अल्लाह

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अल्लाह के नाम अरबी में।

अल्लाह (अरबी: اللہ ، अल्लाह्) अरबी भाषा में ईश्वर के लिये शब्द है। इसे मुख्य तौर मुसलमान और अरब ईसाई प्रयोग करते है भगवान का उल्लेख करने के लिये।

इस्लाम में अल्लाह की विचार[संपादित करें]

इस्लाम के बुनियादी विचारों और मुसलमान उलेमा धर्म के सामूहिक सहमत के अनुसार, अल्लाह एक जाति एकमात्र है, इसके सिवा कोई पूजा के योग्य नहीं, उसके लिए कोई छवि (रूप या फोटो या समानता या उदाहरण) नहीं, उसके लिए कोई नजीर (वैकल्पिक या हम पलड़ा) नहीं, उसकी कोई औलाद (बेटा या बेटी) नहीं, उसके कोई माता पिता (इसे बनाने वाला/वाली मां या पिता) नहीं, उसके लिए कोई सअहबह (पार्टनर या पत्नी) नहीं और उसका कोई साझी (संगी या साथी या साथ) नहीं।[1][2]

श्ब्द व्युत्पत्ती[संपादित करें]

अरबी अक्षरों से बना शब्द "अल्लाह":
1. अलीफ़
2. हम्ज़ा वस्ल (همزة وصل)
3. लाम
4. लाम
5. षद्दा (شدة)
6. अलीफ़ (ألف خنجرية)
7. ह्

शब्द अल्लाह अरबी शब्द है। अरबी के इलावा अरहमिक, इब्रानी और अन्य सेमेटिक भाशाओं में भी यह शब्द अल्लाह देखा जासक्ता है। क़ुरान के अवतरण के पहले से ही यह शब्द प्रयोग में रहा है। हज़रत मुहम्मद के पिता का नाम अब्दुल्लाह था यानी "अल्लाह का बन्दा"। हज़रत मुहम्मद पैदा होने से पह्ले गी अब्दुल्ला का देहांत हो गया था। इस का मतलब यह है कि अल्लाह शब्द मुहम्मद या क़ुरान के आने बाद का नहीं है बल्कि पहले का ही है।

अल्लाह शब्द "अल + इलाह" शब्दों से बना है। इलाह शब्द का अर्थ सेमेटिक भाशाओं मे ओर इब्रानी भाशा और पवित्र ग्रन्थों में भी देखा जा सक्ता है, जिस का अर्थ स्थूल रूप से "ईश्वर" है।

क़ुरान में अल्लाह का शब्द और विचार[संपादित करें]

कुरान की शुरूआत होती है "बिस्मिल्लाह हिर्रह्मा निर्रहीम"। मतलब यह कि "शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से, जो दयालु और कृपाशील है"। इस पंक्ती में अल्लाह का अर्थ ईश्वर का है, जिसका नाम लेकर कोई भी कार्य शुरू किया जाता है।

क़ुरान का पहला अध्याय सूरा फ़ातिहा यह प्रकट कर्ता है "अल-हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन, अर-रह्मा निर्रहीम"। अर्थात सारी प्रशंशा उस अल्लाह (ईश्वर) के लिये है, जो सारे जगतों का रब (पालने वाला) है, और वह अमित दयावान और कृपाशील है।

क़ुरान का ११२ वां अध्याह सूरा इक़्लास यह प्रकट करता है

" क़ुल हु अल्लाहु अहद, अल्लाह उस-समद, लम-यलिद, वलम-यूलद वलम-यकुन-लहु कुफ़ुवन अहद"। अर्थात "कह दीजिये (अय मुहम्मद) अल्लाह (ईश्वर) एक है, वह निर-अवसर और निरापेक्ष है, वह न किसी की संतान है न उसकी कोई संतान है, उसकी समानता करने वाला कोई नहीं, वह महान है।"

इन हेतुवों के अर्थ में देखें तो अल्लाह एक है और सर्वांत्र्यामी, सर्व जगत निर्माता को कहा गया है।


अल्लाह के निन्यानबे नाम[संपादित करें]

गुण, विशेशताओं और विशेषणों के आधार प्र अल्लाह के ९९ नाम हैं। पूरा विवरण के लिए देखें अल्लाह के ननानवे नाम/ अल्लाह के निन्यानबे नाम प्रसिद्ध हैं जिनमें से अधिकांश कुरान में हैं। अल्लाह व्यक्तिगत नाम है और यह निन्यानबे गुणों नाम हैं जिन्हें आसमाय अल्लाह हसन कहा जाता है। जैसे रहमान, आलरहीम, आलनोर आदि। अल्लाह के बारे में अधिक विवरण पुस्तकों में मिल सकता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Characteristics of Allah at Sunni Dawate Islami
  2. Attributes of Allah at Shia Source