राशिदुन

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सुन्नी मुसलमानों के लिए पैगम्बर मुहम्मद की मृत्यु के बाद, सन् ६३२ से लकर सन् ६६१ के मध्य के खलीफ़ा (प्रधानों) को राशिदुन या अल खलीफ़ उर्र-राशिदुन (सही दिशा में चलते हुए) कहते हैं । कार्यकाल के अनुसार ये चार खलीफ़ा हैं -

खलीफ़ा, इस्लाम का राजनैतिक तथा धार्मिक प्रधान होता था जिसकी नियुक्ति एक समिति द्वारा या उसके पूर्व के खलीफ़ा द्वारा होती थी । हसन को सन् ६६१ में खलीफ़ा बनाया गया था और उसी साल उनकी मृत्यु हो गई थी । कुछ सुन्नी मुसलमान उन्हें भी राशिदुन कहते हैं ।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]