहायक नदियाँ हैं जिनमें श्वेत नील एवं नीली नील मुख्य हैं। विस्तार में... बदलें
श्रेणियां[×] अफ्रीका की झीलें
[×] अफ्रीकी संघ
[×] उत्तर अफ़्रीका
[×] कीनिया
[×] नील नदी
[×] मेडागास्कर
[×] सहारा मरुस्थल
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विषय
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