कव्वाली

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कव्वाली (उर्दू: قوٌالی,) भारतीय उपमहाद्वीप में सूफी परंपरा के अंतर्गत भक्ति संगीत की एक धारा के रुप में उभर कर आया। इसका इतिहास 700 साल से भी ज्यादा पुराना है। वर्तमान में यह भारत, पाकिस्तान एवं बांग्लादेश सहित बहुत से अन्य देशों में संगीत की एक लोकप्रिय विधा है। कव्वाली का अंतर्राष्ट्रीय स्वरुप नुसरत फतेह अली खानके गायन से सामने आया।

उदभव[संपादित करें]

कव्वाली की विषय सामग्री[संपादित करें]

कव्वाली का स्वरुप[संपादित करें]

चिश्तिया समुदाय में गायन क्रम[संपादित करें]

पुराने मशहूर कव्वाल[संपादित करें]

आज के मशहूर कव्वाल[संपादित करें]

यह भी देखें[संपादित करें]

References[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

साँचा:सूफीवाद